EXCLUSIVE: 18 सेक्टर की सरकारी कंपनियों के प्राइवेटाइजेशन का प्लान तैयार, अब कैबिनेट देगी मंजूरी | business – News in Hindi

0
6
EXCLUSIVE: 18 सेक्टर की सरकारी कंपनियों के प्राइवेटाइजेशन का प्लान तैयार, अब कैबिनेट देगी मंजूरी

नई दिल्ली. देश की आर्थिक तरक्की के लिए सरकार बड़े रिफॉर्म (Big Reforms) के रास्ते पर चल पड़ी है. आर्थिक विकास (Economy Growth Roadmap) का जो रोडमैप सरकार ने तैयार किया है, उसमें Privatization की रफ्तार तेज होगी. कंपनियों के प्रोफेशनल मैनेजमेंट के लिए निजी भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा. यानी अब PSUs कंपनियों को सरकार की कमान से आजादी मिलेगी.

Non-Strategic Sector की कंपनियों का होगा निजीकरण
आत्मनिर्भर भारत पैकेज के दौरान सरकार ने ऐलान किया था कि सरकार नॉन स्ट्रैटजिक सेक्टर में सभी सरकारी कंपनियों का निजीकरण कर देगी. जबकि स्ट्रैटजिक सेक्टर में अधिक से अधिक 4 कंपनियां अपने पास रखेगी. अब CNB-AWAAZ को सूत्रों से एक्सक्ल्यूसिव जानकारी मिली है कि Strategic Sector के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है.

किसानों के लिए बड़ी खबर! भारत की पहली किसान रेल का हुआ शुभारंभStrategic Sector में 18 सेक्टर शामिल होंगे. कैबिनेट मंजूरी के बाद उन कंपनियों की पहचान होगी जिनको सरकार अपने पास रखेगी और जिनका निजीकरण किया जाएगा. बता दें कि किसी Strategic Sector में कम से कम 1 और अधिक से अधिक 4 कंपनियां होंगी जो सरकार के पास रहेंगी. लिस्ट से बाहर वाला Non-Strategic Sector होगा. Non-Strategic Sector की कंपनियों का निजीकरण होगा.

कौन -कौन से 18 Strategic Sector है?
1. बैंक
2. इंश्योरेंस
3. कोल
4. स्टील

5. अन्य मिनरल और मेटल
6. फर्टिलाइजर
7. पावर जनरेशन
8. पावर ट्रांसमिशन
9. स्पेस
10. एटॉमिक एनर्जी
11. पेट्रोलियम(रिफाइनिंग एंड मार्केटिंग)
12. डिफेंस इक्पिमेंट
13. शिप बिल्डिंग
14. क्रूड ऑयल एंड गैस
15. टेलीकम्यूनिकेशन और IT
16. एयरपोर्ट, पोर्ट, हाईवे, गैस ट्रांसमिशन और लॉजिस्टिक्स
17. स्ट्रैटेजिक सेक्टर से जुडीं कंसल्टेंसी या कंस्ट्रक्शन कंपनियां
18. इंफ्रा, एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी, एनर्जी, हाउसिंग को फाइनेंस देने वाली कंपनी

नौकरी की चिंता छोड़ Mother Dairy के साथ शुरू करें बिजनेस

VIDEO में देखिए सरकारी कंपनियों को प्राइवेट करने के लिए क्या है सरकार का नया प्लान

कैबिनेट मंजूरी का इंतज़ार
जल्दी ही ये प्रस्ताव कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. बता दें की अभी इस प्रस्ताव में किसी खास कंपनी का नाम नहीं है. कैबिनेट मंजूरी के बाद कंपनी की पहचान की जाएगी.

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here