असम में 72 घंटे के लिए आने वाले हवाई यात्रियों को पृथक-वास में नहीं रहना होगा | nation – News in Hindi

0
11
कोझिकोड विमान हादसे से दहले टीम इंडिया के खिलाड़ी, सामने आया दर्द

हवाई यात्रियों के लिए असम ने अपने नियमों में बदलाव किया है (सांकेतिक फोटो)

यात्रियों को पहुंचने पर आरएटी जांच (RAT Test) के लिए अपना नमूना देना होगा, और अगर रिपोर्ट निगेटिव (negative report) है तो उन्हें जाने की इजाजत होगी. अगर संक्रमित होने की पुष्टि होती है तो मुसाफिर को कोविड-19 के मरीज (Covid-19 patient) के लिए बनाए गए प्रोटोकॉल के तहत पृथक-वास (isolation) या उपचार के लिए जाना होगा.

गुवाहाटी. असम सरकार (Assam Government) ने सोमवार को कहा कि अगर कोई यात्री हवाई मार्ग (Air route) से राज्य आता है और वह 72 घंटे के अंदर यहां से चला जाएगा तो उसे पृथक-वास (Isolation) में नहीं भेजा जाएगा, लेकिन हवाई अड्डे (Airport) पर होने वाले रैपिड एंटीजन टेस्ट (RAT) की उसकी रिपोर्ट निगेटिव होनी चाहिए. स्वास्थ्य विभाग (Health Department) में प्रधान सचिव समीर सिन्हा की ओर से जारी एक आदेश में कहा गया है कि यात्री (passenger) को अपने वापसी की टिकट की प्रति मुहैया करानी होगी जो 72 घंटे में वापसी का संकेत करती हो.

यात्रियों को पहुंचने पर आरएटी जांच (RAT Test) के लिए अपना नमूना देना होगा, और अगर रिपोर्ट निगेटिव (negative report) है तो उन्हें जाने की इजाजत होगी. अगर संक्रमित होने की पुष्टि होती है तो मुसाफिर को कोविड-19 के मरीज (Covid-19 patient) के लिए बनाए गए प्रोटोकॉल के तहत पृथक-वास (isolation) या उपचार के लिए जाना होगा.

यदि कोई हवाई यात्री 72 घंटे की सीमा का उल्लंघन करता है तो होगी कार्रवाई
आदेश में कहा गया है कि बिना लक्षण वाले यात्रियों को आरसी पीसीआर परीक्षण कराना होगा, भले ही आरएटी की उनकी रिपोर्ट निगेटिव आए. वह जांच रिपोर्ट आने तक पृथक-वास में रहेंगे.आदेश में कहा गया है कि यदि कोई हवाई यात्री 72 घंटे की समयसीमा का उल्लंघन करता है तो उसे दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना होगा तथा उसे पृथक-वास में भेज दिया जाएगा.

सोनोवाल ने प्रधानमंत्री को बाढ़ की स्थिति से अवगत कराया
इसके अलावा सोमवार को असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने बाढ़ के कारण राज्य में बड़े पैमाने पर तबाही के बारे में सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अवगत कराया. राज्य में बाढ़ से 30 जिले प्रभावित हुए हैं और भूस्खलन के कारण 158 लोगों की मौत हुई है.

यह भी पढ़ें: BJP के इस बड़े नेता का दावा- आज नहीं तो कुछ महीने बाद गहलोत सरकार गिर जाएगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाढ़ प्रभावित छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक की. इस बैठक में भागीदारी करते हुए सोनोवाल ने कहा कि बाढ़ के कारण सड़क, पुल और पुलियों को काफी नुकसान हुआ है. बाढ़ की वजह से बड़े इलाके में लगी फसल तबाह हो गयी और कई पशु भी डूब गए.

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here