तेजस्वी सूर्या ने ओवैसी से पूछा- क्या राष्ट्रपति, मुख्यमंत्रियों की इफ्तार पार्टियां धर्मनिरपेक्ष थीं? | nation – News in Hindi

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तेजस्वी सूर्या ने ओवैसी से पूछा- क्या राष्ट्रपति, मुख्यमंत्रियों की इफ्तार पार्टियां धर्मनिरपेक्ष थीं?

तेजस्वी सूर्या भाजपा के तेजतर्रार नेताओं में गिने जाते हैं

असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने कहा था कि प्रधानमंत्री (PM) को आधिकारिक रूप से पांच अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन (Ram Mandir Bhoomi Pujan) समारोह में शामिल नहीं होना चाहिए और वह व्यक्तिगत रूप से इसमें भाग ले सकते हैं.

बेंगलुरु. राम मंदिर भूमि पूजन (Ram Mandir Bhoomi Pujan) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के शामिल होने पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM chief Asaduddin Owaisi) की आपत्ति पर पलटवार करते हुए भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या (BJP MP Tejashwi Surya) ने कहा कि जब राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री इफ्तार पार्टी (Iftar party) आयोजित करते हैं तो क्या वह धर्म-निरपेक्षता (Secularism) होती है.

भारतीय जनता युवा मोर्चा (Bharatiya Janata Yuva Morcha) की कर्नाटक इकाई (Karnataka unit) के महासचिव सूर्या ने यह भी कहा कि उन्हें ‘रजाकारों से संविधान’ की सीख की जरूरत नहीं है. उन्होंने ट्वीट (Tweet) किया, ‘‘जब भारत के राष्ट्रपति और राज्यों के मुख्यमंत्री आधिकारिक पदों (Official Posts) पर रहते हुए सरकारी आवासों में इफ्तार पार्टी आयोजित कर रहे थे, तब आपकी धर्मनिरपेक्षता कहां थी? मंदिर गिराकर मस्जिद (Mosque) बनाई गयी थी. उस गलती को अब सुधारा जा रहा है. हमें संविधान (Constitution) के सबक रजाकारों (Razakars) से सीखने की जरूरत नहीं है.’’

ओवैसी ने कहा था- भूमि पूजन में शामिल होने से PM की संवैधानिक शपथ का उल्लंघन होगा
बेंगलुरु दक्षिण से लोकसभा सदस्य सूर्या मंगलवार को ओवैसी द्वारा दिये गये बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे. ओवैसी ने कहा था कि प्रधानमंत्री को आधिकारिक रूप से पांच अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन समारोह में शामिल नहीं होना चाहिए और वह व्यक्तिगत रूप से इसमें भाग ले सकते हैं.हैदराबाद के सांसद ने दावा किया था कि समारोह में मोदी के शामिल होने से उनकी संवैधानिक शपथ का उल्लंघन होगा.

राम मंदिर के भूमि पूजन के अवसर पर 5 अगस्त को अयोध्या जा सकते हैं पीएम मोदी
ओवैसी ने ट्वीट किया था, ‘‘आधिकारिक रूप से भूमि पूजन में शामिल होना प्रधानमंत्री की संवैधानिक शपथ का उल्लंघन होगा. धर्मनिरपेक्षता संविधान की मूल संरचना का हिस्सा है.’’

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श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों के अनुसार मोदी राम मंदिर के निर्माण के प्रारंभ के लिहाज से भूमि पूजन के लिए पांच अगस्त को अयोध्या जा सकते हैं.

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