जिस CBI से इतनी उम्मीदें, क्या वो खोल सकेगी सुशांत की मौत का राज या होगा जिया खान केस जैसा हाल | nation – News in Hindi

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सुशांत केस की CBI जांच को महाराष्ट्र सरकार नहीं दे सकेगी चुनौती- जानें सुप्रीम कोर्ट के फैसले की 5 बड़ी बातें

सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले की CBI जांच का सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश.

सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) 14 जून को मुंबई (Mumbai) के बांद्रा (Bandra) स्थित अपने फ्लैट में मृत पाए गए थे. उनका परिवार शुरुआत से ही इस केस की सीबीआई जांच (CBI Investigation) की मांग कर रहा था. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बुधवार को ही सीबीआई को मामले की जांच सौंपी है.

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  • Last Updated:
    August 20, 2020, 11:06 PM IST

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput Case) की मौत के मामले की जांच को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) को सौंप दिया है. सीबीआई ने इस संबंध में मुंबई पहुंचकर अपनी जांच शुरू भी कर दी है. सुशांत की मौत की सीबीआई जांच को लेकर काफी समय से मांग उठ रही थी. सुशांत के परिवार, फैंस, बिहार सरकार हर कोई शुरुआत से ही सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे. ऐसे में अब इस मामले में सभी को सीबीआई से ही उम्मीदें हैं. लेकिन अब बड़ा सवाल ये भी है कि क्या सीबीआई वाकई इस मामले की गुत्थी को सुलझा सकेगी? अगर पिछले आंकड़ों को देखा जाए तो सीबीआई बीते चार सालों में पांच में से तीन में किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है. इतना ही नहीं सीबीआई सुसाइड केस (Suicide Case) में किसी को भी सजा दिलाने में भी नाकाम साबित हुई है.

सीबीआई की आधिकारिक वेबसाइट की मानें तो उसका कन्विक्शन रेट 65 से 70 प्रतिशत के बीच रहता है जो कि विश्व की सबसे बेहतरीन जांच एजेंसियों के बराबर है. सीबीआई का कन्विक्शन रेट 2016 के बाद से लगातार बढ़ा है. बीते चार सालों में सीबीआई ने साल 2017 में सबसे ज्यादा केस दर्ज किये थे जबकि 2016 में बेहद कम 131 केस. जहां 2017 में सीबीआई का कन्विक्शन रेट 66.9 प्रतिशत था तो वहीं 2018 में बढ़कर 68 प्रतिशत हो गया. 2019 में सीबीआई का कन्विकशन रेट सबसे अधिक 69.2 प्रतिशत रहा. 2020 के आंकड़े फिलहाल जारी नहीं किये गए हैं.

आरुषि हेमराज केस की भी नहीं सुलझी गुत्थी
2008 में हुआ आरुषि-हेमराज मर्डर केस सुशांत सिंह राजपूत के मामले की ही तरह चर्चित हुआ था. इस मामले की जांच भी सीबीआई ही कर रही थी. 12 साल बाद भी इस मामले की गुत्थी अभी तक सुलझ नहीं सकी है. इस मामले में सीबीआई की नजर में कई लोग आरोपी रहे आखिर में तलवार दंपति को अदालत से उम्रकैद की सजा मिली हालांकि बाद में हाईकोर्ट ने दोनों को बरी कर दिया. अब ये मामला सुप्रीम कोर्ट में है. पिछले कई मामलों के आंकड़े बताते हैं कि हाई प्रोफाइल मामलों में सीबीआई की सफलता चार प्रतिशत से भी कम रही है.जिया खान केस भी ठंडे बस्ते में

2013 में फिल्म एक्ट्रेस जिया खान के सुसाइड केस की जांच भी 2016 में सीबीआई को सौंपी गई थी. जिया की मां ने आरोप लगाए थे कि जिया की हत्या हुई है इसके साथ ही मुंबई पुलिस पर भी केस को भटकाने का आरोप था. लेकिन चार साल के बाद भी इस केस का कोई हल नहीं निकल सका है.

सुशांत सिंह की मौत को भी दो महीने से ज्यादा हो चुके हैं. चूंकि वह काफी बड़े अभिनेता थे ऐसे में शुरुआत से ही ये मामला हाई प्रोफाइल रहा है. लेकिन इन दो महीनों की अवधि में दो राज्यों की पुलिस के बीच चली खींचतान, सुशांत के पिता के अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती पर आरोप और फॉरेंसिक जांच में सामने आई ढिलाई के चलते पहले ही ये केस काफी उलझा हुआ नजर आ रहा है. ऐसे में अब जब सबकी निगाहें सीबीआई पर हैं तो ये सवाल लाज़मी हो गया है कि क्या सुशांत की मौत का केस कभी सुलझ पाएगा.

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