सुरक्षा बलों ने 2020 में मारे 26 आतंकी कमांडर, संगठनों की टूटी कमर: J&K पुलिस DG | nation – News in Hindi

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सुरक्षा बलों ने 2020 में मारे 26 आतंकी कमांडर, संगठनों की टूटी कमर: J&K पुलिस DG

जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह. (फाइल फोटो)

सुरक्षा बलों (Security Forces) ने इस साल अब तक दो दर्जन से अधिक आतंकवादी कमांडरों (Terrorist Commanders) को मार गिराया है. इस वजह से आतंकी संगठनों के नेतृत्व ढांचे की कमर काफी हद तक टूट चुकी है.

श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर पुलिस (Jammu-Kashmir Police) के महानिदेशक (DGP) दिलबाग सिंह (Dilbagh Singh) ने गुरुवार को कहा कि सुरक्षा बलों (Security Forces) ने इस साल अब तक दो दर्जन से अधिक आतंकवादी कमांडरों को मार गिराया है. इस वजह से आतंकी संगठनों के नेतृत्व ढांचे की कमर काफी हद तक टूट चुकी है.

‘साढ़े सात महीनों में कुल 26 आतंकवादी कमांडर मारे गए’
DGP ने उत्तरी कश्मीर में कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा क्षेत्र में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘पिछले साढ़े सात महीनों में कुल 26 आतंकवादी कमांडर मारे गए, जिसके बाद उनका नेतृत्व ढांचा काफी हद तक टूट चुका है. ये सब अपने संगठन में नंबर एक या नंबर दो थे. सुरक्षा बलों के लिए यह बड़ी सफलता है और इससे लोगों को राहत मिली है.

हालांकि, सिंह ने कहा कि आतंकवादियों को मारने से ही केवल आतंकवाद खत्म नहीं होता है, बल्कि अन्य युवाओं को बंदूक उठाने से रोकना होगा.‘आतंकवादियों को मारने से आतंकवाद खत्म नहीं होता है’

उन्होंने कहा, ‘हमारा प्रयास सिर्फ आतंकवादियों को मारना नहीं है. आतंकवादियों को मारने से आतंकवाद खत्म नहीं होता है. हमारा प्रयास युवाओं को आतंकवादी बनने से रोकना है और इसके लिए हमें अभियान चलाना होगा और कानून-व्यवस्था को उचित तरीके से संभालना होगा.’ केंद्र शासित प्रदेश के शीर्ष पुलिस अधिकारी ने घाटी के लोगों को बधाई दी क्योंकि 2019 में और 2020 में अब तक कानून-व्यवस्था के रखरखाव में कोई हताहत नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल किसी भी नागरिक को मारना नहीं चाहता है.

जम्मू-कश्मीर में आतंकी संगठनों के खिलाफ बड़ा अभियान
गौरतलब है कि सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर में आतंकी संगठनों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ा हुआ है. एक के बाद एक आतंकी कमांडरों के मारे जाने की वजह से तकरीबन सभी बड़े संगठन नेतृत्व विहीन होने की कगार पर पहुंच गए हैं. इस दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों की सबसे बड़ी सफलता ये रही कि आम लोगों को इससे सबसे कम नुकसान हुआ है. पुलिस और सुरक्षा बलों ने इस बात का खयाल रखा है कि आतंकी ऑपरेशन्स के दौरान किसी भी आम नागरिक को कोई दिक्कत न पहुंचे. साथ ही सूचना तंत्र को मजबूत कर कोशिश की गई है कि पुलिसकर्मियों को भी कम से कम नुकसान पहुंचे.

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