Jaipur News: कोरोना के खतरे के बीच रणथंभौर टाइगर रिजर्व में शूट हो रही है फिल्म, उठे सवाल

कोरोना के खतरे के बीच रणथंभैर टाइगर रिजर्व में शूट हो रही है फिल्म.

हैदराबाद में शेरों में कोरोना संक्रमण की खबरों के बीच रणथंभौर टाइगर रिजर्व में फिल्म की शूटिंग की अनुमति देने को लेकर वन विभाग पर उठे सवाल. प्रदेश में बाघों और जू के जीवों को संक्रमण से बचाने की कोशिशों के मद्देनजर वन्यजीव प्रेमी इसे मान रहे खतरा.

जयपुर. केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से तीन दिन पहले ही कोरोना अलर्ट जारी कर दिया गया था. इस अलर्ट में बिग कैट्स में कोविड संक्रमण की संभावना जताई गई थी. उसके बाद अब हैदराबाद जू में एक साथ 8 शेरों में कोरोना के लक्षण पाए गए हैं. हालात को देखते हुए राजस्थान के वन विभाग ने प्रदेशभर के टाइगर रिजर्व और बायोलॉजिकल पार्क, जू में पर्यटन रोक दिया और कोविड रेड अलर्ट जारी कर दिया है. वहीं इतने मुश्किल हालात होने के बावजूद रणथंभौर (Ranthambore) में वन विभाग ने तीन डॉक्यूमेंट्री फिल्म मेकर्स को शूटिंग की इजाजत दी हुई है. ये डॉक्यूमेंट्री दुनिया के तीन बड़े प्रोडक्शन हॉउस के लिए बनाई जा रही है. एक ओर देश और प्रदेश में बाघों और जू के जीवों कोरोना वायरस संक्रमण से बचाने के लिए कोशिशें की जा रही हैं. दूसरी ओर वन विभाग खुद ही रणथंभौर टाइगर रिजर्व के मामले में रिस्क लेते हुए डॉक्यूमेंट्री शूट करने वालों को जंगल में जाने की इजाजत दे रहा है. न्यूज़ 18 की ओर से मामले में सवाल उठाने के बाद में वन विभाग का कहना है कि हमने डॉक्यूमेंट्री फिल्म मेकर्स को तभी या जंगल में जाने की इजाजत दी जब उनके पास में एंट्री के वक्त हर बार आरटी पीसीआर जांच की नेगेटिव रिपोर्ट हो. लेकिन सवाल है कि जब प्रदेश के तीनों टाइगर रिजर्व में पर्यटन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है. सारी एडवांस बुकिंग रद्द कर दी गई हैं.  ऐसे में  इन डॉक्यूमेंट्री फिल्मांकन करने वालों को वन विभाग इतनी ज्यादा तवज्जो क्यों दे रहा है. हैदराबाद में जब एक साथ 8 शेरों को कोरोना वायरस हो सकता है तो फिर क्या राजस्थान के रणथंभौर में नहीं पहुच सकता ? मामले वन विभाग के आला अधिकारियों का कहना है कि हमने केंद्र से मामले में दिशा निर्देश मांगा था. केंद्र ने कहा है कि पर्यटन न कराएं, लेकिन डॉक्यूमेंट्री का काम जारी रखा जा सकता है. ऐसा नहीं है कि रणथंभौर में पहली बार को डॉक्यूमेंट्री बन रही है. इससे पहले भी सैकड़ों डॉक्यूमेंट्री यहां शूट की गई हैं. ऐसे वन विभाग इस बार कोरोना जैसा संकटकाल होते हुए भी डॉक्यूमेंट्री निर्माताओं के इतना नतमस्तक क्यों है. लेकिन के गलियारों में एक बात जरूर सुनाई देती है कि इस मामले में सरकार का दबाव है. इसीलिए विभाग के अधिकारियों को मजबूरन हर कंडीशन में डॉक्यूमेंट्री निर्माताओं को एंट्री की इजाजत देनी पड़ रही है.





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