आईपीएल स्पॉन्सरशिप के लिए बीसीसीआई ने रखी ये शर्त, 300 करोड़ रुपये… | cricket – News in Hindi

0
5
यूएई में कोई आईपीएल खिलाड़ी नहीं लगा पाया है शतक, इस बल्लेबाज के नाम है सर्वश्रेष्ठ स्कोर

आईपीएल 2020 का आयोजन दुबई में होगा

19 सितंबर से शुरू हो रहे आईपीएल के मुख्य स्पॉन्सर वीवो (VIVO) का करार एक साल के लिए रद्द हो चुका है

नई दिल्ली. चीन के साथ सीमा पर तनातनी का असर वहां की कंपनी वीवो (VIVO) पर भी देखा गया जो कि आईपीएल की मुख्य स्पॉन्सर थी. सीमा पर चल रही तल्खियों के बाद वीवो की एक साल की स्पॉन्सरशिप बीसीसीआई ने रद्द कर दी. अब बीसीसीआई आईपीएल के नए स्पॉन्सर की तलाश में है और इस बीच आईपीएल चेयरमैन बृजेश पटेल ने स्पॉन्सरशिप पर बड़ी बात कह दी है. उन्होंने मीडिया को जानकारी दी कि बीसीसीआई को अगले एक हफ्ते में स्पॉन्सर मिल जाएगा और उसे वीवो के अलग होने से कोई फर्क नहीं पड़ता है.

आईपीएल चेयरमैन बृजेश पटेल की बड़ी बातें
भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) को इस साल इंडियन प्रीमियर लीग का आयोजन संयुक्त अरब अमीरात में कराने के लिये केंद्र सरकार से औपचारिक मंजूरी मिल गई है . लीग के चेयरमैन बृजेश पटेल ने सोमवार को यह जानकारी दी . उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट के नये टाइटल प्रायोजक की घोषणा 18 अगस्त तक हो जायेगी . इच्छुक कंपनियों को बोली जमा करने के लिये सात दिन का समय दिया जायेगा .बीसीसीआई ने आईपीएल स्पॉन्सरशिप के मुद्दे पर कहा है कि नई कंपनी को अधिकार 18 अगस्त 2020 से 31 दिसंबर 2020 तक मिलेंगे. स्पॉन्सरशिप की बोली में वही कंपनी हिस्सा ले सकेगी जिसका टर्नओवर 300 करोड़ रुपये से ज्यादा होगा. आईपीएल संयुक्त अरब अमीरात में 19 सितंबर से 10 नवंबर के बीच शारजाह, दुबई और अबुधाबी में खेला जायेगा .

IPL से पहले लंका प्रीमियर लीग में नजर आएगा सुपर किंग्‍स, सनराइजर्स का दमपाकिस्‍तान की हार पर बोले इंजमाम, कहा- टीम मैनेजमेंट ने नहीं किया अपना काम

स्पॉन्सरशिप पर बृजेश पटेल का बड़ा बयान
चीनी मोबाइल कंपनी वीवो से करार टूटने के बाद बीसीसीआई (BCCI) को प्रायोजन तलाशने में भी दिक्कत हो रही है . यह 440 करोड़ रुपये का करार था जो भारत और चीन के सैनिकों के बीच सीमा पर हुई हिंसक झड़प के कारण चीनी उत्पादों और कंपनियों के बहिष्कार की मांग के बीच इस साल के लिये रद्द कर दिया गया है . हालांकि बृजेश पटेल का मानना है कि वीवो का करार एक साल के लिए रद्द होने से बीसीसीआई को कोई फर्क नहीं पड़ता. पटेल ने कहा ,’ वीवो का अलग होना कोई झटका नहीं है . कई कंपनियां पहले ही रूचि जता चुकी हैं . चाहे भारतीय कंपनी हो या विदेशी, जो सबसे ज्यादा बोली लगायेगी उसे ही अधिकार मिलेंगे . पूरी प्रक्रिया 18 अगस्त तक पूरी हो जायेगी . बता दें स्पॉन्सरशिप की रेस में पतंजलि, एमेजॉन जैसी कंपनियां बताई जा रही हैं. अब देखना ये है बाजी किसके हाथ लगती है.

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here