चौपाल : स्मृति ईरानी ने कहा- मैं सिर्फ अमेठी की ही नहीं रायबरेली की भी दीदी | nation – News in Hindi

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चौपाल : स्मृति ईरानी ने कहा- मैं सिर्फ अमेठी की ही नहीं रायबरेली की भी दीदी

स्मृति ईरानी ने कहा मैं अपनी संवैधानिक मर्यादा के क्षेत्र में काम करती हूं.

News18 इंडिया के चौपाल कार्यक्रम (News18 India Chaupal) कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि कोरोना के मामले में भारत के हालात बाकी देशों से काफी बेहतर हैं.

नई दिल्ली. News18 के चौपाल कार्यक्रम (News18 India Chaupal) में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) ने कहा कि मार्च में इंटरनेशनल बॉर्डर सील हो जाने के बाद से भारत आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ा और वेंटिलेटर, मास्क, पीपीई सूट हमने भारत में बनाने शुरू किए. आज हम मास्क और पीपीई किट सिर्फ भारत के लिए ही नहीं बना रहे हैं बल्कि दूसरे देशों को निर्यात भी कर रहे हैं.

अमेठी में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को लोकसभा चुनावों 2019 में पराजित किए जाने पर स्मृति ईरानी ने कहा, ‘दिल्ली में सिर्फ कांग्रेस का गढ़ अमेठी था, वहां के लोग इस अभिलाषा में थे कि स्थिति में बदलाव हो.’ स्मृति ईरानी ने कहा, ‘जैसे ही चुनाव के नतीजे आए तो मैं जीतकर पहले अमेठी गई और वहां जाकर कहा कि यहां की जानता की सेवा करने का सौभाग्य मुझे प्राप्त हुआ है. मैंने कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा कि अगर वो वहां कोई विकास का या फिर जनता के लिए काम करना चाहते हैं तो मैं उनके साथ हूं.’ उन्होंने कहा, ‘मैंने वहां के लोगों को आश्वस्त किया कि मुझे जिन लोगों ने वोट किया है मैं उनका ऋण जरूर चुकाऊंगी.’

रायबरेली की भी दीदी
स्मृति ईरानी ने कहा, ‘मैं अपनी संवैधानिक मर्यादा के क्षेत्र में काम करती हूं लेकिन रायबरेली के लोगों को भी काम होता है और उनकी सांसद वहां नहीं होतीं तो लोगों को पता है हम दीदी से कहेंगे तो हमारी बात सुनी जाएगी.’कोरोना काल में संवेदनशीलता की मिसाल

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा, ‘कोरोना काल के दौरान देश ने संवेदनशीलता की मिसाल पेश की और और भारत ने इंटरनेशनल डिप्लोमेसी की जगह वसुदैव कुटुंबकम को अपनाया.’ स्मृति ईरानी ने कहा प्रधानमंत्री की लोगों से की गई मानवीय अपील के चलते लोगों ने संयम रखा और पहले जनता कर्फ्यू और फिर लॉकडाउन काफी हद तक सफल हो पाया.

स्मृति ईरानी ने कहा कि आज हम जिस परिस्थिति में हैं उसमें हमें एकजुट होकर हमें काम करना चाहिए लेकिन वायनाड के सांसद (राहुल गांधी) जो कर रहे हैं वह ऐसा है जैसे किसी ने हाथ से कोई झुनझुना छीन लिया हो जिसके बाद वह मन में आ रहे शब्द, अपशब्द कह रहे हों.

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