विदेशमंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी रक्षामंत्री ऑस्टिन के बीच मुलाकात, इन मुद्दों पर हुई चर्चा

विदेश मंत्री ने इस मुद्दे पर भारत के साथ काम करने की अमेरिका की वचनबद्धता के लिए बाइडन प्रशासन की तारीफ की. ANI

EAM S Jaishankar: जयशंकर और ऑस्टिन ने अफगानिस्तान में शांति समझौते की प्रक्रिया और जमीनी हालात पर भी अपने विचार रखे.

नई दिल्ली. विदेश मंत्री एस. जयशकंर ने शनिवार को अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन का विदेश मंत्रालय में स्वागत करते हुए कई मुद्दों पर चर्चा की. दोनों नेताओं के बीच वैश्विक रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा करते हुए भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाने पर जोर दिया. ANI ने सूत्रों के हवाले से कहा कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी रक्षा मंत्री के बीच हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक स्थिति पर भी बात की और भारतीय विदेशमंत्री के पूर्वी एशिया के दौरे के बारे में भी अमेरिकी पक्ष को जानकारी दी गई. सूत्रों के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच अफगानिस्तान के मुद्दे पर विस्तार से बात हुई. जयशंकर और ऑस्टिन ने अफगानिस्तान में शांति समझौते की प्रक्रिया और जमीनी हालात पर भी अपने विचार रखे. विदेश मंत्री ने इस मुद्दे पर भारत के साथ काम करने की अमेरिका की वचनबद्धता के लिए बाइडन प्रशासन की तारीफ की.

सूत्रों के मुताबिक अमेरिकी रक्षामंत्री ने कहा, “दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के लिए मानवाधिकार और मूल्य बेहद महत्वपूर्ण है और हम इन मूल्यों के आधार पर आगे बढ़ेंगे.” भारतीय विदेश मंत्री ने ऑस्टिन से सहमति जताते हुए कहा कि भारत और अमेरिका के बीच मजबूत रिश्ता ना केवल दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है. इससे पहले अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने शनिवार को कहा था कि भारत और अमेरिका के बीच रक्षा साझेदारी को नये मुकाम पर ले जाना बाइडन प्रशासन की प्राथमिकता है.

साथ ही, उन्होंने देशों के बीच संबंधों को स्वतंत्र एवं खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया. ऑस्टिन ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ कई मुद्दों पर विस्तृत वार्ता करने के बाद कहा कि भारत तेजी से बदल रहे अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में एक बहुत महत्वपूर्ण साझेदार बनता जा रहा है और अमेरिका क्षेत्र के प्रति अपने रुख के आधार स्तम्भ के तौर पर भारत के साथ एक अग्रगामी रक्षा साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध है.

ऑस्टिन शुक्रवार को तीन दिनों के दौरे पर यहां पहुंचे. वह तीन देशों की यात्रा के तहत भारत आए हैं. उनके इस दौरे से बाइडन प्रशासन के हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपने करीबी सहयोगियों और साझेदारों के साथ संबंधों की मजबूत प्रतिबद्धता का संकेत मिलता है. ऑस्टिन ने भारत से पहले जापान और दक्षिण कोरिया की यात्रा की.




Source link

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
2,734FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -

Latest Articles