बंगाल की खाड़ी में मानसून बरकरार, जानें कब होगी विदाई, कहां के लिए भारी बारिश का अलर्ट | nation – News in Hindi

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दिल्ली-NCR में जलभराव, कई राज्यों में अगले 5 दिन भारी बारिश की संभावना, IMD का अलर्ट

कोलकाता. बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहे कम दबाव के क्षेत्र के कारण रविवार से समूचे पश्चिम बंगाल (West Bengal) में बारिश (Rain) की संभावना है. मौसम विभाग (IMD) ने यह जानकारी दी. मौसम विभाग ने शनिवार को कहा कि कम दबाव के क्षेत्र के उत्तर में गंगीय पश्चिम बंगाल (west Bengal) में बढ़ने की संभावना है जिससे तटीय क्षेत्रों और इससे लगे जिलों पूर्वी मिदनापुर, दक्षिण और उत्तर 24 परगना, हावड़ा, कोलकाता और हुगली में भारी बारिश होगी. इसके कारण बीरभूम के कुछ इलाकों, पूर्वी और पश्चिमी मिदनापुर और झारग्राम जिले में सोमवार से भारी से बेहद भारी बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने कहा है कि बारिश बुधवार तक जारी रह सकती है. मौसम विभाग ने मछुआरो को 20 से 22 सितंबर तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है.

केरल में भारी बारिश की आशंका, रेड एवं ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने केरल के इडुक्की, कन्नूर एवं कसारगोड जिलों में शनिवार एवं रविवार को भारी बारिश का अनुमान व्यक्त किया है. इसके बाद विभाग ने ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है और अब अधिकारी एहतियातन लोगों को सुरक्षित इलाके में भेजने की तैयारी कर रहे हैं. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 20 सितंबर को उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी तथा पास के इलाके में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है और इसके प्रभाव में केरल में 19—21 सितंबर के बीच बारिश एवं कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.

प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से कई स्थानों पर भारी बारिश हो रही है. मौसम विभाग की आज सुबह की रिपोर्ट के अनुसार कोझीकोड जिले के वडाकरा में 10 सेमी बारिश हुयी है जबकि कसारगोड जिले के होसदुर्ग में नौ सेमी, कन्नूर के तालिपराम्बु एवं कसारगोड के कुडुलू में सात-सात सेमी बारिश दर्ज की गयी है. प्रदेश के आठ जिलों में शनिवार को और छह जिलों में रविवार को ऑरेंज अलर्ट (भारी से बाहुत भारी बारिश की चेतावनी) जारी किया गया है.सूत्रों ने बताया कि अलर्ट को देखते हुये, नौसेना, भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों, पुलिस, दमकल बलों को किसी भी आपात स्थिति के मद्देनजर तैयार रहने के लिये कहा गया है. उन्‍होंने बताया कि जिन जिलों में रेड एवं आरेंज अलर्ट जारी किये गये हैं, वहां आपदा के लिहाज से संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को एहतियात के तौर पर शिविरों में भेजा जाएगा. रात के दौरान बारिश के तेज होने की संभावना है और इसके मद्देनजर भूस्खलन और मिट्टी धंसने वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को एहतियात के तौर पर दिन के समय ही सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जायेगा.

केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा है कि पहाड़ी क्षेत्रों में शाम सात बजे से सुबह सात बजे तक रात के दौरान आवागमन को प्रतिबंधित कर दिया गया है. मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की चेतावनी दी गयी है क्योंकि 40 से 45 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से हवा चलने की संभावना है.

मानूसन के जाने की शुरुआत अगले सप्ताह से होने की संभावना, ओडिशा में भारी वर्षा के आसार: मौसम विभाग
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को कहा कि दक्षिण पश्चिम मानसून के जाने की शुरुआत अगले सप्ताह के अंत तक होने की संभावना है. वहीं ओडिशा में भारी वर्षा के आसार बन रहे हैं क्योंकि 20 सितंबर के आसपास बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का एक क्षेत्र बनने की संभावना है. दिल्‍ली में शुक्रवार को लगातार 11वें दिन वर्षा नहीं हुई, हालांकि मौसम विभाग के पूर्वानुमान में हल्की बूंदाबांदी की संभावना जतायी गई थी.

मानसून हालांकि अभी समाप्त नहीं हुआ है लेकिन सफदरजंग वेधशाला ने पिछली बार वर्षा (1.3 मिलीमीटर) आठ सितम्बर को दर्ज की थी. उल्लेखनीय है कि सफदरजंग वेधशाला के आंकड़ों को शहर का प्रतिनिधि आंकड़ा माना जाता है. पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में बारिश नहीं होने से तापमान में वृद्धि दर्ज की गई है. शुक्रवार को शहर के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और 40 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया. मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी में सितंबर में अब तक 78 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है. कुल मिलाकर, एक जून से मानसून शुरू होने के बाद से शहर में 617.8 मिमी सामान्य की तुलना में 576.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है.

आईएमडी ने यह भी कहा है कि मानसून के दिल्ली में लंबे समय तक रहने और इसके जाने की शुरुआत ‘अक्टूबर के शुरुआती दिनों’ में होने की संभावना है. मौसम विभाग ने कहा कि हालांकि दक्षिणपश्चिम मानसून की पश्चिम राजस्थान से वापसी अगले सप्ताह के अंत तक शुरू होने की संभावना है. विभाग ने कहा कि अगले दो दिनों में मानसून की वापसी के लिए स्थितियां अनुकूल होने की संभावना है. उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में भी तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया जा रहा है.

मानसून की वापसी की तारीखों में हुआ संशोधन
भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा, ‘ये उन मौसम के ‘पैटर्न’ में से एक है जो हम तब देखते हैं कि जब मानसून के जाने के लिए स्थितियां अनुकूल होती हैं. हम 20 सितंबर के बाद पश्चिम राजस्थान में मानसून की बारिश की संभावना नहीं देखते हैं.’ आईएमडी ने इस वर्ष मानसून की वापसी की तारीखों को संशोधित किया है. नयी सारणी के अनुसार, मानूसन के 17 सितंबर को वापस जाने की उम्मीद थी. हालांकि, बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र के कारण इसमें देरी हुई है.

पश्चिम राजस्थान से दक्षिण पश्चिम मानसून की वापसी से ठंड के लिए भी स्थितियां अनुकूल बनती हैं. मध्य और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में अगले दो दिनों के दौरान भारी वर्षा होने की उम्मीद है. आईएमडी ने केरल, गोवा तथा कर्नाटक एवं महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में शनिवार के लिए आरेंज चेतावनी जारी की है. ओडिशा, आंध्र प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र और गोवा के लिए रविवार को भी आरेंज चेतावनी जारी की गई है. अभी तक देश में सामान्य से सात प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है.

ओडिशा में, राज्य सरकार ने जिला प्रशासनों से कहा है कि वह किसी भी बाढ़ जैसी स्थिति और भूस्खलन से निपटने के लिए तैयार रहें क्योंकि 20 सितंबर के आसपास उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में एक कम तबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है. इसके प्रभाव में, ओडिशा के कई हिस्सों में 23 सितंबर तक तेज वर्षा होने की संभावना है. विभाग ने कहा कि इस अवधि के दौरान कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है. उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी और पास के पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर 45-55 किमी प्रतिघंटे की गति से सतही हवा चल सकती है.

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मौसम केंद्र ने मछुआरों को 20 सितंबर से ओडिशा तट से गहरे समुद्र में नहीं उतरने की सलाह दी है और कहा कि गहरे समुद्र में रहने वालों को रविवार तक तट पर लौटने की सलाह दी जाती है. मौसम के पूर्वानुमान के मद्देनजर, विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) पी के जेना ने जिलाधिकारियों को एक सलाह जारी की और उनसे कहा कि वे बाढ़ जैसी किसी भी स्थिति और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन से निपटने के लिए तैयार रहें. एसआरसी ने जिलाधिकारियों से स्थिति पर बारीकी से नजर रखने के लिए कहा.

इस बीच, महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में भारी वर्षा के बाद, जयकवाड़ी बांध के सभी 27 गेट खोल दिए गए हैं. जयकवाड़ी बांध से छोड़े जाने वाला पानी 94,320 क्यूसेक (क्यूबिक फुट प्रति सेकंड) तक पहुंच गया है और राजस्व विभाग को अलर्ट पर रखा गया है. हालांकि, उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क और आर्द्र बना रहा. पंजाब और हरियाणा में उमस भरे मौसम से कोई राहत नहीं मिली क्योंकि पारा सामान्य स्तर से ऊपर दर्ज किया गया.

हरियाणा में सबसे अधिक तापमान हिसार में 39.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक है. दोनों राज्यों की साझा राजधानी चंडीगढ़ में भी उमस रही और वहां अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. पंजाब में, पटियाला में अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री अधिक था.

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