Sovereign Gold Bonds: रक्षाबंधन पर बाजार भाव से कम में सोना खरीदने का मौका, मिलेंगे कई फायदे | business – News in Hindi

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Sovereign Gold Bonds: रक्षाबंधन पर बाजार भाव से कम में सोना खरीदने का मौका, मिलेंगे कई फायदे

रक्षाबंधन के दिन खरीदें सस्ता सोना

Sovereign Gold Bonds: इस स्कीम में कोई भी व्यक्ति एक कारोबारी साल में अधिकतम 500 ग्राम के गोल्‍ड बॉन्ड खरीद सकता है. इस बॉन्ड में न्यूनतम निवेश एक ग्राम है. इसके निवेशकों को टैक्‍स पर भी छूट मिलती है. निवेशक स्‍कीम के जरिए बैंक से लोन भी ले सकते हैं.

नई दिल्ली. गोल्ड बॉन्ड (Gold Bonds) की चालू वित्त वर्ष की पांचवीं सीरीज रक्षाबंधन (Rakshabandhan) यानी 3 अगस्त से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गई है. RBI ने सॉवरेन स्वर्ण बॉन्ड (Sovereign Gold Bond) का इश्यू प्राइस 5,334 रुपए प्रति ग्राम तय किया है. यानी आप इस भाव सोना खरीद सकते है. इस बॉन्ड के लिए ऑनलाइन अप्लाई करने वालों और भुगतान करने वालों को प्रति ग्राम के हिसाब से 50 रुपए की छूट मिलेगी. ऐसे निवेशकों के लिए गोल्ड बॉन्ड की इश्यू प्राइस 5,284 रुपये प्रति ग्राम रह जाएगी. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम 2020-21 सीरीज-5 (Sovereign Gold Bond Scheme 2020-21-Series V) को सब्सक्राइब करने की आखिरी तारीख 7 अगस्त है.

गोल्ड बॉन्ड की पांचवीं किस्त ऐसे समय में सब्सक्रिप्शन के लिए खुल रही, जब इस साल सोने के दाम में 37 फीसदी की बढ़ोत्तरी देखने को मिली है और सोने की कीमत 54,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गई है. कैसे मिलती है. RBI ये बॉन्ड भारत सरकार की तरफ से जारी कर रहा है. RBI के अनुसार बॉन्ड की कीमत 99.9 शुद्धता वाले सोने के लिए पिछले 3 कारोबारी दिन में साधारण औसत बंद भाव (इंडिया बुलियन एंड जूलर्स एसोसिशन द्वारा प्रकाशित) मूल्य पर आधारित है.

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इतना खरीद सकते हैं सोनासॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्‍कीम (Gold Bond Scheme) के तहत सोना खरीदने के कुछ नियम हैं. इस स्कीम में कोई भी व्यक्ति एक कारोबारी साल में अधिकतम 500 ग्राम के गोल्‍ड बॉन्ड खरीद सकता है. इस बॉन्ड में न्यूनतम निवेश एक ग्राम है. इसके निवेशकों को टैक्‍स पर भी छूट मिलती है. निवेशक स्‍कीम के जरिए बैंक से लोन भी ले सकते हैं.

एक और खास बात ये है कि इस स्कीम में खरीदे गए सोने पर आपको 2.5 फीसदी की सालाना दर से ब्याज भी मिलता है. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्‍कीम में सोना खरीदकर घर में नहीं रखा जाता है. बल्कि बॉन्‍ड में निवेश के तौर पर इस्‍तेमाल करना होता है. बॉन्‍ड वाले सोने की कीमत रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) तय करता है. धातु सोने की मांग में कमी लाने के लिए सरकार ने नवंबर, 2015 में गोल्ड बॉन्ड स्कीम शुरू की थी.

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गोल्ड बॉन्ड स्कीम से जुड़ी कुछ खास बातें
गोल्ड बॉन्ड की इस सीरीज को इश्यू करने की तारीख 11 अगस्त, 2020 होगी. गोल्ड बॉन्ड्स की अवधि 8 साल की होती है. इसमें पांचवें साल के बाद आपके पास एक्जिट का विकल्प होता है. गोल्ड बॉन्ड्स की बिक्री बैंकों, निर्धारित डाक घरों, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड और स्टॉक एक्सचेंजेज के जरिए सीधे तौर पर या उनके एजेंटों के जरिए होती है.

कोई भी व्यक्ति न्यूनतम एक ग्राम का गोल्ड बॉन्ड खरीद सकता है. वहीं, व्यक्तिगत निवेशक, अविभाजित हिन्दू परिवार एक वित्त वर्ष में अधिकतम 4 किलोग्राम तक का गोल्ड बॉन्ड खरीद सकते हैं.

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