भ्रष्टाचार के आरोप में जहाजरानी मंत्रालय से जुड़े ADG पर केस दर्ज, CBI कर रही जांच | nation – News in Hindi

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नौसेना में घोटाला : चार राज्यों के 30 ठिकानों पर सीबीआई का छापा

सीबीआई की टीम ने भ्रष्टाचार मामले की कर रही है जांच.

अतिरिक्त महानिदेशक पद पर कार्यरत अधिकारी संदीप अवस्थी पर आरोप लगा है की उन्होंने एक कारोबारी को गलत तरीके से मदद करने के बदले 50 हजार रुपये की घूस ली थी.

नई दिल्ली. केन्द्रीय जांच एजेंसी सीबीआई (Central bureau of Investigation) की टीम ने जहाजरानी मंत्रालय (shipping ministry of india) के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज किया है. सीबीआई की टीम ने भ्रष्टाचार के आरोप में संदीप अवस्थी सहित कई अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी गई है. संदीप अवस्थी जहाजरानी मंत्रालय के अंतर्गत डीजी दफ्तर में अतिरिक्त महानिदेशक (Additional Director General) पद पर कार्यरत हैं.

अतिरिक्त महानिदेशक पद पर कार्यरत अधिकारी संदीप अवस्थी पर आरोप लगा है की उन्होंने एक कारोबारी को अनुचित तरीके से मदद करने के बदले 50 हजार रुपये की घूस ली थी. हालांकि इस मामले में उसके साथ दो अन्य अधिकारियों के ऊपर भी इस भष्ट्राचार से जुड़े मामले में शामिल होने का आरोप लगा है. सीबीआई की टीम इस मामले में एफआईआर दर्ज करके मामले की तफ्तीश विस्तार से करने में जुट गई है .

क्या है आरोप ?
सीबीआई द्वारा दर्ज मामले में प्रकाश बी. राजपूत नाम के एक आरोपी को और उसकी कंपनी को गलत तरीके से फायदा पहुंचाने का आरोप है. प्रकाश बी.राजपूत द्वारा पांच मार्च 2020 को अतिरिक्त महानिदेशक संदीप अवस्थी को 50 हजार रुपये घूस देने का आरोप है. जहाजरानी मंत्रालय अंतर्गत स्पेशल सिविल आवेदन संख्या नंबर-18181 सहित अन्य मामलों की जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुई थीं, उसके बाद ही मंत्रालय द्वारा इस मामले की तफ्तीश का जिम्मा सीबीआई को सौंपा गया.इसे भी पढ़ें :- नौसेना में घोटाला: चार राज्यों के 30 ठिकानों पर सीबीआई का छापा

कैसे भ्रष्ट्राचार को दिया गया अंजाम
दरअसल प्रकाश बी राजपूत एक मामला गुजरात स्थित उच्च न्यायालय में चल रहा था, जिसको अतिरिक्त महानिदेशक संदीप अवस्थी के नेतृत्व में जांच चल रही थी. संदीप अवस्थी पर आरोप है कि उन्होंने गुजरात उच्च न्यायालय में डीजी जहाजरानी द्वारा दाखिल होने वाले जवाबी हलफनामे को दाखिल करने में देरी करने के लिए प्रकाश बी राजपूत से पैसों की डिमांड की थी और उसी के एवज में 6 लाख रुपये देने की बात कही थी. 50 हजार की शुरुआती क़िस्त के तौर पर संदीप अवस्थी ने ले भी लिए थे. इस मामले की जानकारी सीबीआई की टीम को मिली उसके बाद सीबीआई के अधिकारी आर एस गोसाईं ने स्वतः संज्ञान लेते हुए इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई. सीबीआई की टीम अब इस मामले में जल्द ही कई स्थानों पर छापेमारी करके इस मामले की तफ्तीश करेगी.

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