Sushant Singh Case Updates: सुशांत के शरीर पर लगे चोट की स्टडी करेगी AIIMS की फॉरेंसिक टीम, हत्या या आत्महत्या का ढूंढेंगी जवाब | nation – News in Hindi

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19 August Morning News Brief: कोवैक्सिन से सुशांत केस तक, आज इन खबरों पर रहेगी नज़र

सुशांत सिंह राजपूत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं.

AIIMS Forensic team Study SSR case Report: सुशांत सिंह राजपूत की संदिग्ध मौत के मामले में पोस्ट मॉर्टम को लेकर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं. मसलन, यह जल्दबाजी में रात में क्यों किया गया? सुशांत के शरीर पर चोट के निशानों का जिक्र क्यों नहीं किया गया ?

नई दिल्ली. बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की संदिग्ध मौत मामले की जांच अब सीबीआई (CBI) कर रही है. इस जांच में सीबीआई की टीम अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की एक फॉरेंसिक टीम के साथ सुशांत के बॉडी पर लगे चोट और उसे पैटर्न का विश्लेषण करेगी. इसके लिए AIIMS की टीम ने प्रीमियर रिसर्च इंस्टीट्यूट से संपर्क कर रही है.

एम्स में फोरेंसिक विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने कहा कि सीबीआई उन्हें सुशांत सिंह राजपूत मामले से संबंधित रिपोर्ट प्रदान करेगी. उन्होंने कहा, सीबीआई इस मामले से जुड़ी सभी रिपोर्ट को इकट्ठा कर रही है और वो जल्द ही हमारे पास जमा किए जाएंगे. हम शरीर पर चोट के पैटर्न का विश्लेषण करेंगे, परिस्थितिजन्य साक्ष्य के साथ सहसंबंधित करेंगे. उन्होंने कहा कि सुशांत सिंह राजपूत के शरीर पर लगे निशानों परम अंतर करने के लिए शव परीक्षा के समय संरक्षित अन्य ट्रेस सबूतों की भी जांच की जाएगी. डॉ. गुप्ता ने कहा कि इसके जरिए पता चल सकेगा कि सुशांत ने आत्महत्या की थी या उनकी हत्या हुई थी.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर उठे सवाल
बता दें कि इस हाई प्रोफाइल संदिग्ध मौत के मामले में पोस्ट मॉर्टम को लेकर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं. मसलन, यह जल्दबाजी में रात में क्यों किया गया? सुशांत के शरीर पर चोट के निशानों का जिक्र क्यों नहीं किया गया ? उस पर मौत का वक्त क्यों नहीं डाला गया? उन्होंने मौत से पहली जूस पिया था तो उसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई? इन्हीं सवालों की खोज डॉ. सुधीर गुप्ता और उनकी टीम करेगी.सीबीआई ने इस मामले की समीक्षा करने और एसएसआर मामले में अपनी औषधीय-कानूनी राय देने के लिए डॉ. गुप्ता के नेतृत्व वाले एम्स फॉरेंसिक विभाग से अनुरोध किया है. डॉ. गुप्ता ने कहा, रिपोर्टों के आधार पर फोरेंसिक विशेषज्ञ फांसी या संयुक्ताक्षरता के कारण मौत के कारण की जांच करेगी, क्योंकि इसमें अंतर की एक बहुत पतली रेखा है.

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