जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल जीसी मुर्मू ने दिया इस्तीफा, बन सकते हैं नए CAG: सूत्र | nation – News in Hindi

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जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल जीसी मुर्मू ने दिया इस्तीफा, बन सकते हैं नए CAG: सूत्र

जीसी मुर्मू अगले सीएजी हो सकते हैं

सूत्रों के अनुसार जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) के उपराज्यपाल जीसी मुर्मू (GC Murmu) अगले कंट्रोलर ऑफ ऑडिट जनरल (Controller of Audit General) होंगे. उन्हें जम्मू कश्मीर में एलजी के पद से हटाकर राजीव महर्षि की जगह लाया जा सकता है.

श्रीनगर. जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) के उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू (Girish Chandra Murmu) ने इस्तीफा देने की पेशकश की है. सूत्रों के अनुसार जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल जीसी मुर्मू अगले कंट्रोलर ऑफ ऑडिट जनरल (Controller of Audit General)  होंगे. उन्हें जम्मू कश्मीर में एलजी के पद से हटाकर राजीव महर्षि की जगह लाया जा सकता है. सूत्रों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में ने एलजी की तलाश शुरू हो चुकी है फिलहाल जीसी मुर्मू ने अपना इस्तीफा केंद्र को भेजा है. सूत्रों की अगर मानें तो जम्मू कश्मीर में नया एलजी एक-दो दिन में मिल सकता है.

मुर्मू को अक्टूबर 2019 में सत्यपाल मलिक (Satyapal Malik) की के बाद केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर का पहला उप-राज्यपाल नियुक्त किया था. गुजरात कैडर (Gujarat Cadre) के आईएएस अधिकारी जीसी मुर्मू को कानून व्यवस्था का लंबा अनुभव रहा है. जब नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो उस वक्त मुर्मू गृह विभाग में सचिव रहने के बाद सीएमओ में भी उनके सचिव थे. मुर्मू 1985 बैच के आईएएस अधिकारी हैं.

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कौन हैं जीसी मुर्मू21 नवंबर 1959 जन्मे मुर्मू मूल रूप से ओडिशा के हैं. उन्होंने राजनीति विज्ञान में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है. उन्होंने यूनाइटेड किंगडम की बर्मिंघमन यूनीवर्सिटी से एमबीए की डिग्री ली है.
मुर्मू पीएम नरेंद्र मोदी के गुजरात में मुख्यमंत्री रहने के दौरान उनके प्रमुख सचिव रहे थे. मुर्मू को केंद्र सरकार में भरोसेमंद नौकरशाहों में से एक माना जाता है.

बता दें बुधवार 5 अगस्त को कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के भारत सरकार के फैसले के एक साल पूरे हुए हैं. 2019 में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान हटाकर उसका विशेष राज्य का दर्जा वापस ले लिया था और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) और लद्दाख (Ladakh) में विभाजित कर दिया था. जिसके बाद मुर्मू को केंद्र शासित प्रदेश का पहला एलजी नियुक्त किया गया था.

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