भारतीय क्रिकेटर पर पड़ी कोरोना की मार, परिवार पालने के लिए करनी पड़ रही है मजदूरी | cricket – News in Hindi

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आर्थिक तंगी में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्‍तान, पियोन की नौकरी के लिए किया आवेदन

राजेंद्र धामी व्हील चेयर क्रिकेट खेलते हैं

कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण भारत में पिछले चार महीने से किसी स्तर पर क्रिकेट नहीं खेला जा रहा है

नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण कहां भारतीय क्रिकेट टीम को घर पर परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिला है वहीं कुछ के लिए इस वायरस ने उनके सपनों को ही खत्म कर दिया. भारत की व्हीलचेयर क्रिकेट टीम के खिलाड़ी राजेंद्र सिंह धामी (Rajendra Singh Dhami) इन दिनों कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण मजदूरी का काम करने को मजबूर हो गए हैं क्योंकि उनके पास कोई और काम नहीं है. राजेंद्र इससे पहले मैचों के दौरान मिले पैसे और स्कॉलरशिप से गुजारा करते थे.

परिवार पालने के लिए करना पड़ा रहा है यह काम
राजेंद्र के ऊपर अपने बूढ़े मां बाप और भाई-बहनों का ख्याल रखने की जिम्मेदारी है. उत्तराखंड रे रायकोट के रहने वाले राजेंद्रने मनरेगा का अतहत काम करना शुरू कर दिया. हालांकि लगता है धीरे-धीरे- राजेंद्र की परेशानी खत्म होने वाली है. उनके हालातों में जानने के बाद भारतीय ओलिंपिक संघ मदद के लिए आगे आय़ा है. उन्होंने इस खिलाड़ी को 50 हजार रुपए देने का फैसला किया है वहीं राज्य सरकार का कहना है कि वह भी मदद के लिए आगे आएगी.

क्रिकेट से पहले शॉटपुट और डिस्कस थ्रो खेल चुके हैं राजेंद्रराजेंद्र को टीम की कोचिंग की जिम्मेदारी निभाने के लिए बेंगलुरु के लिए बहुत समय पहले रवाना होना था हालांकि कोरोना के चलते ऐसा हो नहीं पाया. धीरे-धीरे उनकी स्थिति खराब होती गई और उन्हें आखिरकार पत्थर तोड़ने का काम शुरू कर दिया जहां उन्हें दिन के केवल पांच रुपए मिलते हैं. धामी के शरीर का निचला हिस्सा काम नहीं करता हालांकि इसके बावजूद वह खेल से जुड़े रहे हैं. क्रिकेट से पहले वह नेशनल लेवल शॉट पुट और डिस्कस थ्रो खेला करते जिसके बाद उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू किया.

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राजेंद्र ने सरकार से की खास अपील
अपनी स्थिति के बारे में बात करते हुए धामी ने कहा, ‘आपको दिन में दो बार खाने का इंतजाम करना पड़ता है. भीख मांगने से बेहतर है कि यह मजदूरी का काम करूं.’ धामी ने कहा कि उन्हें तो मदद मिल गई है लेकिन भारत में ऐसे कई औऱ खिलाड़ी है जिन्हें मदद की जरूरत है औऱ  सरकार को इस ओर कदम उठाने चाहिए

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