कोरोना संकट के बीच DGFT की पहल, आयात में कटौती और मेक इन इंडिया को बढ़ावा दे रहा नियामक | business – News in Hindi

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कोरोना संकट के बीच DGFT की पहल, आयात में कटौती और मेक इन इंडिया को बढ़ावा दे रहा नियामक

DGFT ने घरेलू उत्‍पादन बढ़ाने, आयात घटाने और निर्यात में वृद्धि की कवायद में जुट गया है.

विदेश व्‍यापार महानिदेशालय (DGFT) खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के महात्‍वाकांक्षी कार्यक्रम ‘मेक इन इंडिया’ के मुताबिक खुद को ढाल रहा है. इसके तहत नियामक आयात को कम करने (Cut Import) के लिए घरेलू स्‍तर पर उत्‍पादन को प्रोत्‍साहित कर रहा है.

नई दिल्‍ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) कोरोना संकट के बीच बार-बार आपदा को अवसर में बदलने और आयात को कम करने के लिए घरेलू स्‍तर पर उत्‍पादन को बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं. इस बीच विदेश व्‍यापार महानिदेशालय (DGFT) ने खुद को पीएम मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम के मुताबिक ढालना शुरू कर दिया है. अब महानिदेशालय आयात को कम करने (Cut Imports) के लिए घरेलू उत्‍पादन को प्रोत्‍साहित करने की नीति पर काम करेगा.

DGFT आयात को घटाकर निर्यात बढ़ाने का कर रहा है काम
डीजीएफटी के महानिदेशक अमित यादव ने बताया कि विदेशी व्‍यापार नियामक देश की उत्‍पादन क्षमता (Production Capacity) बढ़ाने की कोशिश में जुट गया है. साथ ही आयात को कम करते हुए निर्यात में वृद्धि की दिशा में काम कर रहा है. उन्‍होंने कहा कि भारत से लेक्‍ट्रॉनिक्‍स, हार्डवेयर सेक्‍टर से जुड़ी चीजों के साथ ही वेंटिलेटर्स के निर्यात में वृद्धि पर ध्‍यान दिया जा रहा है. इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स एंड कंप्‍यूटर सॉफ्टवेयर एक्‍सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के कार्यक्रम में यादव ने इंडस्‍ट्री से जुड़े लोगों से आयात घटाने और निर्यात में वृद्धि के लिए सुझाव भी मांगे.

ये भी पढ़ें- Railway की नई कोशिश! अब लेट नहीं होगी आपकी ट्रेन, यात्रियों को समय पर पहुंचाने के लिए रेलवे ने उठाया ये बड़ा कदमवेंटिलेटर्स के निर्माण और निर्यात पर है डीजीएफटी का पूरा जोर

कोरोना वायरस के पूरी दुनिया में फैलने के बाद सबसे ज्‍यादा कमी वेंटिलेटर्स की महसूस की गई. इस समय भारत समेत पूरी दुनिया वेंटिलेटर्स क कमी की चुनौती से जझ रही है. वाणिज्‍य व उद्योग मंत्रालय (Ministry of Commerce and Industry) के अधीन काम करने वाले डीजीएफटी ने कहा कि हमारा पूरा जोर वेंटिलेटर्स के निर्माण और निर्यात पर है. इसके अलावा हेल्‍थकेयर व फामास्‍युटिकल सेक्‍टर के लिए इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स और हार्डवेयर का निर्यात करना भी सरकार के राडार पर है.

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‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के लिए जरूरी बदलावों पर है ध्‍यान
अमित यादव ने कहा कि महानिदेशालय ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (Ease of Doing business) के लिए जरूरी बदलावों पर ध्‍यान दे रहा है. हमारा लक्ष्‍य निर्यातकों (Exporters) को हरसंभव मदद मुहैया कराना है. उन्‍होंने कहा कि इस समय देश में इलेक्‍ट्रॉनिक कंपोनेंट सेक्‍टर (Electronic Component Sector) तैयार करने की काफी जरूरत है. इससे देश के निर्यात में इजाफा होगा. उन्‍होंने कहा कि इस सेक्‍टर के तैयार होने से रोजगार के नए अवसर (Employment) भी पैदा होंगे.

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