US diplomatic defeat in UNSC in Iran arms embargo case | अमेरिका की ईरान हथियार प्रतिबंध मामले में यूएनएससी में हुई कूटनीतिक हार

0
14
comScore


संयुक्त राष्ट्र, 15 अगस्त (आईएएनएस। अपने सहयोगियों द्वारा अलग-थलग किए जाने के बाद अमेरिका को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में एक कूटनीतिक हार का सामना करना पड़ा है। परिषद ने अमेरिका की ईरान पर हथियारों की रोक को आगे बढ़ाने की मांग को ठुकरा दिया है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा मध्य पूर्व में एक राजनयिक विजय की घोषणा करने के एक दिन बाद ही अमेरिका के लिए यह एक बड़ा झटका है। जब वाशिंगटन के नाटो के पांच सहयोगियों के साथ छह अन्य ने भी उसे अकेला छोड़ दिया। चीन और रूस ने 18 अक्टूबर को खत्म होने जा रही हथियार प्रतिबंध की सीमा को अनिश्चित काल के लिए बढ़ाने के प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया।

इस मामले में केवल डोमिनिकन गणराज्य ने ही अमेरिका के साथ मतदान किया। यह मतदान कोविड -19 महामारी के कारण वर्चुअल तौर पर हुए थे, जिनके परिणाम शुक्रवार को घोषित किए गए।

यह हार ट्रम्प प्रशासन के लिए एक झटकर है, जिसने अंतर्राष्ट्रीय समझौते से अलग हटकर ईरान के साथ अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को खत्म कर दिया था।

यूरोपीय संघ और जर्मनी और परिषद के पांच स्थायी सदस्यों और ईरान के बीच 2015 में हुए समझौते के तहत, तेहरान ने यूरेनियम की मात्रा को कम किया और समृद्ध यूरेनियम के अपने भंडार को एक स्तर तक समाप्त कर दिया, जिसके जरिए परमाणु हथियार बनाया जा सकता था। इसके साथ ही उसने प्रसार को रोकने के लिए अन्य कदम भी उठाए।

बदले में ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंध हटा दिए गए थे।

जाहिर है, अमेरिकी सहयोगियों ने उसके पक्ष में वोट न देकर ट्रम्प को उनकी एकतरफा कार्रवाई के लिए अपने विरोध को मजबूत करने का एक संदेश भेजा है।

स्टेट सेक्रेटरी माइक पोम्पिओ ने मतदान के बाद कहा, अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की रक्षा में निर्णायक रूप से कार्य करने में सुरक्षा परिषद की विफलता अक्षम्य है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए काम करना जारी रखेंगे कि धर्म पर आधारित आतंकी शासन के पास ऐसे हथियार खरीदने और बेचने की स्वतंत्रता न रहे जो यूरोप, मध्य पूर्व को खतरे में डालते हैं।

एसडीजे/आरएचए

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here