जोफ्रा आर्चर को इंग्लैंड ने किया टीम से बाहर, जानिए क्यों लिया गया ये फैसला? | cricket – News in Hindi

0
3
जोफ्रा आर्चर को इंग्लैंड ने किया टीम से बाहर, जानिए क्यों लिया गया ये फैसला?

जोफ्रा आर्चर के करियर के साथ खिलवाड़ कर रहा है इंग्लैंड

साउथैंप्टन टेस्ट में तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर (Jofra Archer) को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली.

नई दिल्ली. पाकिस्तान के खिलाफ साउथैंप्टन में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में इंग्लैंड ने प्लेइंग इलेवन में दो बड़े बदलाव किये. इंग्लैंड ने बेन स्टोक्स और जोफ्रा आर्चर (Jofra Archer) को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखते हुए जैक क्रॉले और सैम कर्रन को मौका दिया. बेन स्टोक्स तो पारिवारिक समस्या के चलते टेस्ट सीरीज के अंतिम दोनों मैच से बाहर हैं लेकिन आर्चर को क्यों बाहर किया गया, ये सवाल कई फैंस के जहन में घूम रहा है. सोशल मीडिया पर लोग आर्चर को प्लेइंग इलेवन से बाहर करने के मुद्दे पर चर्चा करते नजर आए. वो सोच रहे हैं कि आखिर जिस तेज गेंदबाज ने इंग्लैंड को वर्ल्ड कप जिताया. जिसने एशेज सीरीज में जबर्दस्त गेंदबाजी की आखिर उसे क्यों अंतिम 11 से बाहर किया गया. न्यूज 18 हिंदी आपको बताने जा रहा है कि आखिर क्यों इंग्लैंड टीम मैनेजमेंट ने आर्चर को बाहर किया.

जोफ्रा आर्चर ने जब पिछले साल टेस्ट डेब्यू किया था तो उन्होंने एशेज सीरीज में अपनी तेज रफ्तार गेंदों से ऑस्ट्रेलियाई टीम के होश उड़ा दिये थे. आर्चर की खतरनाक बाउंसर पर स्टीव स्मिथ चोटिल तक हो गए थे. लेकिन इसके बाद आर्चर की फॉर्म में लगातार गिरावट हुई. इंग्लैंड का ये तेज गेंदबाज न्यूजीलैंड दौरे पर 2 टेस्ट में महज 2 ही विकेट ले पाया. वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले दो टेस्ट मैचों में भी आर्चर को महज 4 विकेट ही मिले. आर्चर ने साल 2019 में 7 टेस्ट में 30 विकेट लिये थे, जबकि इस साल आर्चर 3 टेस्ट मैचों की 6 पारियों में सिर्फ 8 विकेट ही ले पाए हैं. उनकी गेंदबाजी का औसत 36 है, जो कि काफी ज्यादा है.

जोफ्रा आर्चर को उनकी खतरनाक बाउंसर के लिए जाना जाता है. अपने इसी हथियार के दम पर उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को नाको चने चबवा दिये थे. लेकिन पिछले कुछ दिनों में आर्चर की बाउंसर की धार कम हुई है. आर्चर ने अपनी डेब्यू के बाद से 515 बाउंसर फेंकी हैं, जो कि काफी ज्यादा है. आर्चर ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 2442 गेंद फेंकी हैं जो कि एक तेज गेंदबाज के शरीर पर काफी दबाव डालने वाली बात है. यही वजह है कि आर्चर अब पुरानी गेंद से भी विकेट नहीं ले पा रहे हैं. साल 2019 में आर्चर ने पुरानी गेंद से 14 विकेट लिये थे, जबकि इस साल उन्होंने पुरानी गेंद से महज एक विकेट लिया है, वो भी 95 रन खर्च करने के बाद.

जोफ्रा आर्चर को आराम की भी सख्त जरूरत है. आर्चर ने अपने डेब्यू के बाद से इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा गेंद फेंकी हैं. उनसे ज्यादा सिर्फ पैट कमिंस ने गेंदबाजी की है. आर्चर के टेस्ट करियर की बात करें तो उन्होंने 799 गेंद 140 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से फेंकी, वहीं दूसरे इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने कुल 666 गेंदें 140 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से फेंकी. साफ है आर्चर के शरीर पर लगातार बहुत ज्यादा दबाव पड़ रहा है और इसीलिए उन्हें विकेट मिलने भी बंद हो गए हैं.

साउथैंप्टन टेस्ट में आर्चर को इसलिए भी मौका नहीं दिया गया क्योंकि एजिल बाउल की पिच पर गेंद काफी स्विंग होती है. इंग्लैंड की हमेशा से एक काफी तेज गेंद फेंकने वाले गेंदबाज को टीम में रखने की रणनीति होती है. लेकिन साउथैंप्टन में इंग्लैंड ने आर्चर और मार्क वुड दोनों ही तेज गेंदबाजों को बाहर रखा. इंग्लैंड ने एंडरसन, ब्रॉड, सैम कर्रन और क्रिस वोक्स जैसे गेंदबाजों को प्लेइंग इलेवन में रखा जो कि गेंद को स्विंग कराते हैं.

साउथैंप्टन में बेन स्टोक्स नहीं खेल रहे हैं ऐसे में इंग्लैंड को एक ऐसे तेज गेंदबाज की जरूरत थी जो बल्लेबाजी भी कर पाए. ऐसे में सैम कर्रन से अच्छा विकल्प कोई दूसरा नहीं हो सकता था. यही वजह है कि इंग्लैंड ने आर्चर को नहीं सैम कर्रन को मौका दिया, ताकि टीम का बैलेंस बना रहे.

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here