Bakrid 2020: भारत में कब है बकरीद, जानें ईद-उल-अजहा पर कुर्बानी का महत्व | dharm – News in Hindi

0
5
Bakrid 2020: भारत में कब है बकरीद, जानें ईद-उल-अजहा पर कुर्बानी का महत्व

भारत में कब है बकरीद, जानें

ईद अल-अधा 2020 की तारीख (Eid al-Adha 2020 Date) : इस्लाम धर्म में बकरीद 2020 का त्योहार इब्राहिम के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए मनाया जाता है. अल्लाह के आदेश को मानते हुए इब्राहीम (Ibrahim) अपने बेटे इस्माइल की कुर्बानी देने (festival of sacrifice) के लिए तैयार हो गए थे.

भारत में ईद अल-अधा 2020 की तारीख (Eid al-Adha 2020 Date) : ईद-अल-अधा, जिसे ‘कुर्बानी का त्योहार’ के रूप में भी जाना जाता है. इस्लाम धर्म में यह त्योहार इब्राहिम के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए मनाया जाता है. अल्लाह के आदेश को मानते हुए इब्राहीम अपने बेटे इस्माइल की कुर्बानी देने के लिए तैयार हो गए थे. हालांकि, ऐसा होने से पहले अल्लाह ने कुर्बानी के लिए एक मेमना दे दिया था. इसी वजह से इस त्योहार को बकरीद के तौर पर जाना जाता है.

ईद-अल-अधा इस्लामिक चंद्र कैलेंडर के धू अल-हिजाह (बारहवें और अंतिम महीने) के 10 वें दिन से शुरू होता है और चार दिन बाद समाप्त हो जाता है. इस साल, 31 जुलाई (शुक्रवार) को दुनिया भर में बकरीद का जश्न शुरू होगा, जैसा कि सऊदी अरब द्वारा ऐलान किया गया है. हालांकि, दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम ने कहा कि बकरीद 1 अगस्त (शनिवार) को भारत में चांद के दीदार के बाद मनाई जाएगी.

इसे भी पढ़ें: Happy Eid al-Adha Mubarak: ख़ास अंदाज में दोस्तों, रिश्तेदारों को दें ईद की मुबारकबाद
ऐसे मनाई जाती है बकरीद:परंपरागत रूप से, बकरीद के दिन कुर्बानी का पके हुए मांस का एक हिस्सा त्योहार के दौरान गरीबों और जरूरतमंदों में बांट दिया जाता है, जबकि बाकी हिस्सा परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के लिए रखा जाता है. बकरीद का त्योहार अल्लाह को अपनी सबसे अजीज चीज की कुर्बानी देने के रूप में माने जाता है.

कोरोना महामारी (Corona Infection) के इस दौर में योगी सरकार (Yogi Government) ने बकरीद की नमाज और कुर्बानी के लिए गाइडलाइन (Guideline) जारी की है. यूपी पुलिस (UP Police) की तरफ से जारी दिशा निर्देश के मुताबिक सभी लोगों को घर में ही नमाज अदा करनी होगी. मस्जिद में सामूहिक नमाज अदा नहीं की जाएगी.

सावन के आखिरी सोमवार को ही बकरीद पड़ रही है, लिहाजा पुलिस ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिये हैं. कहा गया है कि कुर्बानी खुले में नहीं होगी, साथ ही प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी नहीं दी जाएगी. धर्मगुरुओं से भी अपील की गई है कि वे इस गाइडलाइन के बाबत लोगों को अवगत कराएं.

बकरीद के लिए जारी गाइडलाइन

गैर मुस्लिम स्थानों पर कुर्बानी के अवशेष न हों
गाइडलाइन में कहा गया है कि गैर मुस्लिम स्थलों व क्षेत्रों में कुर्बानी के अवशेष न हों, इसे भी सुनिश्चित किया जाए. ऐसी स्थिति में विवाद उत्पन्न हो सकता है. लिहाजा विशेष सतर्कता बरतनी जरूरी है.

बकरीद के दौरान, किसी भी समय सूर्य पूरी तरह से उगने से ठीक पहले जुहर समय (दिन की चौथी प्रार्थना) के बाद प्रार्थना की जा सकती है. इस साल, कोरोनोवायरस महामारी के कारण देश के कई हिस्सों में बकरीद के त्योहार की रौनक थोड़ी फीकी पड़ सकती है. कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से अहमदाबाद में, सार्वजनिक स्थानों पर पशु बलि या शहर में पशु जुलूसों को प्रतिबंधित किया गया है. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here