रेलवे ने उठाया बड़ा कदम, बड़े स्टेशनों पर ज्वलनशील पदार्थों की बुकिंग का पता लगाने में जुटी

उत्तर रेलवे ने सभी मंडलों और उनके बड़े रेलवे स्टेशनों पर ज्वलनशील पदार्थों को जांचने के लिए गहन अभियान शुरू क‍िया है. (File Photo)

Parcel Van Fire Incident: उत्तर रेलवे ने अपने सभी मंडलों और बड़े रेलवे स्टेशनों पर ऐसे ज्वलनशील पदार्थों को जांचने के लिए एक गहन अभियान शुरू कर दिया है. बताया जाता है कि नई दिल्ली-लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस के पार्सल वैन में भी आग की घटना के बाद जांच में एसिड आधारित बैटरी आइटम, ब्लूटूथ, ज्वलनशील वस्तुओं के जलने का स्रोत, मोबाइल क्लीनर द्रव्य जैसे अनेक प्रतिबंधित सामान घटनास्थल से बरामद किये थे.

नई दिल्ली. नई दिल्ली-लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 2004 के पार्सल वैन में गत शनिवार को आग लग गई थी. घटना की जांच में रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त (समन्वय) दिल्ली के नेतृत्व वाली 3 टास्क टीमें जुटी हुई हैं.

इस घटना के बाद से उत्तर रेलवे ने अपने सभी मंडलों और बड़े रेलवे स्टेशनों पर ऐसे ज्वलनशील पदार्थों को जांचने के लिए एक गहन अभियान शुरू कर दिया है. बताया जाता है कि नई दिल्ली-लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस के पार्सल वैन में भी आग की घटना के बाद जांच में एसिड आधारित बैटरी आइटम, ब्लूटूथ, ज्वलनशील वस्तुओं के जलने का स्रोत, मोबाइल क्लीनर द्रव्य जैसे अनेक प्रतिबंधित सामान  घटनास्थल से बरामद किये थे. इस सामान को आग लगने की बड़ी वजह माना गया है जिसमें आरपीएफ ने एक लोडिंग पार्टी के मैनेजर ज्ञानेंद्र पांडे को गिरफ्तार भी किया है.

इसके बाद से अब इस तरह की बुकिंग गलत तरीके से करने वालों पर भी शिंकजा कसना शुरू कर दिया है.अब रेलवे अपने सभी डिविजनों और उनके अंतर्गत आने वाले बड़े रेलवे स्टेशनों पर इनका पता लगाने की छापेमारी की जा रही है.

इस तरह कूरियर के रूप में भेजे जाने वाली इन ज्वलनशील वस्तुओं को पता लगाने के लिए ही गहन अभियान छेड़ा गया है. इस तरह का अभियान यात्री सुरक्षा को सुनिश्चित करने और रेल संपत्ति को नुकसान पहुंचने से बचाने के लिए काफी अहम माना जा रहा है. इस तरह के अभियान से रेलवे आगे किसी प्रकार की अप्रिय घटना को घटित होने से रोक सकेगा.गत शनिवार को घटित हुई थी पार्सल वैन में आग लगने की घटना

बताते चलें कि गत शनिवार को नई दिल्ली-लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस के गाजियाबाद स्टेशन पर पहुंचने पर सुबह 6:45 पर पार्सल वैन में आग लगने की सूचना मिली थी. हालांकि ट्रेन में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली थी. घटना की सूचना मिलते ही  रेलवे के आला अफसर भी मौके पर पहुंच गए थे और ट्रेन के पार्सल वैन को हटाकर ट्रेन को सुबह 8:20 पर गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया था.

तीन टीमें घटना की अलग-अलग तरीके से कर रही है जांच

रेलवे ने इस मामले की जांच के लिए टास्क फोर्स गठित कर तेजी से जांच के‌ लिये जिन 3 टीमों को गठित किया गया था उनमें पहली टीम गाजियाबाद स्टेशन पर घटनास्थल के लिए, दूसरी टीम नई दिल्ली पार्सल कार्यालय के लोडिंग पॉइंट के लिए और तीसरी टीम सीसीटीवी, सबूत इकट्ठा करने और जांच एवं गिरफ्तारी के लिए बनाईं.

मामले में गिरफ्तार ज्ञानेंद्र पांडे पुत्र त्रिवेणी प्रसाद पांडे के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 153, 163 और 164 के तहत ट्रेन में यात्रियों की जान को खतरे में डालने, ट्रेन में ज्वलनशील पदार्थ लोडिंग कराने और गलत जानकारी देने के मामले में अलग-अलग धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है.




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