जम्मू कश्मीर: 2 सरपंचों पर हुआ जानलेवा हमला, 24 घंटे में BJP के 4 नेताओं ने पार्टी को छोड़ा | nation – News in Hindi

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जम्मू कश्मीर: 2 सरपंचों पर हुआ जानलेवा हमला, 24 घंटे में BJP के 4 नेताओं ने पार्टी को छोड़ा

बीजेपी नेताओं के इस्तीफे के पीछे की वजह कुलगाम में सरपंचों के उपर हुए जानलेवा हमले को बताया जा रहा है.

जम्मू कश्मीर (Jammu kashmir) के कुलगाम के देवसर से बीजेपी सरपंच ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. राज्य में पिछले 24 घंटे के अंदर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के चार कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा दे दिया है.

श्रीनगर. जम्मू कश्मीर (Jammu kashmir) के कुलगाम के देवसर से बीजेपी सरपंच (BJP Sarpanches) ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. राज्य में पिछले 24 घंटे के अंदर भारतीय जनता पार्टी (BJP) (बीजेपी) के चार कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा दे दिया है. कुलगाम (Kulgam) से पहले पार्टी के कार्यकर्ता सबजार अहमद पाडर, निसार अहमद वानी और आशिक हुसैन पाला अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था.

जानकारी के मुताबिक जम्मू कश्मीर में बीजेपी नेताओं के इस्तीफे का कारण कुलगाम में सरपंचों पर हुए जानलेवा हमला बताया जा रहा है. गुरुवार को ही कुलगाम जिले के काजीगुंड ब्लॉक के वेस्सु गांव में बीजेपी के सरपंच पर आतंकियों ने हमला कर दिया था. आतंकियों ने खुलेआम सरपंच को गोली मार दी थी. गोली लगने के बाद सरपंच को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अस्पताल में भर्ती कराए जाने के कुछ देर बाद ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

4 अगस्त की शाम को हुआ था सरपंच पर हमला
इससे पहले 4 अगस्त की शाम को कुलगाम जिले के मीरबाजार के अखरान इलाके में पंच पीर आरिफ अहमद शाह पर आतंकियों ने हमला किया. वह गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसके बाद श्रीनगर के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया.इस्तीफे के बाद पार्टी से कार्यकर्ताओं ने मांगी माफी
बीजेपी से इस्तीफा देने वाले कार्यकर्ताओं और नेताओं का कहना है कि वो अपने निजी कार्यों में व्यस्त हैं. वर्तमान में उनके पास पार्टी के लिए काम करने का वक्त नहीं है. इसलिए उन्होंने पार्टी को छोड़ने का फैसला लिया है. उन्होंने यह भी कहा कि वो इसके लिए पार्टी से मांफी मांगते हैं.

पत्थरबाजी की घटनाओं में आई कमी
अनुच्छेद 370 (Article 370) के हटने की पहली वर्षगांठ पर जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में सुरक्षा हालात बदले-बदले नजर आ रहे हैं. जहां एक तरफ सुरक्षा बलों को आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है. वहीं, पत्थरबाज़ी की घटनाओं में भी भारी कमी देखने को मिल रही है. सुरक्षा एजेंसियों की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल जून तक कश्मीर में केवल 40 पत्थरबाज़ी की घटनाएं दर्ज हुई है. पिछले सालों की तुलना में यह आंकड़ा बहुत कम है.

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