बच्चों ने दीदी ओ दीदी बोलकर की प्रधानमंत्री की मिमिक्री, PM मोदी ने दिया ऐसा रिएक्शन

पीएम मोदी ने अपनी रैली में बच्चों के वायरल वीडियो का किया जिक्र

West Bengal Assembly Elections: पीएम मोदी ने अपनी रैली में बच्चों के ‘दीदी ओ दीदी’ बोलते हुए वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि किसी ने मुझे वॉट्सऐप पर वीडियो भेजा है जिसमें छोटे-छोटे बच्चे ‘दीदी ओ दीदी’ कह रहे हैं.

नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Election) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) का दीदी ओ दीदी का डायलॉग खूब चर्चा में है. सोशल मीडिया पर बच्चों का वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें कि बच्चे दीदी ओर दीदी कहते दिख रहे हैं. इसकी लोकप्रियता इस हद तक पहुंच गई है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी रैली में भी इसका जिक्र किया. पीएम मोदी ने अपनी चुनावी रैली में कहा कि “मैं जब दीदी ओ दीदी बोल रहा हूं तब भी उनको गुस्सा आ रहा है, इसमें गुस्सा करने की क्या बात है?”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “मैं जब यह बोल रहा हूं कि दीदी ओ दीदी, उससे भी उनको गुस्सा आया, यह गुस्सा करने की क्या चीज है, मैं तो हैरान हूं. मुझे किसी ने वो वॉट्सऐप भेजे हैं, सैकड़ों बच्चे, कोई तीन साल का, कोई चार साल का कोई पांच साल का वो खुद मोबाइल पर अपनी वीडियो बनाकर रखी हुई है बच्चों ने और बोल रहे हैं दीदी ओ दीदी, बंगाल के हर घर का बच्चा दीदी ओ दीदी बोलना शुरू कर दिया है.”

बंगाल में पीएम मोदी की ताबड़तोड़ रैलियां
इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को राज्य में ताबड़तोड़ चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नंदीग्राम में ‘‘क्लीन बोल्ड’’ हो गईं और चार चरणों का मतदान संपन्न होने के बाद उनकी पारी भी समाप्त हो गई. उन्होंने कहा कि और इस ‘‘बौखलाहट’’ में वह हिंसा पर उतारू हो गई हैं तथा इसके जरिए ‘‘लोकतंत्र को लूटने’’ की साजिश कर रही हैं.वर्द्धमान में पहली चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने क्रिकेट में इस्तेमाल होने वाली शब्दावलियों का प्रयोग कर ममता बनर्जी पर हमला बोला तो कल्याणी पहुंचने पर उन्होंने कूचबिहार की हिंसा को ‘दीदी’ के ‘मास्टर प्लान’ का हिस्सा बता दिया और फिर बारासात में दिन की आखिरी रैली में आरोप लगाया कि पिछले पंचायत चुनावों की तरह वह इस बार भी विधानसभा चुनावों में हिंसा और अशांति फैलाकर ‘‘लोकतंत्र को लूटने’’ की साजिश रच रही हैं.

इन रैलियों के दौरान प्रधानमंत्री ने एक तृणमूल कांग्रेस नेता द्वारा अनुसूचित जाति के लोगों के कथित अपमान का मुद्दा भी उठाया, मतुआ संप्रदाय के लोगों को साधने और साथ ही महिला मतदाताओं को भी सुरक्षा का वादा कर उन्हें लुभाने की कोशिश की.

दिन की पहली रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ‘‘मां, माटी और मानुष’’ का वादा कर 10 साल पहले सत्ता में आई थीं लेकिन उन्होंने ‘‘मां को सताओ, माटी को लूटो और मानुष का रक्त बहाओ’’ का रास्ता चुना तथा बांटों और शासन करो की नीति अपनाई.

उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव आगे बढ़ रहा है ममता बनर्जी की कड़वाहट, उनका क्रोध और उनकी बौखलाहट बढ़ती ही जा रही है.





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