सरफराज अहमद के जूते उठाने पर बोले हेड कोच मिस्बाह उल हक- इसमें दिक्कत क्या है | cricket – News in Hindi

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सरफराज अहमद के जूते उठाने पर बोले हेड कोच मिस्बाह उल हक- इसमें दिक्कत क्या है

मिस्बाह उल हक ने सरफराज अहमद विवाद पर कही बड़ी बात

मैनचेस्टर टेस्ट में सरफराज अहमद (Sarfaraz Ahmed) ने बतौर 12वें खिलाड़ी के तौर पर शान मसूद के लिए जूते उठाए, जिस पर बवाल मचा हुआ है

नई दिल्ली. मैनचेस्टर टेस्ट में पाकिस्तानी टीम ने पूर्व कप्तान सरफराज अहमद को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं दी. सरफराज अहमद को 12वां खिलाड़ी बनाया गया है, जिसका काम खेल रहे खिलाड़ियों के लिए ड्रिंक्स लाना होता है. खेल के दूसरे दिन सरफराज अहमद शानदार शतक जड़ने वाले शान मसूद के लिए पानी लेकर आए. यही नहीं उनके हाथों में जूते भी थे. बस इस तस्वीर पर पाकिस्तानी मीडिया में बवाल मच गया. शोएब अख्तर और राशिद लतीफ जैसे बड़े खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी क्रिकेट टीम पर सवाल खड़े कर दिए. दोनों का मानना था कि पाकिस्तान के पूर्व कप्तान को आप जूनियर खिलाड़ी के लिए जूते ले जाने को नहीं बोल सकते. इस मुद्दे पर जब हेड कोच मिस्बाह उल हक से सवाल पूछा गया तो उन्होंने पाकिस्तानी लोगों की सोच पर ही सवाल खड़े कर दिये.

सरफराज अहमद मामले पर मिस्बाह का जवाब
मिस्बाह उल हक ने सरफराज अहमद मामले पर पत्रकारों से कहा, ‘ऐसी सोच सिर्फ पाकिस्तान में ही हो सकती है. कुछ लोग सरफराज अहमद के ड्रिंक्स उठाने पर सवाल उठा रहे हैं वो नाराज हैं. लेकिन कोई खिलाड़ी बड़ा या बहुत जरूरी नहीं होता. टीम के लिए कोई भी पानी उठा सकता है. ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मैं कप्तान था और मैं एक मुकाबले में नहीं खेला. मैंने 12वें खिलाड़ी की जिम्मेदारी संभाली और टीम के लिए पानी लेकर गया.’

ये दिग्गज कप्तान भी बन चुके हैं 12वें खिलाड़ीबता दें सिर्फ सरफराज अहमद ही नहीं बल्कि विराट कोहली, एमएस धोनी, रिकी पॉन्टिंग जैसे दिग्गज खिलाड़ी और कप्तान भी अपनी-अपनी टीमों को मैदान पर पानी पिला चुके हैं. हालांकि शोएब अख्तर ने सरफराज के पानी पिलाने नहीं बल्कि जूते उठाने पर सवाल खड़े किये हैं. एक निजी टीवी चैनल पर शोएब अख्तर ने कहा, ‘मुझे ये तस्वीर देखकर बिलकुल अच्छा नहीं लगा. एक पूर्व कप्तान जिसने पाकिस्तान को चैंपियंस ट्रॉफी जिताई है, आप उसके साथ ऐसा नहीं कर सकते. 4 साल कप्तानी की है सरफराज ने आप उसे कैसे जूते उठाए. मैंने तो कभी वसीम अकरम से जूते नहीं उठवाए. सरफराज ने जूते उठा भी लिए थे तो उसे रोकना चाहिए था.’

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