मौजूदा तनाव के बीच चीन ने भारतीय सेना के सेंट्रल सेक्टर पर बढ़ाई निगरानी | nation – News in Hindi

0
12
गलवान घाटी की हिंसक झड़प में चीनियों से 17-20 घंटे तक लड़े थे जवान: ITBP

उत्तराखंड के तुन-जुन-ला के दूसरी ओर चीन ने अपग्रेड किया अपना सर्विलांस सिस्टम. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

भारत और चीन (India & China) के बीच तनाव और विवाद को कम करने के लिए राजनयिक स्तर की बातचीत जारी है लेकिन भारतीय सेना (Indian Army) के रुख से चीन इस तरह से घबराया कि उसने एलएसी पर अपनी निगरानी को बढ़ा दिया है.

नई दिल्ली. भारत और चीन की सीमा (India-China Border) भारत (India) के अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh), सिक्कम (Sikkim), हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh), उत्तराखंड (Uttarakhand) राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख (Ladakh) से लगती है. इस पूरे इलाके में लंबे समय से दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने होती रही हैं. चीन को हमेशा से ये लगता था कि भारत एलएसी (LAC) पर उससे कमजोर है लेकिन डोकलाम (Doklam) के बाद उसकी भारत को लेकर ग़लतफ़हमी थोड़ी कम हुई थी पर अब गलवान (Galwan) के बाद से चीन की ये गलतफहमी पूरी तरह से दूर हो गई है. चीन के मन से बात घर कर चुकी है कि अगर उसकी सेना ने एलएसी पर कोई बदमाशी की तो भारत उसे ऐसा मज़ा चखाएगा जो कि उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा. इसी के मद्देनज़र चीन ने भारतीय सेना की हलचल पर निगाह रखने के लिए अपने सर्विलांस सिस्टम को अपग्रेड कर दिया है.

भारतीय सेना (Indian Army) के सेंट्रल सेक्टर पर चीन ने अपनी निगरानी को बढ़ा दिया है. इंटेलिंजेंस इनपुट में इस बात खुलासा हुआ कि उत्तराखंड (Uttarakhand) में बाराहोती (Barahoti) के पास तुन-जुन-ला (Tun-Jun-La) के दूसरी ओर चीन ने पिछले साल नवंबर में लगाए अपने सर्विलांस सिस्टम को अपग्रेड कर दिया है. इस अपग्रेडेशन को मौजूदा भारत-चीन विवाद (India-China Dispute) के दौरान जून महीने में ही किया गया है. भारत की सीमा बाराहोती से तीन किलोमीटर आगे तुन-जुन-ला तक है. खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक 180 डिग्री तक घूमने वाले 2 कैमरों को चीन ने एलएसी के बेहद करीब लगाया है. इन सिस्टम कैमरों की पोजिशन इस तरह से की गई है कि चीन की पीएलए बाराहोती के पूरे इलाके में नजर रख रही है. यही नहीं उसकी निगरानी की जद में भारतीय इलाके के डिफेंस रिज भी है.

ये भी पढ़ें- WGC ने बताया दुनिया के इन 10 देशों की तिजोरी में भरा है हजारों टन सोना, जानिए भारत के पास है कितना?

चीन ने उत्तराखंड सीमा पर किये ये बदलावजानकारी के मुताबिक ये सिस्टम तुन-जुन-ला के दूसरी और तकरीबन 2.5 किलोमीटर दूर लगाया गया है. जिस जगह पर सर्विलांस सिस्टम लगाया हुआ है उसे बाकायदा चारों तरफ से घेरा हुआ है. साथ ही उस इलाके में बिजली के लिए कई अलग-अलग तरह के खंबे भी लगाए गए हैं. इसके साथ ही उस जगह पर एक बड़ा सोलर पैनल और एक विंडमिल भी लगाया गया है. यही नहीं उस जगह पर सर्विलांस से जुड़ी और अलग तरह के निर्माण की सामग्री रखने के लिए एक छोटी झोपड़ी भी बनाई गई है.


चीन को सीमा पर पीछे करती रही है भारतीय सेना

बाराहोती में चीन की तरफ से पहले भी एलएसी पार कर भारतीय इलाकों में आने की घटना सामने आई हैं. ऐसी परिस्थिति में भारतीय सेना और आईटीबीपी ने बड़ी ही आसानी से चीन को उन इलाकों से पीछे भी किया है. यही नहीं इस इलाके में चीनी सेना के हेलिकॉप्टर भी आए दिन एयर स्पेस का उलंघन भी करते रहे हैं. बहरहाल चीन को इस बात का डर सता रहा है कि भारतीय सेना जिस तरह से अपनी तैयारी पूरी एलएसी पर मजबूत कर रही है ऐसे में उत्तराखंड के इलाके में भी उसकी तैयारियों पर नजर रखी जाना उसके लिए जरूरी है. यही वजह है कि चीन ने उत्तराखंड में भारतीय सेना के मूवमेंट पर नजर रखनी शुरू कर दी है.

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here