HBD Gulzar: 84 साल के हुए गुलजार साहब, ‘जय हो’ के लिए मिल चुका है ऑस्कर अवार्ड | bollywood – News in Hindi

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HBD Gulzar: 84 साल के हुए गुलजार साहब,

मुंबई. सम्पूर्ण सिंह कालरा उर्फ़ गुलज़ार फिल्म इंडस्ट्री के जाज्वल्यमान नक्षत्र हैं. उनके करियर के बारे में शब्दों में लिखना मुश्किल है. वे शायद एकमात्र ऐसे गीतकार हैं जिन्हें फिल्म स्लम्डाग मिलियनेयर (Slumdog Millionaire ) में उनके द्वारा लिखे गीत जय हो (Jai Ho) के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ गीत का ऑस्कर अवॉर्ड मिल चुका है. वे गीतकार, कवि, पटकथा लेखक नाटककार के साथ-साथ फ़िल्म निर्देशक भी हैं. गुलजार को हिंदी सिनेमा में उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए कई अवार्ड्स मिल चुके हैं. 2004 में भारत सरकार उन्हें पद्म भूषण सम्मान दे चुकी है. गुलजार साहब का आज बर्थडे है.

उनका जन्म झेलम जिले के दीना गांव में 18 अगस्त 1936 को हुआ. गुलज़ार अपने पिता की दूसरी पत्नी की इकलौती संतान हैं. गुलज़ार ने भारत-पाक विभाजन की त्रासदी को खुद भोगा है. मां का साया उनके सिर से तभी उठ गया, जब वे दूध पीते बच्चे थे. नौ भाई-बहन में गुलजार चौथे नंबर पर थे. गुलज़ार को पिता और बड़े भाई ने पढ़ाने से मना किया तो उन्होंने पेट्रोल पंप पर काम कर पढ़ाई का खर्चा निकाला.

एस डी बर्मन की फिल्म बंधिनी में गीत लिखकर गुलजार ने हिंदी सिनेमा में बतौर गीत लेखक अपना करियर शुरू किया. 1968 में गुलजार ने फिल्म आशीर्वाद के डायलॉग लिखे. इसके बाद उन्होंने कई बेहतरीन फिल्मों के गाने लिखे जिसके लिए उन्हें आलोचकों और दर्शकों दोनों से तारीफें मिली. साल 2007 में उन्होंने हॉलीवुड फिल्म स्लमडॉग मिलेनियर का गाना जय हो लिखा था. इसके लिए उन्हें ऑस्कर अवार्ड के साथ-साथ ग्रैमी अवार्ड से भी सम्मानित किया गया.

गुलजार ने कई सुपरहिट फिल्मों का निर्देशन भी किया है. उनकी निर्देशित कई बेहतरीन फिल्मों को दर्शक आज भी देखना पसंद करते हैं. उन्होंने छोटे पर्दे के लिए दूरदर्शन का शो जंगल बुक लिखा है, जिसे बहुत पसंद किया गया है.1972 में आयी फिल्म कोशिश में संजीव कुमार और जया भादुड़ी ने अभिनय किया था. यह फिल्म एक गूंगे बहरे दम्पति के जीवन पर आधारित थी. संजीव कुमार को इस फ़िल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार मिला. इसके बाद गुलजार ने संजीव कुमार के साथ आंधी (1975), मौसम (1975), अंगूर (1981) और नमकीन (1982) जैसी फिल्में निर्देशित कीं.

गुलजार साहब ने एक से बढ़कर एक गाने लिखे हैं. उनमें से कुछ इस प्रकार हैं.

ज़िंदगी कैसी है पहेली – आनंद (1971)

इस मोड़ से जाते हैं : आंधी (1975)

मेरा कुछ सामान – इजाज़त (1987)

यारा सीली सीली : लेकिन (1990)

दिल ढूंढता है : मौसम (1975)

तुझसे नाराज़ नहीं ज़िन्दगी : मासूम(1983)

तेरे बिना ज़िंदगी से कोई : आंधी (1975)

मैंने तेरे लिए ही सात रंग के सपने चुने : आनंद (1971)

वो शाम कुछ अजीब थी : ख़ामोशी (1969)

तुम आ गए हो नूर आ गया है : आंधी (1975)

आपकी आँखों में कुछ – घर (1978)

हुज़ूर इस क़दर भी – मासूम (1983)

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