The exercise to return the archaic form of Braj started, UP Energy Minister Shrikant Sharma wrote a letter to CM of 3 states

अयोध्या की तरह ब्रज के विकास के लिए यूपी के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा है.

अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के शुभारंभ के बाद अब भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा-वृंदावन को उसके पुरातन स्वरूप में विकसित करने की कवायद शुरू हो गई है. जिसके तहत मथुरा-वृंदावन के विधायक और योगी सरकार के उर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा ने 3 राज्यों के मुख्यमंत्रियो को पत्र लिखा है.

  • Last Updated:
    March 20, 2021, 8:57 PM IST

लखनऊ. अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के शुभारंभ के बाद अब भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा-वृंदावन को उसके पुरातन स्वरूप में विकसित करने की कवायद शुरू हो गई है. जिसके तहत मथुरा-वृंदावन के विधायक और योगी सरकार के उर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने ब्रज के पुरातन स्वरूप को लौटाने के लिए 3 राज्यों के मुख्यमंत्रियो को पत्र लिखा है. ब्रज की परिक्रमा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हरियाणा और राजस्थान से भी निकलता है. इसलिए श्रीकांत शर्मा ने ये पत्र UP के CM योगी आदित्यनाथ समेत हरियाणा के CM मनोहर लाल खट्टर और राजस्थान के CM अशोक गहलोत के नाम लिखकर ब्रज के विकास के लिये विशेष प्रयास किये जाने का आग्रह किया है.

उर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने इस दौरान तीनो मुख्यमंत्रियो को भेजे गये पत्र मे लिखा है कि ‘ब्रज चौरासी कोस भगवान श्रीकृष्ण के देश व विदेश से आने वाले करोड़ों भक्तों के लिए आस्था का सर्वोच्च केंद्र है. जिसके सम्पूर्ण विकास की आपने लगातार चिंता की है. देश की आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर 75 सप्ताह तक चलने वाला अमृत पर्व इस वर्ष प्रारम्भ हो रहा है. इस दौरान ब्रज के पुरातन स्वरूप को लौटाने के लिए विशेष प्रयासों की जनापेक्षाएं  है.’

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ब्रज के विकास के लिए यूपी के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों को लिखा पत्र.

मोदी के संकल्प को देखते हुए पंचवटी पौधे रोपे जाएंउर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा इस पत्र में ब्रज से जुडे तीनों राज्यो के मुख्यमंत्रियो से विनम्र अनुरोध करते हुए लिखा है कि ‘ब्रज की हरीतिमा लौटाने के लिए माँ यमुना के दोनों किनारों पर एवं 84 कोसी परिक्रमा मार्ग में फलदार वृक्षों का रोपण हो तथा वन विभाग की खाली पड़ी भूमि पर जहाँ केवल बबूल आदि के वृक्ष हैं. वहां पर भी फलदार वृक्षों का रोपण किया जाये. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के दृष्टिगत पंचवटी वृक्षों का भी वृक्षारोपण हो जो पर्यावरण के अनुकूल हैं. आम, अमरूद, नीम, महुआ, जामुन, ताड़, बड़हर, आंवला, कैथा, बेल, गूलर, कटहल, इमली, लसोहड़ा, पाकरी, पीपल, बरगद, मोरछली, कदम आदि भारतीय पौधों का रोपण हो. इन पौधों में पशु-पक्षी भरण पोषण के साथ-साथ अपना आश्रय भी बनाते हैं।

ब्रज के कुंडों में जल छोड़ने और तालाबों की खुदाई पर जोर 

ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने इस दौरान ब्रज के कुंडों में जल छोड़ने व तालाबों की खुदाई के लिए भी अनुरोध किया है, इससे गिरिराज जी की तलहटी सहित अन्य क्षेत्रों में हरीतिमा लौटेगी और भूजल स्तर भी बढ़ेगा. इस दौरान इस पत्र में ब्रज चौरासी कोस की सीमा में बने कई मंदिर व अन्य पौराणिक स्थलों के सुदृढ़ीकरण के लिए भी संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने का अनुरोध किया है।

अतं मे ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि ‘ब्रज चौरासी कोस की परिक्रमा में मथुरा के साथ ही हरियाणा के पलवल व राजस्थान के भरतपुर जिले का हिस्सा भी शामिल है जहां लोकआस्था से जुड़े कई धार्मिक-पौराणिक स्थल मौजूद हैं. ब्रज चौरासी कोस के संपूर्ण विकास के लिए इनके संरक्षण की आवश्यकता है.’




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