महबूबा मुफ्ती की रिहाई सुरक्षा आकलन बदलने पर निर्भर: पूर्व राज्‍यपाल मुर्मू | nation – News in Hindi

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महबूबा मुफ्ती की रिहाई सुरक्षा आकलन बदलने पर निर्भर: पूर्व राज्‍यपाल मुर्मू

जीसी मुर्मू ने दिया है जम्‍मू कश्‍मीर के उप राज्‍यपाल के पद से इस्‍तीफा.

उपराज्‍यपाल जीसी मुर्मू (GC Murmu) के रूप में अपने अंतिम साक्षात्कार में मुर्मू ने न्यूज18 से पिछले साल की सुरक्षा चुनौतियों, बेरोजगारी और महबूबा मुफ्ती जैसे नेताओं के निरंतर संघर्ष पर विस्तार से बात की थी.

नई दिल्‍ली. जम्मू और कश्मीर (Jammu Kashmir) के पूर्व उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू (GC Murmu) ने बुधवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ramnath kovind) को अपना इस्तीफा सौंपने से कुछ घंटे पहले कहा कि सरकार हिरासत में लिए गए राजनीतिक नेताओं की रिहाई के लिए समीक्षा प्रक्रिया जारी रखेगी. पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) उनमें से एक हैं, जिन्‍हें कड़े सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत तीन और महीने के लिए हिरासत में रखा गया है.

जीसी मुर्मू ने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति भवन को भेजा था. राष्‍ट्रपति की ओर से इसे मंजूर कर लिया गया है. साथ ही मनोज सिन्‍हा को जम्‍मू कश्‍मीर का नया उपराज्‍यपाल बनाया गया है. उपराज्‍यपाल के रूप में अपने अंतिम साक्षात्कार में मुर्मू ने न्यूज18 से पिछले साल की सुरक्षा चुनौतियों, बेरोजगारी और महबूबा मुफ्ती जैसे नेताओं के निरंतर संघर्ष पर विस्तार से बात की थी.

उमर अब्दुल्ला द्वारा किसी भी चुनाव में भाग नहीं लेने की धमकी पर प्रतिक्रिया देते हुए मुर्मू ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मुख्यधारा के सभी दल चुनावी प्रक्रिया में शामिल होंगे और जब भी ऐसा होगा. मुर्मू ने कहा, “कुछ अलग-अलग राय हो सकती हैं, मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगा, लेकिन मुझे नहीं लगता कि राजनीतिक दलों का दृष्टिकोण समान होगा. मुझे उम्मीद है कि सभी भाग लेंगे.’

उन्होंने कहा कि पंच, सरपंच और ब्लॉक विकास परिषद के सदस्यों के बीच सामान्य मनोदशा चुनावी प्रक्रिया के प्रति उत्साह था. अब्दुल्ला ने पहले कहा था कि वह एक विधायक चुनाव के लिए तभी लड़ेंगे जब राज्य का केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के लिए बहाल हो जाएगा.जब मुफ्ती की कैद जारी रहने के बारे में पूछा गया तो मुर्मू ने कहा कि एक नेता को रिहा करने का फैसला लगातार बदलती सुरक्षा परिस्थितियों पर आधारित था. समय-समय पर स्थिति की समीक्षा की जाती है. कई नेताओं को समीक्षा के बाद छोड़ दिया गया. हम भविष्य में भी प्रक्रिया जारी रखेंगे और जिन्‍हे रिहा किया जा सकता है, उन्‍हें छोड़ा जाएगा.

मुर्मू ने मुफ्ती की बेटी इल्ताजा द्वारा लगाए गए आरोपों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. इल्‍तजा ने दावा किया था कि उनकी मां ने हिरासत में रहना जारी रखा क्योंकि वह अन्य लोगों के विपरीत धारा 370 को निरस्त करने के खिलाफ बोल रही थीं, जिन्हें रिहा कर दिया गया था.

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