9 अप्रैल को हो सकती है 11वें दौर की चर्चा, देपसांग मुद्दे पर रहेगी नजर

बीते साल चीनी सेना ने फिंगर 4 और 8 के बीच कई बंकर और दूसरी चीजें तैयार कर ली थीं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

India-China LAC Rift: भारत और चीन ने आपसी रजामंदी से पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा से सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया शुरू की थी. केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने संसद में बताया था कि इस समझौते से भारतीय पक्ष को कोई नुकसान नहीं हुआ है.

नई दिल्ली. भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (India-China LAC Rift) पर तनाव घटाने की कोशिशें जारी हैं. अब दोनों देशों के बीच 11वें दौर की चर्चा 9 अप्रैल को हो सकती है. इस दौरान गोगरा (Gogra), हॉट स्प्रिंग्स (Hot Springs) और देपसांग (Depsang) मैदानों से डिसइंगेजमेंट प्रक्रिया को लेकर बातचीत होगी. इससे पहले भारत-चीन के बीच 10वें दौर की कमांडर स्तर की बातचीत 21 फरवरी को हुई थी. तब मुलाकात करीब 16 घंटे चली थी. खास बात है कि दोनों देशों के बीच डिसइंगेजमेंट प्रक्रिया बीती 10 फरवरी से शुरू हो गई है.

अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय सेना देपसांग में लंबे समय से चलते आ रहे पैट्रोलिंग के मुद्दे को भी सुलझाना चाहता है. 2013 में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (चीनी सेना) के साथ हुई झड़प के बाद यहां तनाव बढ़ गया था. दोनों देशों ने आपसी रजामंदी से डिसइंगेजमेंट प्रक्रिया शुरू की थी. केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में बताया था कि इस समझौते से भारतीय पक्ष को कोई नुकसान नहीं हुआ है.

हालांकि, रक्षा मंत्रालय ने पहले ही साफ कर दिया था कि आगे होने वाली मुलाकातों में गोगरा, हॉट स्प्रिंग्स और देपसांग मैदानों समेत जारी ‘समस्य़ाओं’ पर बात की जाएगी. 5 मई 2020 में पेंगोन्ग झील इलाके में भारत और चीन सेना के बीच झड़प हो गई थी. इसके बाद से ही दोनों देशों ने क्षेत्र में अपनी ताकत बढ़ाना शुरू कर दिया था. हालांकि, हजारों जवानों और हथियारों की तैनाती की बाद भी दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सैन्य स्तर की बातचीत जारी थी.

यह भी पढ़ें: India-China: पैंगोंग के बाद अब देपसांग की बारी, अगली बैठक में भारत उठाएगा मुद्दा- रिपोर्टबीते साल चीनी सेना ने फिंगर 4 और 8 के बीच कई बंकर और दूसरी चीजें तैयार कर ली थीं. साथ ही फिंगर 4 के आगे भारतीय पक्ष की पेट्रोलिंग बंद कर दी थी. इस मुद्दे पर भारतीय सेना ने कड़ी आपत्ति जताई थी. 9वें दौर की सैन्य चर्चा में भारत ने खासतौर से फिंगर 4 से फिंगर 8 तक चीनी सेना के हटने की बात की थी. इलाके में मौजूद पहाड़ों को फिंगर कहा जाता है.

वहीं, चीन भी झील के उत्तरी किनारे पर कई जरूरी चोटियों से भारतीय सेना को वापस बुलाए जाने पर जोर दे रहा था. करीब 5 महीनों पहले भारतीय सेना ने मुखपरी, रेचिन ला और मागर हिल इलाकों में बड़ी संख्या में मौजूदगी दर्ज कराई थी. चीन की तरफ से इन इलाकों में डराने की कोशिशों के बाद भारतीय पक्ष ने यह कार्रवाई की थी.





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