भारत में रिकवरी रेट 64.44 प्रतिशत, पिछले हफ्ते रोजाना ठीक हुए 34,000 लोग | nation – News in Hindi

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गुजरात में कोरोना का आंकड़ा 52 हजार के पार, अहमदाबाद में 25,000 लोग संक्रमित

नई दिल्ली. भारत में एक दिन में पहली बार कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के 50,000 से ज्यादा नए मामले सामने आए जिसके बाद गुरुवार को देश में कुल संक्रमितों की संख्या 15,83,792 हो गई. वहीं संक्रमण से स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या भी 10 लाख के पार हो गई. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) की ओर से सुबह आठ बजे जारी आंकड़ों के अनुसार देश में पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 52,123 नए मामले सामने आए हैं, जबकि इसी अवधि में 775 लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या 34,968 हो गई. स्वास्थ्य मंत्रालय देश में कोरोना वायरस की वर्तमान स्थिति पर प्रेस ब्रीफिंग की.

पढ़ें हाईलाइट्स:

>> 80 प्रतिशत मामलों में यह जरूरी होता है कि 48 घंटे के भीतर संक्रमित के कॉटैक्ट्स की जांच कर संक्रमण की दर कम की जाती है. दिल्ली में भी इसी के आधार पर काम किया गया जिसके चलते यहां लगातार मामले कर हो रहे हैं.

>>टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट के फॉर्मूले पर काम करते हुए संक्रमण को कम करने में मदद मिल रही है.>> देश में कोविड-19 से अब तक जान गंवाने वाले स्वास्थ्यकर्मियों में से 31 को अब तक 15 लाख का बीमा दिया गया है जिसमें से 20 लोगों को ये राशि दी जा चुकी है.

>> अनलॉक-3 में जिम, योग संस्थान खोले जाने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय को लेकर जल्द ही मानक संचालन प्रक्रिया जारी की जाएगी.

>> विश्व में 24 वैक्सीन उम्मीदवार क्लीनिकल इवैल्यूएशन में हैं. यानी कि ह्यूमन ट्रायल के विभिन्न चरणों में हैं. तीन वैक्सीन कैंडिडेट तीसरे चरण में हैं, इसमें एक अमरीका, दूसरी ऑक्सफोर्ड ब्रिटेन और तीसरी चीन में हैं. भारत में 2 वैक्सीन कैंडिडेट ह्यूमन ट्रायल कर रहे हैं. जब भी कोई वैक्सीन बनेगी या तैयार होगी तो भारत की इसमें बहुत बड़ी भूमिका होगी. वैक्सीन को बांटने को लेकर कई विकल्पों पर विचार हो रहा है.

>>हर्ड इम्यूनिटी के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्रालय के एसओडी राजेश भूषण ने कहा कि हर्ड इम्यूनिटी तब बनती है जो या तो वैक्सीन के जरिए या फिर एंटीबॉडी के जरिए बनती है. यानी कि पहले बीमारी होने के बाद लोग उससे ठीक हो चुके हैं. भारत में हर्ड कम्यूनिटी बनाना भारत जैसे देश के लिए बहुत जटिल है. इसलिए हर्ड कम्यूनिटी का प्रयोग करना संभव नहीं है.

>> 21 राज्यों में हफ्ते के औसत के हिसाब से देखें तो यहां हफ्ते के आधार पर पॉजिटिविटी 10 प्रतिशत से कम हो रही है. 4 राज्यों में हर हफ्ते के हिसाब से 5 प्रतिशत पॉजिटिविटी रेट है. 10 राज्यों में ये औसत काफी ज्यादा है.

>> देश में प्रतिदिन 10 लाख की जनसंख्या पर 324 टेस्ट हो रहे हैं. कई राज्य डब्लूएचओ की गाइडलाइन से ज्यादा टेस्ट कर रहे हैं.

>> भारत में टेस्टिंग की सुविधाओं को बढ़ाया गया है. देश में 1 करोड़ 81 हजार से ज्यादा लोगों की जांच की जा चुकी है. एक महीने में लगभग 1 करोड़ टेस्ट ज्यादा किये गए है. इसकी वजह ये भी है कि देश में टेस्टिंग लैब की संख्या बढ़ाई गई है. जुलाई की शुरुआत में 2 लाख 40 हजार टेस्ट हो रहे थे, इस हफ्ते में 4 लाख 68 हजार टेस्ट किये गए हैं. इसी हफ्ते में तीन दिन 5 लाख से ज्यादा जांचे की गई हैं.

>>विश्व की तुलना में भारत में मृत्यु दर 2.21 है, रूस को छोड़कर बाकी बड़े देशों में मृत्यु दर भारत से कहीं ज्यादा है जो कि विकसित देशों की तुलना में सबसे कम है.

>> देश के कई राज्यों में मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत की तुलना में काफी कम है. राज्यों को इंफेक्शन की दर कम करने और मृत्यु दर कम रखने के निर्देश दिए गए हैं.

>> देश में एक्टिव केस की संख्या में लगातार कम हो रही है. एक्टिव केस और रिकवर्ड केस के बीच काफी अंतर आ चुका है. मृत्यु दर में भी कमी आ रही है.

>> भारत में कोविड-19 केस लोड एक्टिव मामलों की संख्या है न कि कुल मामलों यानी कि 15 लाख मामलों की संख्या. रिकवर्ड केस, एक्टिव केसों की तुलना में 1.9 गुना अधिक हैं.

>> 16 राज्यों और केंद्र प्रशासित प्रदेशों में रिकवरी रेट राष्ट्रीय स्तर के रिकवरी रेट से ज्यादा है.

>> जुलाई के पहले सप्ताह 14 हजार से 800 रिकवरी प्रतिदिन होती थीं पिछले हफ्ते 34 हजार रिकवरी प्रतिदिन हुई हैं. अप्रैल में यह 7 प्रतिशत था जो कि अब ये बढ़कर 64.44 प्रतिशत हो गया है.

>> स्वास्थ्य मंत्रालय के ओएसजी राजेश भूषण ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत से देश में अब तक 10 लाख 20 हजार से ज्यादा लोग गुरुवार सुबह तक ठीक हो गए हैं.

देश में कोविड-19 के 5,28,242 मरीजों का इलाज चल रहा है. कोविड-19 मरीजों के स्वस्थ होने की दर 64.44 फीसदी है तथा मृत्युदर 2.21 फीसदी है. कुल संक्रमितों की संख्या में विदेशी नागरिक भी शामिल है. अब तक देश में 1.8 करोड़ जांच हो चुकी है. भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार 29 जुलाई तक 1,81,90,382 नमूनों की जांच हुई. वहीं 4,46,642 नमूनों की जांच बुधवार को हुई.

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