राम मंदिर: कमलनाथ और दिग्विजय के बयान पर कांग्रेस सांसद की आपत्ति, सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी | nation – News in Hindi

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राम मंदिर: कमलनाथ और दिग्विजय के बयान पर कांग्रेस सांसद की आपत्ति, सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी

टीएन प्रतापन ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी है. (File Photo)

प्रतापन ने अपनी चिट्ठी में कमलनाथ (Kamalnath) और दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) के बयान पर निराशा जताते हुए कहा है कि कांग्रेस अति धार्मिक राष्ट्रवाद के पीछे नहीं भाग सकती. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का फैसला आने के बाद नफरत की राजनीति का एक युग खत्म हो गया है.

नई दिल्ली. कांग्रेस (Congress) के सांसद टीएन प्रतापन (TN Pratapan) ने पार्टी के वरिष्ठ नेता कमलनाथ (Kamalnath) और दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) के राम मंदिर (Ram Mandir) को लेकर दिये बयान पर चिंता जताई है और इस संबंध में उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को चिट्ठी भी लिखी है. प्रतापन ने अपनी चिट्ठी में कमलनाथ (Kamalnath) और दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) के बयान पर निराशा जताते हुए कहा है कि कांग्रेस अति धार्मिक राष्ट्रवाद के पीछे नहीं भाग सकती. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का फैसला आने के बाद नफरत की राजनीति का एक युग खत्म हो गया है.

कांग्रेस सांसद ने कहा कि मुझे लगता है कि ये संघ परिवार द्वारा प्रायोजित धार्मिक राजनैतिक कार्यक्रम था. यदि हमें इस कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया तो हमारे नेता इसके लिए निवेदन क्यों कर रहे हैं. प्रतापन ने लिखा कि कांग्रेस ने हमेशा भारत को महान राष्ट्र बनाने और बहुसंख्यकवाद की विरासत को संभालकर रखने का काम किया है. टीएन प्रतापन ने लिखा हमें इसमें किसी भी हिस्सेदारी का दावा नहीं करना चाहिए. हम जैसे नेताओं को भूमि पूजन जैसे आयोजन में क्यों आमंत्रित किया जाना चाहिए. कांग्रेस अध्यक्ष को लिखे अपने पत्र में सांसद ने लिखा कि कहा कि हम अति धार्मिक राष्ट्रवाद के पीछे इसके नरम स्वरूप के साथ भाग नहीं सकते. हमें तत्काल विकल्प को स्वीकार करना चाहिए.

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प्रियंका गांधी के बयान का किया समर्थनप्रतापन ने कहा कि प्रियंका गांधी वाड्रा जी ने इस मामले पर जो बयान दिया है वह स्वीकार करने योग्य है. मुझे लगता है कि इस तरह वह मंदिर के नाम पर एकता की बात कर रही हैं. हमें लगता है कि ये एकता तब तक नहीं होगी जब तक कि संघ परिवार सत्ता में है.

बता दें कि मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ ने राम मंदिर के भूमि पूजन का स्वागत करते हुए बुधवार को कहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने राम मंदिर का ताला खुलवाया था और लोगों की इच्छा थी कि राम मंदिर का निर्माण हो.

कमलनाथ ने भोपाल में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय के मुख्यद्वार पर भगवान श्रीराम की तस्वीर के सामने दीप प्रज्वलित कर दीपोत्सव की शुरुआत भी की थी.

वहीं, दिग्विजय सिंह ने भी राम मंदिर की नींव रखने का स्वागत किया था. हालांकि उन्होंने भूमि पूजन के मुहुर्त को लेकर सवाल खड़े किए.

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