इन बैंकों ने घटाई ब्याज दरें, अब पर्सनल, होम और ऑटो लोन पर कम देना होगी EMI | business – News in Hindi

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इन बैंकों ने घटाई ब्याज दरें, अब पर्सनल, होम और ऑटो लोन पर कम देना होगी EMI

आरबीआई ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है.

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank of India) ने MCLR में 15 बेसिस प्वाइंट तक कटौती का ऐलान किया है. बीते एक सप्ताह में तीन बैंकों ने एमसीएलआर में कटौती की है. हालांकि, RBI ने नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया है.

मुंबई. सरकारी क्षेत्र के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने सोमवार को मार्जिनल कॉस्ट आॅफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 15 बेसिस प्वाइंट की कटौती का ऐलान किया है. यूनियन बैंक (Union Bank of India) द्वारा यह कटौती 11 अगस्त से विभिन्न अवधि वाले लोन के लिए लागू हो जाएगा. इसके साथ ही बैंक का एक साल का एमसीएलआर दर 7.40 फीसदी से घटकर 7.25 फीसदी पर आ गया है.

एक रात की लेंडिंग पर यह दर 6.80 फीसदी है जबकि 3 महीने और 6 महीने के लिए इस ब्याज दर को रिवाइज कर क्रमश: 6.95 फीसदी और 7.10 फीसदी कर दिया गया है. जुलाई 2019 के बाद यूनियन बैंक द्वारा ब्याज दरों में 14वीं कटौती का ऐलान किया गया है.

यूनियन बैंक के अलावा इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank) ने भी एमसीएलआर में 10 बेसिस प्वाइंट की कटौती का ऐलान किया है. इस कटौती को आज से यानी 10 अगस्त से ही लागू कर दिया गया है.

यह भी पढ़ें: Amazon खोलेगा अपने ऑफलाइन स्टोर्स! अब प्रोडक्ट को टच और फील कर सकेंगे ग्राहकइंडियन ओवरसीज बैंक ने पिछले सप्ताह बताया था कि उसने एक साल के एमसीएलआर को 7.75 फीसदी से घटाकर 7.65 फीसदी कर दिया है. दो साल के लिए भी यह घटकर 7.65 फीसदी पर आ गया है.

पुणे के बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra) ने भी एमसीएलआर में 20 बेसिस प्वाइंट तक की कटौती की है. इसे 7 अगस्त से ही लागू कर दिया गया है. इस बैंक ने एक साल के लिए एमसीएलआर को 7.50 फीसदी से घटाकर 7.40 फीसदी कर दिया है.

बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने एक रात वाले एमसीएलआर को 7 फीसदी से घटाकर 6.80 फीसदी कर दिया है. साथ ही एक महीने के लिए यह 7.10 फीसदी से घटकर 6.90 फीसदी कर दिया है.

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नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं
गौरतलब है कि भारतीय रिज़र्व बैंक ने पिछले सप्ताह मौद्रिक नीति बैठक में नीतिगत ब्याज दरों में कोई भी कटौती नहीं करने का फैसला लिया था. आरबीआई एमपीसी ने रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में को मौजूदा दर पर बरकरार रखा है. फिलहाल रेपो रेट 4 फीसदी पर है.

क्या होता है MCLR?
मार्जिनल का मतलब होता है- अलग से या अतिरिक्त. जब भी बैंक लेंडिंग रेट तय करते हैं, तो वे बदली हुई स्थ‍ितियों में खर्च और मार्जिनल कॉस्ट को भी कैलकुलेट करते हैं. बैंकों के स्तर पर ग्राहकों को डिपॉजिट पर दिए जाने वाली ब्याज दर शामिल होती है. MCLR को तय करने के लिए चार फैक्टर को ध्यान में रखा जाता है. इसमें फंड का अतिरिक्त चार्ज भी शामिल होता है. निगेटिव कैरी ऑन CRR भी शामिल होता है. साथ ही, ऑपरेशन कॉस्ट औक टेन्योर प्रीमियम शामिल होता है.

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