फिल्म बॉम्बे वेलवेट में रणवीर को कास्ट नहीं कर पाए अनुराग कश्यप, जानिए क्यों | bollywood – News in Hindi

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फिल्म बॉम्बे वेलवेट में रणवीर को कास्ट नहीं कर पाए अनुराग कश्यप, जानिए क्यों

अनुराग कश्यप और रणवीर सिंह.

अनुराग कश्यप (Anurag Kashyap) ने आगे कहाकि, मैं रणवीर सिंह (Ranveer Singh) को फिल्म बॉम्बे वेलवेट में कास्ट करना चाहता था, लेकिन इसमें दूसरी समस्याएं आईं. प्रोड्यूस कर रहे स्टूडियो ने कहा कि अगर मैं रणवीर के साथ फिल्म बनाऊंगा तो वे मुझे पैसा नहीं देंगे.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    September 19, 2020, 10:43 PM IST

मुंबई. सुशांत सिंह राजपूत की संदेहास्पद मौत के बाद बॉलीवुड में चल रही इनसाइडर-आउटसाइडर डिबेट (Insider-Outsider Debate) पर फिल्ममेकर अनुराग कश्यप (Anurag Kashyap) ने अपनी अहम राय रखी है. कश्यप ने कहा है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म ने आउटसाइडर्स को अपना टैलेंट साबित करने के पहले से अधिक अवसर दे दिए हैं.

अनिल कपूर की फैमिली से रिश्तेदारी होने के बावजूद रणवीर सिंह (Ranveer Singh) को अपने करियर के शुरुआती दौर में जमकर स्ट्रगल करनी पड़ी. अनिल कपूर की पत्नी सुनीता कपूर और रणवीर के पिता जगजीत सिंह भवनानी कजिन हैं. इस तरह से उनका अनिल कपूर से दूर का रिश्ता है.

जर्नलिस्ट फाय डिसूजा को दिए इंटरव्यू में अनुराग ने कहा कि, ‘रणवीर सिंह ने फिल्म शैतान के लिए ऑडिशन दिया था लेकिन उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया था. कश्यप ने आगे कहाकि, मैं रणवीर को फिल्म बॉम्बे वेलवेट में कास्ट करना चाहता था, लेकिन इसमें दूसरी समस्याएं आईं. प्रोड्यूस कर रहे स्टूडियो ने कहा कि अगर मैं रणवीर के साथ फिल्म बनाऊंगा तो वे मुझे पैसा नहीं देंगे. इसके बाद रणवीर को इस फिल्म से रिजेक्ट कर दिया गया, लेकिन अब वह स्टार हैं.

फिर रणबीर कपूर को दिया लीड रोल मजबूरी में रणवीर सिंह को कास्ट नहीं कर पाने के बाद अनुराग ने रणबीर कपूर बतौर एक्टर शामिल करके 2015 में फिल्म बॉम्बे वेलवेट बनाई. इसमें रणवीर के अपोजिट में अनुष्का शर्मा थीं. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिर गई और क्रिटिक्स ने इस फिल्म की जमकर आलोचना की.

कश्यप ने इस इंटरव्यू में फिल्म इंडस्ट्री में चल रही नेपोटिज्म डिबेट पर खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि, नेपोटिज्म डिबेट वर्ष सन 2000 के समय ठीक थी. अब ओटीटी प्लेटफॉर्म आने के बाद इस डिबेट का कोई मजबूत आधार नहीं है.

ओटीटी पर आउटसाइडर्स के लिए बहुत अवसर हैं. एक दौर था जब मैंने और कंगना ने नेपोटिज्म के खिलाफ खुलकर लड़ाई लड़ी थी. जब क्वीन बन रही थी तो उस फिल्म पर कितने लोगों ने भरोसा जताया था? किसी ने भरोस नहीं किया था. हमने ऐसी फिल्म बनाई जो सुपरहिट हुई. अन्य प्रोफेशन की तरह बॉलीवुड में भी पहले अपने लोगों को सपोर्ट किया जाता था.

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