5 राज्यों के विधानसभा चुनावों के एग्जिट पोल पर बोली कांग्रेस- 2 मई का इंतजार करिए

केरल में हर पांच साल में सत्ता परिवर्तन होता रहा है और ऐसे में कांग्रेस को उम्मीद थी कि वह एक बार फिर सत्ता में आएगी.

केरल और असम में अगर कांग्रेस चुनाव जीतने में विफल रहती है तो राहुल गांधी के साथ पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा पर भी सवाल उठेंगे क्योंकि दोनों नेताओं ने इन राज्यों में पूरी ताकत लगाई थी. इन दोनों प्रदेशों में कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में है.

नई दिल्ली. 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों के एग्जिट पोल (मतदान बाद सर्वेक्षण) (5 State Assembly Elections Exit Poll 2021) में कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन करने का अनुमान लगाए जाने के बाद पार्टी ने कहा है कि वह दो मई को आने वाले विधानसभा चुनावों के नतीजों की प्रतीक्षा करेगी. ज्यादातर एग्जिट पोल में यह अनुमान लगाया गया है कि असम और केरल में कांग्रेस का सत्ता में वापसी का सपना पूरा नहीं पाएगा और पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में भी उसे करारी शिकस्त झेलनी पड़ेगी. तमिलनाडु में द्रमुक की अगुवाई और कांग्रेस की मौजूदगी वाले गठबंधन की जीत का अनुमान लगाया गया है. केरल में वाम गठबंधन बनाएगी दोबारा सरकार हालांकि, पार्टी का कहना है कि दो मई तक का इंतजार करना चाहिए जब चुनाव के परिणाम आएंगे. इन एग्जिट पोल के अनुमान के मुताबिक अगर केरल में वाम गठबंधन सत्ता में बरकरार रह जाता है तो यह न सिर्फ कांग्रेस बल्कि पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के बड़ा झटका होगा. केरल में हर पांच साल में सत्ता परिवर्तन होता रहा है और ऐसे में कांग्रेस को उम्मीद थी कि वह एक बार फिर सत्ता में आएगी. कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में केरल की अधिकत सीटों पर जीत दर्ज की थी. खुद राहुल गांधी भी केरल की वायनाड से लोकसभा सदस्य हैं.असम में जीत दोहराएगी बीजेपी केरल में अगर माकपा की अगुवाई वाला गठबंधन एलडीएफ जीतता है तो प्रदेश में यह चार दशक में पहली बार होगा कि कोई गठबंधन लगातार दो कार्यकाल के लिए चुना गया है. अधिकतर एग्जिट पोल में केरल की ही तरह असम में भी कांग्रेस के विरोधी गठबंधन यानी भाजपा की अगुवाई वाले गठबंधन की जीत का अनुमान लगाया गया है. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर उठेंगे सवाल
केरल और असम में अगर कांग्रेस चुनाव जीतने में विफल रहती है तो राहुल गांधी के साथ पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा पर भी सवाल उठेंगे क्योंकि दोनों नेताओं ने इन राज्यों में पूरी ताकत लगाई थी. इन दोनों प्रदेशों में कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में है. ये भी पढ़ेंः- केंद्र सरकार ने कहा-अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीज के बारे में परिजनों को बताने का हो इंतजाम अगर चुनाव नतीजे इन अनुमानों के मुताबिक ही रहते हैं तो फिर गांधी परिवार एक बार फिर से पार्टी के ‘जी 23’ समूह के नेताओं के निशाने पर आ सकता है. ऐसी चर्चा है कि इस समूह के नेता अपना अगल कदम उठाने के लिए इन चुनाव नतीजों की प्रतीक्षा कर रहे हैं. गुलाम नबी आजाद और आनंद शर्मा इस समूह के प्रमुख नेता हैं.

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘‘एग्जिट पोल हमेशा अनुमान होते हैं जो चर्चा की भूमिका तैयार करते हैं. कांग्रेस ने ये चुनाव एकजुट होकर लड़ा है और हमें जनादेश आने की प्रतीक्षा करेंगे.’’ पार्टी के वरिष्ठ नेता अश्विनी कुमार का कहना है कि एग्जिट पोल का अनुमान कांग्रेस के लिए निराशाजनक हैं, लेकिन वह इससे बेहतर नतीजे की उम्मीद करते हैं.





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