शोपियां एनकाउंटर मामले में निष्पक्ष जांच होगी, नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं: आर्मी चीफ | nation – News in Hindi

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शोपियां एनकाउंटर मामले में निष्पक्ष जांच होगी, नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं: आर्मी चीफ

आर्मी चीफ ने कहा है कि शोपियां एनकाउंटर केस में जांच पूरी निष्पक्षता बरती जाएगी. (तस्वीर-ANI)

आर्मी को ‘प्रथम दृष्टया’ (Prima Facie) साक्ष्य मिले हैं कि उसके जवानों ने कश्मीर के शोपियां जिले में हुई एक मुठभेड़ (Shopian Encounter) में सशस्त्र सेना विशेषाधिकार कानून (अफस्पा) के तहत मिली शक्तियों का उल्लंघन किया.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    September 18, 2020, 11:59 PM IST

नई दिल्ली. आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे (Manoj Mukund Naravane) ने कहा है कि शोपियां एनकाउंटर मामले में बेहद निष्पक्षता के साथ जांच की जाएगी. आर्मी चीफ ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा है-अमशीपुरा केस (शोपियां एनकाउंटर केस) की जांच निष्पक्षता से होगी और हम इसे तार्किक अंत तक लेकर जाएंगे. भारतीय सेना ऑपरेशन के दौरान प्रोफेशनल कंडक्ट के लिए पूरी तरह समर्पित है.

इससे पहले खबर आई थी कि आर्मी को ‘प्रथम दृष्टया’ (Prima Facie) साक्ष्य मिले हैं कि उसके जवानों ने कश्मीर के शोपियां जिले में हुई एक मुठभेड़ (Shopian Encounter) में सशस्त्र सेना विशेषाधिकार कानून (अफस्पा) के तहत मिली शक्तियों का उल्लंघन किया. इस संबंध में अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है. अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. इस वर्ष जुलाई में यह मुठभेड़ हुई थी और इसमें तीन लोग मारे गए थे.

जांच को चार सप्ताह के भीतर ही पूरा कर लिया गया
दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के अमशीपुरा गांव में सेना ने 18 जुलाई को तीन आतंकवादियों को मार गिराने का दावा किया था. श्रीनगर में रक्षा प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने कहा कि आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान नैतिक आचरण के लिए प्रतिबद्ध सेना ने सोशल मीडिया पर सामने आई उन रिपोर्ट के बाद जांच शुरू की, जिसमें दावा किया गया था कि जम्मू के राजौरी जिले के रहने वाले तीन व्यक्ति अमशीपुरा से लापता पाये गए थे. जांच को चार सप्ताह के भीतर ही पूरा कर लिया गया.साक्ष्य सामने आए जो दर्शाते हैं कि अभियान के दौरान शक्तियों का दुरुपयोग हुआ

सेना ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि जांच से कुछ निश्चित साक्ष्य सामने आए जो कि दर्शाते हैं कि अभियान के दौरान अफस्पा, 1990 के तहत निहित शक्तियों का दुरुपयोग किया गया और सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वीकृत सेना प्रमुख की ओर से निर्धारित नियमों का उल्लंघन किया गया. इसके मुताबिक, परिणामस्वरूप, सक्षम अनुशासनात्मक प्राधिकरण ने प्रथम दृष्टया जवाबदेह पाए गए सैनिकों के खिलाफ सेना अधिनियम के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है.

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