बचत करने के​ लिए मीडिल ईस्ट से क्रूड खरीद रहा भारत, इन देशों से आयात में रिकॉर्ड कमी | business – News in Hindi

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बचत करने के​ लिए मीडिल ईस्ट से क्रूड खरीद रहा भारत, इन देशों से आयात में रिकॉर्ड कमी

मांग में गिरावट और रिफाइनिंग मार्जिन कम होने की वजह मीडिल ईस्ट से क्रूड ऑयल आयात करने का चलन बढ़ा है

Crude Oil Import: भारत ने जुलाई में क्रूड ऑयल का सबसे ज्यादा आयात मीडिल ईस्ट देशों से किया है. दरअसल, घरेलू बाजार में मांग में गिरावट और रिफाइनिंग मार्जिन में कमी आने की वजह से भारतीय रिफाइनिंग कंपनियों को ऐसा करना पड़ रहा है.

नई दिल्ली. जुलाई के महीने में भारत ने सबसे ज्यादा कच्चा तेल (Crude Oil Import) मीडिल ईस्ट से आयात किया है. 71.5 फीसदी का यह आंकड़ा बीते 26 महीनों में सबसे ज्यादा है. जबकि, अफ्रीकी देशों से आयात होने वाला क्रूड 5 फीसदी तक कम हुआ है. बीते 14 साल में यह न्यूनतम आंकड़ा है. एनलिस्ट्स का कहना है कि ईंधन के मांग में गिरावट और रिफाइनिंग मार्जिन (Crude Refining Margin) कम होने की वजह मीडिल ईस्ट से क्रूड ऑयल आयात करने का चलन बढ़ा है. भारत कच्चा तेल आयात करने के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश है. भारत में कुल जरूरत का 80 फीसदी से भी ज्यादा कच्चा तेल आयात से पूरा किया जाता है.

Refinitiv के ​​एनलिस्ट एहसान-उल-हक ने कहा, ‘अप्रैल से ही भारतीय रिफाइनिंग कंपनियां कच्चे तेल की खरीद पर बचत करने में जुटी हैं क्योंकि रिफाइनिंग मार्जिन बेहद कम हो गया है कि ईंधन की मांग में भी गिरावट आई है. उन पर ऑपरेशन खर्च कम करने का दबाव बढ़ गया है.’

मीडिल ईस्ट से क्यों बढ़ा क्रूड का आयात?
आमतौर पर भारतीय रिफाइनर्स कम सल्फर या स्वीट ग्रेड (Sweet Grade) वाले क्रूड ऑयल खरीदते हैं. टर्म डील्स के तहत ही वो सोर ग्रेड (Sour Grade Crude Oil) के क्रूड ऑयल मीडिल ईस्टर्न देशों से आयात करते हैं. हक ने कहा, ‘मीडिल ईस्ट से क्रूड आयात करने पर फ्रेट कॉस्ट यानी ढुलाई का खर्च कम लगता है. इसीलिए उन्होंने कॉन्ट्रैक्ट के तहत मीडिल ईस्ट से पहले ही तय किए गए वॉल्युम में कच्चे तेल का आयात किया. आमतौर पर अफ्रीकी देशों से ब्रेंट-लिंक्ड क्रूड का आयात किया जाता है. इसे भारत में आने में 20 दिन से भी ज्यादा का समय लग जाता है.’यह भी पढ़ें: अभी भी सोने से जबरदस्त कमाई का मौका! क्रिस्टोफर वुड लगा रहे $5500 तक की उम्मीद

अफ्रीकी देशों से कच्चे तेल का आयात 14 साल के निचले स्तर पर
जुलाई महीने के दौरान भारत में क्रूड आयात का स्तर बीते 9 साल के न्यूनतम स्तर पर चला गया था. ईंधन की मांग में कमी और मेंटेनेन्स के लिए रिफाइनरीज बंद होने की वजह से इसमें औसतन प्रति दिन 30 लाख बैरल की कमी देखने को मिली थी. आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में ओपेक देशों (OPEC Countries) से कच्चे तेल का आयात बीते 14 साल के न्यूनतम स्तर पर लुढ़ककर 67.15 फीसदी पर आ गया.​

इन प्रमुख देशों से भारत में क्रूड ऑयल आयात किया जाता है, उनमें सऊदी अरब, ईराक, इरान, UAE, नाइजीरिया, अमेरिका और वेनेजुएला जैसे देश हैं. हालांकि, भारत ने बीते 2 साल से वेनेजुएला से क्रूड ऑयल का आयात नहीं किया है.

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किन देशों से सबसे ज्यादा क्रूड का आयात
जुलाई के दौरान भारत में सबसे ज्यादा कच्चा तेज ईराक से आयात किया गया है. इसके बाद दूसरे नंबर पर सऊदी अरब औ संयुक्त अरब अमीरात (UAE) रहा. भारत में जुलाई के दौरान सबसे ज्यादा क्रूड ऑयल निर्यात करने वाले देशों में अमेरिका चौथे स्थान पर रहा. इसके बाद कुवैत, कोलम्बिया और कतर रहे. जून तक भारत में क्रूड सप्लाई के मामलें में पांचवें नंबर पर रहने वाला नाइ​जीरिया अब आठवें स्थान पर फिसल गया है.

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