RBI ने रिटेल पेमेंट सिस्‍टम परिचालन के नियम किए जारी, 26 फरवरी 2021 तक आवेदन कर सकेंगी कंपनियां | business – News in Hindi

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भारतीय रिज़र्व बैंक ने रिटेल पेमेंट सिस्‍टम्‍स की स्‍थापना और परिचालन के लिए कंपनियों से आवेदन मांगे हैं.

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने कहा है कि रिटेल पेमेंट सिस्‍टम (RPS) में उतरने वाली अंब्रेला यूनिट अपने नाम से रिटेल मार्केट में सिस्‍टम्‍स की स्थापना, प्रबंधन और परिचालन कर सकेंगी. राष्ट्रीय स्तर पर ऐसी आरपीएस का संचालन करने के लिये आवेदन करने वाली कंपनी की नेटवर्थ (Net Worth) 500 करोड़ रुपये से अधिक होनी चाहिए.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    August 18, 2020, 10:28 PM IST

मुंबई. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने राष्‍ट्रीय स्तर पर रिटेल पेमेंट सिस्‍टम्‍स (Retail payment systems) के संचालन के लिये अंब्रेला यूनिट स्थापित करने के नियम जारी कर दिए हैं. आरबीआई ने काम शुरू करने की इच्छुक कंपनियों से 26 फरवरी 2021 तक आवेदन मांगे हैं. अंब्रेला यूनिट अपने नाम से रिटेल मार्केट में सिस्‍टम्‍स की स्थापना, प्रबंधन और परिचालन कर सकेगी. रिजर्व बैंक की रूपरेखा के मुताबिक, राष्ट्रीय स्तर पर इस प्रकार की खुदरा भुगतान प्रणाली का संचालन करने के लिये आवेदन करने वाली कंपनी की नेटवर्थ (Net Worth) 500 करोड़ रुपये से अधिक होनी चाहिए.

एटीएम और आधार आधारित भुगतान की व्‍यवस्‍था देखनी होगी
आवेदन करने वाली कंपनी को खुदरा भुगतान के क्षेत्र में एटीएम, खुदरा बिक्री केंद्र और आधार (Aadhaar) आधारित भुगतान सेवाओं समेत पूरा रिटेल सेक्‍टर की नई भुगतान व्यवस्था का संचालन व व्यवस्था देखनी होगी. कंपनी इस प्रकार के भुगतान केंद्रों की स्थापना करने से लेकर उनकी देखरेख और परिचालन के लिये जवाबदेह होगी. रिजर्व बैंक की ओर से कहा गया है कि ऐसी व्यापक यूनिट्स स्थापित करने वालों से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं. ये आवेदन 26 फरवरी 2021 को सामान्य कामकाज का समय समाप्त होने से पहले उपलब्ध कराए गए फार्म-ए में भरकर सौंप दिए जाएं.

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रिजर्व बैंक ने कहा है कि इस प्रकार की इकाई को बैंकों और गैर-बैंकों के लिये क्लियरिंग व निपटान प्रणाली का परिचालन करने की भी अनुमति होगी. इसमें उसे निपटान, कर्ज, लिक्विडिटी और परिचालन संबंधी जोखिमों की पहचान व उन्हें व्यवस्थित भी करना होगा. साथ ही पूरे सिस्‍टम की ईमानदारी को बनाए रखना होगा. केंद्रीय बैंक ने कहा है कि ऐसी कंपनी को खुदरा भुगतान प्रणाली से जुड़े देश के अंदर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले घटनाक्रमों पर भी नजर रखनी होगी ताकि डॉमेस्टिक सिस्‍टम पर पड़ने वाले असर, धोखाधड़ी और दूसरी प्रतिक्रियाओं से बचा जा सके. इससे अर्थव्यवस्था पर इन सब के प्रभाव को रोका जा सकेगा.

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कंपनियों के आवेदनों की जांच बाहरी सलाहकार समिति करेगी
केंद्रीय बैंक ने कहा है कि आवेदन करने के लिए कंपनी के प्रवर्तक और प्रवर्तक समूह का स्वामित्व व नियंत्रण भारतीय नागरिक के हाथ में होना चाहिए. आवेदन करने वाली इकाई में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश होता है तो उसे विदेशी मुद्रा विनिमय प्रबंधन कानून (FEMA) के तहत अतिरिक्त पूंजी जरूरत को पूरा करना होगा. इसके लिए सक्षम प्राधिकरण से मंजूरी भी लेनी होगी. रिजर्व बैंक ने कहा है कि आवेदनों जमा कने की अंतिम तिथि के बाद ही प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा. आवेदनों की जांच पड़ताल बाहरी सलाहकार समिति करेगी.

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