दुर्गा पूजा में, मोबाइल ऐप के जरिए करानी होगी प्री-बुकिंग, जानिए पूरा प्रोसेस

0
2
इस दुर्गा पूजा नहीं मिलेगा भोग

नई दिल्ली. कोरोना काल में लोगों के रहन-सहन के तरीके के साथ ही जीवन की कई चीजे बदल गई हैं. कोरोना का असर त्यौहारी सीजन पर खासा नजर आ रहा है. हर साल बड़ी ही धूमधाम से मनाए जाने वाला दुर्गाउत्सव इस बार दुर्गा पूजा में बदल गया. 22 अक्टूबर से शुरू होने जा रही दुर्गा पूजा के लिए बुधवार को पंचमी पर पांडालों में प्रतिमा स्थापित होंगी. विभिन्न आयोजन समिति ने पांडाल को फूलों और लड़ियों से सजाने, भक्तों के लिए व्यवस्था आदि की तैयारी कर ली है. पांडाल में तिलक लगाने, प्रतिमा छूने और प्रसाद चढ़ाने की मनाही रहेगी. भक्त दूर से माता के दर्शन कर आशीर्वाद लेंगे. इसके अलावा भक्त मोबाइल ऐप के माध्यम से पूजा की लाइव-स्ट्रीमिंग देख पाएंगे. अष्टमी भोग पर हजारों लोग मां दुर्गा का प्रसाद ग्रहण करते हैं, लेकिन इस बार भोग का आयोजन नहीं किया जाएगा.

दिल्ली सरकार ने जारी किए दिशा निर्देश
दिल्ली सरकार के इन दिशानिर्देशों ने भले ही भव्य समारोहों को प्रतिबंधित कर दिया हो, लेकिन तरीके से माँ दुर्गा का स्वागत सुनिश्चित किया जा रहा है. निर्धारित मानदंडों के अनुसार आपको पूजा पंडाल में जाने से पहले संबंधित आवेदन पर खुद को पंजीकृत करना होगा. फेस मास्क पहनना और सामाजिक दूरी बनाए रखना अनिवार्य है. दक्षिण दिल्ली में सोशल नेटवर्किंग साइटों के माध्यम से घर पर रहते हुए 22 अक्टूबर को घट पूजा में भाग लिया जा सकता है. यहां पर दुर्गा पूजा समिति फेसबुक, यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर लाइव स्ट्रीमिंग कर रही है.

ये भी पढ़ें: बंगाल: कलकत्ता हाईकोर्ट ने पूजा पंडालों को घोषित किया नो-एंट्री जोन, केवल इन्‍हें मिलेगी एंट्रीइन जगहों पर शारीरिक दूरी बनाकर करना होगा दर्शन

हर साल देहरादून दुर्गा बाड़ी पूजा समिति, दुर्गा बाड़ी रायपुर, यंग ब्वायज क्लब ओल्ड डालनवाला, बंगाली लाइब्रेरी करनपुर, काली बाड़ी पूजा समिति आराघर में भव्य समारोह होता है, लेकिन इस बार कोरोनाकाल के चलते दुर्गा पूजा सादगी से मनाई जाएगी. सांस्कृतिक आयोजन, महिलाओं के संगीत कार्यक्रम, शोभा यात्रा नहीं होंगे. कुछ जगह भक्तों को ऑनलाइन तो कहीं, शारीरिक दूरी बनाकर दर्शन कराए जाएंगे. पांच दिनों तक चलने वाली पूजा के लिए बुधवार सुबह महिलाएं व्रत रखकर माता के लिए भोग के रूप में नारियल का लड्डू बनाएंगी.

निजी स्थान पर मास्क और शिल्ड होगी जरुरी
पंडारा रोड पूजा समिति ने भी अपनी पूजा को एक निजी स्थल पर ट्रांसफर कर दिया है. समिति के अध्यक्ष गौतम बोस कहते हैं, “हम एक निजी पूजा कर रहे हैं यानी केवल सदस्यों तक ही सीमित वह होगी. इस वर्ष कोई सार्वजनिक पूजा नहीं की जा रही है. जो लोग पूजा में उपस्थित रहेंगे उन्हें फेस मास्क और शिल्ड लगाना जरुरी होगा.

ये भी पढ़ें: अब घर बैठे लें दुर्गा पूजा का आनंद, Xiaomi ने शुरू की नई पहल

अराम बाग पूजा समिति ने भी 21 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक अपनी पूजा को नारायण सत्संग मंदिर, रानी झाँसी परिसर (दिल्ली) में स्थानांतरित कर दिया है. यहां पर पिछले साल 16 फीट की मूर्ति की स्थापना की गई थी जो इस साल मात्र साढ़े तीन फीट लंबी है. समिति के अध्यक्ष, अभिजीत बोस का कहना है कि “इस वर्ष, यह केवल दुर्गा पूजा है, न कि दुर्गोत्सव. क्लीनर, रसोई कर्मचारी सहित सभी श्रमिकों का परीक्षण पूर्व में किया जा रहा है. एक समय में केवल 40 लोगों को अनुमति दी जाएगी. बुजुर्गों को मास्क प्रदान किया जाएगा.

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here