दुष्यंत चौटाला ने दिखाया 1.5 लाख युवाओं को रोजगार का सपना, क्या ऐसे पूरा हो जाएगा वादा? | chandigarh-city – News in Hindi

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दुष्यंत चौटाला ने दिखाया 1.5 लाख युवाओं को रोजगार का सपना, क्या ऐसे पूरा हो जाएगा वादा?

चंडीगढ़. पिछले एक सप्ताह में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला डेढ़ लाख युवाओं को रोजगार का सपना दिखाया है. लेकिन यह वादा कैसे पूरा होगा यह नहीं बताया है. 9 अगस्त को उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में अगले 6 माह में 50 हजार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे. जबकि आज 12 अगस्त को कहा कि आने वाले निवेश से एक लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे. हरियाणा के उद्योगों में स्थानीय युवाओं को 75 फीसदी आरक्षण देकर चर्चा में आए चौटाला के सामने अब रोजगार दिलाने की चुनौती है. कोविड संकट के दौरान तमाम कंपनियां कर्मचारियों में कटौती कर रही हैं. ऐसे में निजी क्षेत्र में भी जॉब दिलाना पहले जैसा आसान नहीं रह गया है.

प्रदेश के ‘रोजगार पोर्टल’ पर अब तक 13 लाख बेरोजगार युवाओं का डाटा एकत्र हो चुका है. यह इतनी बड़ी संख्या है कि कोरोना काल में इन्हें रोजगार दिला पाना किसी भी सरकार के लिए आसान नहीं है. वो भी तब जब उद्योग संकट के दौर से गुजर रहे हों. फिलहाल, बड़ा मसला रोजगार के अवसर का है. यहां के स्थानीय युवाओं को 75 फीसदी आरक्षण तो तब मिलेगा जब रोजगार के मौके मिलेंगे. ऐसे में दुष्यंत चौटाला दो दिन से प्रदेश के युवाओं को रोजगार का सपना दिखा रहे हैं.

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डिप्टी सीएम ने जिन कंपनियों के भरोसे बुधवार को एक लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर की बात कही, उन्होंने अभी निवेश किया नहीं है, बल्कि निवेश के लिए सिर्फ उत्साह दिखाया है. साल 2016 में गुरुग्राम में जो इनवेस्टर्स समिट करवाई गई थी उसमें तो 6 लाख करोड़ के निवेश का प्रस्ताव मिल चुका था, लेकिन उसमें से कितनी कंपनियां लग गईं हैं, सरकार ने इसका जिक्र आज तक नहीं किया.

क्या ऐसी शर्तों पर आएगा विदेशी निवेश?

निजी कंपनियों में स्थानीय युवाओं को रोजगार में 75 फीसदी आरक्षण के फैसले से पहले ही उद्योगपति नाराज हैं. ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि इन शर्तों के साथ कोई कंपनी यहां निवेश करने में कितनी दिलचस्पी दिखाएगी. निजी क्षेत्र में स्थानीय लोगों को नौकरी में 75 फीसदी आरक्षण का एजेंडा जन नायक जनता पार्टी का था, जिसकी मदद से बीजेपी की मनोहरलाल खट्टर सरकार चल रही है.

विशेषज्ञ ने कहा-आने की बजाय कम होगा निवेश

आरएसएस से जुड़े उद्योग संगठन लघु उद्योग भारती के पूर्व प्रदेश महासचिव श्रीराम अग्रवाल कहते हैं, “निजी क्षेत्र में स्थानीय लोगों को 75 फीसदी आरक्षण की बाध्यता से उद्योग जगत परेशान है. ऐसे में मुझे लगता है कि यहां निवेश आने की बजाय उल्टा जाएगा. क्योंकि कोई भी उद्योग आज के जमाने में आपके ऐसे नियमों में बंधकर काम नहीं करना चाहेगा. मल्टीनेशनल कंपनी तो बिल्कुल नहीं. न निवेश होगा और न रोजगार मिलेगा.”

क्या कहते हैं बीजेपी प्रवक्ता

हालांकि, बीजेपी प्रवक्ता राजीव जेटली ने कहा, ” सीएम मनोहर लाल ने स्पष्ट किया है कि अगर लोकल लेबर स्किल्ड नहीं मिलती है तो उद्योग प्रबंधक अपने हिसाब से कहीं से भी लेबर ले सकता है. साथ ही यह भी कहा है कि सरकार ने स्किल्ड डेवलपमेंट का जो प्रोग्राम चलाया है उसमें स्थनीय लोग बड़े स्तर पर दक्ष हुए हैं और उद्योगों को इस बारे में निराशा हाथ नहीं लगेगी. उन्हें स्किल्ड मैनपावर स्थानीय स्तर पर ही मिलेगी.”

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निवेश के लिए सरकार का तर्क

-डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला का कहना है कि यहां उद्योगों को स्थापित करने के लिए माहौल अनुकूल है. इज ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में हरियाणा उत्तर भारत में पहले तथा देश में तीसरे स्थान पर है. अच्छी कनेक्टिविटी है.

-उद्योगों को विकसित करने के लिए 34 इंडस्ट्रियल इस्टेट तैयार हैं, जिनमें से फरीदाबाद,  बावल, मानेसर, पानीपत एवं गुरूग्राम में अलग-अलग प्रकार के 1100 से अधिक औद्योगिक प्लॉट हैं. आईएमटी सोहना में 1500 एकड़ तथा खरखौदा में 3000 एकड़ भूमि को उद्योग लगाने के लिए तैयार किया गया है.

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