West Bengal Assembly Election Result 2021 What will happen if TMC wins but Mamata Banerjee Loses

ममता बनर्जी के हारने से पार्टी को क्‍या-क्‍या नुकसान हो सकते हैं? (फाइल फोटो)

West Bengal Assembly Election Result 2021 : पश्चिम बंगाल चुनाव के अब तक आए रुझानों में टीएमसी (TMC) भले ही बहुमत के आंकड़े से आगे चल रही है, लेकिन ममता बनर्जी के नंदीग्राम सीट से पिछड़ने के बाद से ही सवाल उठ रहे हैं कि अगर वह शुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) से हार गईं तो क्या होगा?

नई दिल्‍ली/कोलकाता : 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों में सबसे ज्‍यादा चर्चा पश्चिम बंगाल के चुनाव (West Bengal Assembly Election Result 2021) की हो रही है. पश्चिम बंगाल (West Bengal) के चुनाव पर खास नजर इसलिए भी है, क्‍योंकि केंद्र की सत्तारूढ़ बीजेपी (BJP), पश्चिम बंगाल में 10 साल से शासन कर रही तृणमूल कांग्रेस को सीधे-सीधे टक्कर दे रही है. बीजेपी ने इस चुनाव के लिए पश्चिम बंगाल में ‘दीदी’ ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को हराने के लिए अपना पूरा जोर लगाया है और प्रचार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्री लगातार बंगाल पहुंचे, जबकि तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी यहां तीसरी बार सरकार बनाने की पुरजोर इरादे से मैदान में उतरी हैं. पश्चिम बंगाल चुनाव में जिस एक विधानसभा सीट पर सबकी नजर है, वह है नंदीग्राम सीट. यहां ममता बनर्जी और बीजेपी के शुवेंदु अधिकारी के बीच कड़ी टक्कर है. चुनाव आयोग के सुबह 11.15 बजे तक के आंकड़े के अनुसार, बीजेपी के शुवेंदु अधिकारी 23495 वोट (यानि 57.89 प्रतिशत वोट) हासिल कर चुके थे, जबकि ममता बनर्जी को इस वक्‍त तक 15294 वोट (यानि 37.68 प्रतिशत वोट) मिले. इस तरह दोनों के बीच वोटों का काफी अंतर है. पढ़ें- शुवेंदु अधिकारी के ल‍िए नंदीग्राम सीट जीतना और ममता बनर्जी को हराना इतना अहम क्‍यों है? भले ही राज्‍य में टीएमसी (TMC) बहुमत के आंकड़े से आगे है, लेकिन दीदी के नंदीग्राम सीट से पिछड़ने के बाद से ही सवाल उठ रहे हैं कि कहीं वह इस सीट से अपने प्रतिद्वंद्वी शुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) से मात तो नहीं खा जाएंगी. इसको लेकर पार्टी में भी चिंता है. जानकारों के मुताबिक, पार्टी की जीत, लेकिन दीदी की हार आने वाले वक्‍त में राज्‍य की राजनीति और टीएमसी के प्रभाव को प्रभावित करेगी.कुछ ऐसे ही सवाल और कयास भी स्‍थानीय तौर पर लगने शुरू हो गए हैं कि ममता बनर्जी के हारने से पार्टी को क्‍या-क्‍या नुकसान हो सकते हैं?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम Live

राजनीतिक विश्‍लेषकों का मानना है कि भले ही पार्टी राज्‍य में चुनाव जीत जाए, लेकिन ममता की हारे से तृणमूल कांग्रेस में बगावत के सुर उभर सकते हैं. खासतौर अभिषेक बनर्जी को लेकर पार्टी में नाराजगी बढ़ जाएगी, क्‍योंकि उनका पार्टी पर पूरी तरह से प्रभाव है. यहां तक कि नीतिगत फैसलों में उनका काफी दबदबा रहता है, जिससे कई दिग्‍गज अकसर नाराज़ रहे हैं. अभिषेक को ममता के राजनीतिक वारिस के रूप में देखा-माना जाता है. केवल यही नहीं, हारने पर अभिषेक बनर्जी की वजह से दीदी की छवि को भी झटका लगेगा. टीएमसी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले नेताओं का मानना है कि अब तृणमूल ममता नहीं बल्कि अभिषेक बनर्जी के हाथों में आ चुकी है. इसके लिए ममता काफी वक्त से तैयारी कर रही थीं. शुवेंदु अधिकारी को भी टीएमसी छोड़ने पर मजबूर किया गया.
जानकार यह भी मानते हैं कि एक बड़ी बात ये भी है कि सत्‍ता जाने पर टीएमसी के कई विधायक बीजेपी का रुख भी कर सकते हैं. इससे पार्टी में दीदी की पकड़ ओर भी कमजोर हो जाएगी. ममता बनर्जी को राष्‍ट्रीय स्‍तर पर मोदी विरोध के चहरे के रूप में भी देखा जाता है. समय-समय पर और इस चुनाव उन्‍होंने इस बात पूरा जोर लगाया है क‍ि वह नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी को अकेले दम पर हरा सकती हैं और अगर वह नंदीग्राम सीट से चुनाव हार जाती हैं तो इससे उन्‍हें बड़ा झटका भी लग सकता है.





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