41 शतक ठोकने वाले बल्लेबाज ने कह दी बड़ी बात- मुझे टीम से निकालने का फैसला सही था | cricket – News in Hindi

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41 शतक ठोकने वाले बल्लेबाज ने कह दी बड़ी बात- मुझे टीम से निकालने का फैसला सही था

जो डेनली इंग्लैंड की टीम से बाहर चल रहे हैं

इंग्लैंड के बल्लेबाज जो डेनली (Joe Denly) को इंग्लैंड की टीम से बाहर कर दिया गया है, अब उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ी है.

नई दिल्ली. एक बल्लेबाज जिसने घरेलू क्रिकेट में 41 शतक ठोके हैं. एक बल्लेबाज जिसके बल्ले से 118 अर्धशतक निकले हैं, वो बल्लेबाज इंटरनेशनल क्रिकेट में एक भी शतक नहीं लगा पाया. 15 टेस्ट, 16 वनडे और 12 टी20 मैच खेलने वाला ये बल्लेबाज खराब प्रदर्शन के चलते टीम से बाहर कर दिया गया. अब इस बल्लेबाज ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा है कि उसे टीम से बाहर निकालने का फैसला बिलकुल सही था. बात हो रही है इंग्लैंड के बल्लेबाज जो डेनली (Joe Denly) की, जिन्हें खराब फॉर्म के चलते इंग्लैंड की टीम से बाहर कर दिया गया है. डेनली ने टीम से बाहर होने के बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है.

डेनली ने कह दी बड़ी बात
डेनली (Joe Denly) ने कहा कि वह वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे और तीसरे टेस्ट से बाहर किये जाने के बाद काफी निराश थे लेकिन उनका मानना है कि यह सही फैसला था क्योंकि वह मौके मिलने के बावजूद शीर्ष क्रम में अपना स्थान पक्का नहीं कर पाये. पिछले साल डेब्यू करने वाले डेनली का 15 टेस्ट में औसत 29.53 है और वह अच्छी शुरूआत का फायदा उठाने में असफल रहे. उनका सर्वोच्च स्कोर 94 है जो उन्होंने 2019 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाया था.

वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरूआती टेस्ट में उन्होंने महज 18 और 29 रन की पारी खेली. कप्तान जो रूट के अपने बच्चे के जन्म के बाद लौटने से वह आगे के मैचों में नहीं खेल सके. वह आयरलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में पीठ में मांसपेशियों के खिंचाव के कारण नहीं खेल पाये. डेनली ने ‘इवनिंग स्टैंडर्ड’ से कहा, ‘मैं मैच खेल रहा था और बड़ी पारियां नहीं खेल पा रहा था. मुझे लगता है कि मुझे थोड़ा सा गेंदबाजों के ऊपर हावी होकर खेलना चाहिए था. बड़ी पारियां नहीं खेलने से मुझ पर काफी दबाव बन गया. लेकिन जब तक आप जान पाते, आप क्रीज से आउट होकर लौट आते.’टेस्ट टीम से बाहर करना सही फैसला- डेनली

टेस्ट टीम से बाहर किये जाने के बाद उन्होंने कहा, ‘बिलकुल मैं बहुत निराश था. लेकिन यह सही फैसला था. मुझे बड़े स्कोर बनाने के मौके मिले और तब मैं देखता हूं तो यह सबसे ज्यादा निराशाजनक लगता है.’ उन्होंने कहा, ‘मैं मौकों का फायदा नहीं उठा सका. मैं तीन या चार बड़े शतक नहीं बना सका और तीसरे स्थान को अपना नहीं बना सका. यह काफी निराशाजनक था.’ (भाषा के इनपुट के साथ)

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