सोनिया गांधी के हाथों में ही रहेगी कांग्रेस की कमान, CWC मीटिंग की 10 बड़ी बातें | nation – News in Hindi

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सोनिया गांधी के हाथों में ही रहेगी कांग्रेस की कमान, CWC मीटिंग की 10 बड़ी बातें

सोनिया गांधी के हाथों में ही रहेगी कांग्रेस की कमान

कांग्रेस वर्किंग कमेटी (Congress Working Committee) की सोमवार को हुई बैठक में सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के हाथों में पार्टी की कमान बने रहने का सर्वसम्मति से फैसला लिया गया है. हालांकि पार्टी को छह महीने के भीतर नया प्रमुख चुनना होगा.

नई दिल्ली. कांग्रेस के नए अध्यक्ष (Congress New President) के नाम को लेकर मंथन करने के लिए आयोजित की गई कांग्रेस कार्यसमिति (Congress Working Committee Meeting) की बैठक करीब सात घंटे बाद खत्म हो गई. बैठक में तय हुआ है कि सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष के पद पर बनी रहेंगी और छह महीने के अंदर पार्टी को नया अध्‍यक्ष चुनना होगा. कांग्रेस कार्य समिति (CWC) ने सोमवार को मैराथन बैठक के बाद सोनिया गांधी से आग्रह किया कि संगठन में बदलाव एवं मजबूती के लिए अंतरिम अध्यक्ष की भूमिका निभाती रहें. पढ़िए इस बैठक की 10 बड़ी बातें.

सूत्रों के मुताबिक, सीडब्ल्यूसी ने यह निर्णय लिया कि नए अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया आरंभ करने के लिए जल्द ही अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का अधिवेशन बुलाया जाएगा.

करीब सात घंटे तक चली बैठक के बाद सीडब्ल्यूसी के सभी सदस्यों ने सोनिया के नेतृत्व में विश्वास जताया और कहा कि नया अध्यक्ष चुने जाने तक तक वह अंतरिम अध्यक्ष बनी रहें.

सीडब्ल्यूसी की बैठक आरंभ होने के साथ ही सोनिया ने पद छोड़ने की पेशकश की और कहा कि सीडब्ल्यूसी नया अध्यक्ष चुनने के लिए प्रक्रिया आरंभ करे. इसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कुछ अन्य नेताओं ने उनसे आग्रह किया कि वह पद पर बनी रहें.

सूत्रों का कहना है कि सोनिया गांधी ने गुलाम नबी आजाद और पत्र लिखने वाले कुछ नेताओं एवं उनकी ओर से उठाए गए मुद्दों का हवाला दिया.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी पार्टी में नेतृत्व के मुद्दे पर सोनिया गांधी को पत्र लिखने वाले नेताओं पर निशाना साधा और कहा कि जब पार्टी राजस्थान एवं मध्य प्रदेश में विरोधी ताकतों से लड़ रही थी और सोनिया गांधी अस्वस्थ थीं, तो उस समय ऐसा पत्र क्यों लिखा गया.

सोनिया को पत्र लिखने वाले नेताओं पर ‘भाजपा के साथ साठगांठ’ करने के आरोप से जुड़ी राहुल गांधी की एक कथित टिप्पणी की खबर आने और वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल के मोर्चा खोलने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया, हालांकि बाद में पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला की ओर से कहा गया कि राहुल गांधी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया.

खबरों में कहा गया था कि राहुल गांधी की कथित टिप्पणी के बाद वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह आरोप साबित होने पर वह पार्टी से इस्तीफा दे देंगे. बाद में आजाद ने कहा कि राहुल गांधी ने सीडब्ल्यूसी की बैठक के भीतर या बाहर ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की. आजाद के मुताबिक, बैठक में मैंने सिर्फ यह कहा था कि कल कांग्रेस के कुछ लोगों ने कहा था कि हमने भाजपा की तरफ से ऐसा किया. इस संदर्भ में मैंने कहा, ‘‘यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि मेरे कुछ साथियों (सीडब्ल्यूसी के बाहर के) ने हम पर भाजपा के साथ साठगांठ का आरोप लगाया और अगर वो लोग यह साबित कर दें तो मैं इस्तीफा दे दूंगा.

सीडब्ल्यूसी की बैठक से एक दिन पहले रविवार को पार्टी में उस वक्त नया सियासी तूफान आ गया था जब पूर्णकालिक एवं जमीनी स्तर पर सक्रिय अध्यक्ष बनाने और संगठन में ऊपर से लेकर नीचे तक बदलाव की मांग को लेकर सोनिया गांधी को 23 वरिष्ठ नेताओं की ओर से पत्र लिखे जाने की जानकारी सामने आई.

इस पत्र की खबर सामने आने के साथ ही पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ एवं युवा नेताओं ने सोनिया और राहुल गांधी के नेतृत्व में भरोसा जताया और इस बात पर जोर दिया कि गांधी परिवार ही पार्टी को एकजुट रख सकता है.

सोनिया गांधी ने बैठक में कहा कि कांग्रेस बड़ा परिवार है और परिवार में वैचारिक असहमति हो सकती है, लेकिन आखिर में हम एक होंगे. सोनिया गांधी ने कहा कि इन समय 130 करोड़ लोगों की लड़ाई लड़ना है जिस पर मोदी सरकार ने कुत्सित हमला किया है. इसके खिलाफ हमें एकजुट होकर लड़ना है. सोनिया गांधी ने कहा कि उन्होंने किसी भी साथी के प्रति विद्वेष कभी भी नहीं रखा

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