A Lot Mla Of Sachin Pilot Camp Are In Contact With Us: Avinash Pande – सचिन पायलट खेमे के कई विधायक कांग्रेस के संपर्क में हैं : अविनाश पांडे

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A Lot Mla Of Sachin Pilot Camp Are In Contact With Us: Avinash Pande - सचिन पायलट खेमे के कई विधायक कांग्रेस के संपर्क में हैं : अविनाश पांडे

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Updated Mon, 27 Jul 2020 10:21 PM IST

कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री अविनाश पांडे, राजस्थान
– फोटो : ANI

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कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री अविनाश पांडे ने सोमवार को कहा कि राजस्थान में जारी गतिरोध के बीच पार्टी सभी उपलब्ध लोकतांत्रिक उपायों का इस्तेमाल करेगी। उन्होंने कहा कि पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट खेमे के कई विधायक कांग्रेस नेताओं के संपर्क में हैं। पांडे ने यहां संवावददाताओं से कहा, ‘हम पूरे गांधीवादी तरीके और शांतिपूर्ण ढंग से जितने भी उपाय लोकतंत्र में मौजूद हैं, उनका इस्तेमाल करेंगे।’

उल्लेखनीय है कि राज्य की अशोक गहलोत सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना चाहती है लेकिन उसके इस आशय के प्रस्ताव को राज्यपाल कलराज मिश्र दो बार कुछ ‘बिंदुओं’ के साथ लौटा चुके हैं। आगे की कार्रवाई के बारे में पांडे ने कहा, ‘जैसे कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संकेत दिया है कि आवश्यकता पड़ी तो, सभी जनप्रतिनिधियों के साथ राष्ट्रपति के सामने जाकर उनसे भी गुहार लगाएंगे और लोकतंत्र की रक्षा करेंगे।’

इसके साथ ही पांडे ने कहा कि सचिन पायलट खेमे के कुछ विधायक कांग्रेस नेताओं के संपर्क में हैं। एक सवाल के जवाब में पांडे ने कहा, ‘निश्चित रूप से कई विधायक संपर्क में हैं।’ कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने ऐसे विधायकों की संख्या तीन बताई है लेकिन पांडे ने कहा, ‘यह संख्या अधिक भी हो सकती है।’

पांडे ने कहा कि गहलोत सरकार से बगावत कर गए विधायक अगर अपनी गलतियों को मानते हुए माफी मांगते हैं और पार्टी आलाकमान के सामने अपनी चिंताएं रखते हैं तो निश्चित रूप से उन्हें आने वाले समय में कांग्रेस में सम्मान दिया जा सकता है।

‘यह लड़ाई न्याय और अन्याय की है’
पांडे ने कहा, ‘यह लड़ाई न्याय और अन्याय की है, यह लड़ाई लोकतंत्र और षडयंत्र की है इसमें निश्चित रूप से विजय सत्य की होगी.. विजय लोकतंत्र की होगी.. विजय संविधान की होगी।’ क्या राजभवन का रिमोट कहीं ओर से संचालित होता है, यह पूछे जाने पर पांडे ने कहा, ‘निश्चित रूप से जिस प्रकार यह घटनाक्रम है … इतिहास में कभी भी राज्यपाल ने मंत्रिमंडल की अनुशंसा, सरकार की अनुशंसा पर कभी प्रश्न नहीं उठाया। तो इस प्रकार की एक नई प्रथा पहली बार जो शुरू की गई है यह लोकतंत्र के लिये भी खतरे की घंटी है।’

वहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गांविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि विधानसभा सत्र बुलाने के लिए राज्य मंत्रिमंडल के प्रस्ताव को बार बार लौटाकर राज्यपाल अपने पद की गरिमा गिराने वाली बात कर रहे हैं। डोटासरा ने कहा, ‘राज्यपाल का गरिमा का पद है उसका हम सब सम्मान करते है। जब कैबिनेट का कोई प्रस्ताव चला जाता है तो उनके पास कोई विकल्प नहीं है।’

डोटासरा ने कहा, ‘जो अलोकतांत्रिक रवैया राज्यपाल ने अपना रखा है उसे राजस्थान की जनता और देश की जनता देख रही है।’  बसपा से कांग्रेस में आए छह विधायकों को बसपा की ओर से व्हिप मामले में डोटासरा ने कहा कि इस सारे प्रकरण में भाजपा का हाथ है।

कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री अविनाश पांडे ने सोमवार को कहा कि राजस्थान में जारी गतिरोध के बीच पार्टी सभी उपलब्ध लोकतांत्रिक उपायों का इस्तेमाल करेगी। उन्होंने कहा कि पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट खेमे के कई विधायक कांग्रेस नेताओं के संपर्क में हैं। पांडे ने यहां संवावददाताओं से कहा, ‘हम पूरे गांधीवादी तरीके और शांतिपूर्ण ढंग से जितने भी उपाय लोकतंत्र में मौजूद हैं, उनका इस्तेमाल करेंगे।’

उल्लेखनीय है कि राज्य की अशोक गहलोत सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना चाहती है लेकिन उसके इस आशय के प्रस्ताव को राज्यपाल कलराज मिश्र दो बार कुछ ‘बिंदुओं’ के साथ लौटा चुके हैं। आगे की कार्रवाई के बारे में पांडे ने कहा, ‘जैसे कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संकेत दिया है कि आवश्यकता पड़ी तो, सभी जनप्रतिनिधियों के साथ राष्ट्रपति के सामने जाकर उनसे भी गुहार लगाएंगे और लोकतंत्र की रक्षा करेंगे।’

इसके साथ ही पांडे ने कहा कि सचिन पायलट खेमे के कुछ विधायक कांग्रेस नेताओं के संपर्क में हैं। एक सवाल के जवाब में पांडे ने कहा, ‘निश्चित रूप से कई विधायक संपर्क में हैं।’ कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने ऐसे विधायकों की संख्या तीन बताई है लेकिन पांडे ने कहा, ‘यह संख्या अधिक भी हो सकती है।’

पांडे ने कहा कि गहलोत सरकार से बगावत कर गए विधायक अगर अपनी गलतियों को मानते हुए माफी मांगते हैं और पार्टी आलाकमान के सामने अपनी चिंताएं रखते हैं तो निश्चित रूप से उन्हें आने वाले समय में कांग्रेस में सम्मान दिया जा सकता है।

‘यह लड़ाई न्याय और अन्याय की है’
पांडे ने कहा, ‘यह लड़ाई न्याय और अन्याय की है, यह लड़ाई लोकतंत्र और षडयंत्र की है इसमें निश्चित रूप से विजय सत्य की होगी.. विजय लोकतंत्र की होगी.. विजय संविधान की होगी।’ क्या राजभवन का रिमोट कहीं ओर से संचालित होता है, यह पूछे जाने पर पांडे ने कहा, ‘निश्चित रूप से जिस प्रकार यह घटनाक्रम है … इतिहास में कभी भी राज्यपाल ने मंत्रिमंडल की अनुशंसा, सरकार की अनुशंसा पर कभी प्रश्न नहीं उठाया। तो इस प्रकार की एक नई प्रथा पहली बार जो शुरू की गई है यह लोकतंत्र के लिये भी खतरे की घंटी है।’

वहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गांविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि विधानसभा सत्र बुलाने के लिए राज्य मंत्रिमंडल के प्रस्ताव को बार बार लौटाकर राज्यपाल अपने पद की गरिमा गिराने वाली बात कर रहे हैं। डोटासरा ने कहा, ‘राज्यपाल का गरिमा का पद है उसका हम सब सम्मान करते है। जब कैबिनेट का कोई प्रस्ताव चला जाता है तो उनके पास कोई विकल्प नहीं है।’

डोटासरा ने कहा, ‘जो अलोकतांत्रिक रवैया राज्यपाल ने अपना रखा है उसे राजस्थान की जनता और देश की जनता देख रही है।’  बसपा से कांग्रेस में आए छह विधायकों को बसपा की ओर से व्हिप मामले में डोटासरा ने कहा कि इस सारे प्रकरण में भाजपा का हाथ है।

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