बंगाल विधानसभा चुनावः 8वें चरण की 35 सीटों पर कौन मारेगा बाजी? बीरभूम पर रहेंगी निगाहें

बीरभूम जिले में पिछले सभी चरणों के मुकाबले इस चरण में सबसे ज्यादा सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है. फाइल फोटो (पिक्चर क्रेडिट- CEOWestBengal Twitter)

West Bengal Assembly Election 2021 last phase voting today: 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने बीरभूम में अपनी जगह बनाई और पांच विधानसभा क्षेत्रों में टीएमसी पर बढ़त हासिल कर ली.

अमन शर्मा नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Election 2021) के आखिरी चरण में गुरुवार को 35 सीटों पर वोटिंग होगी, लेकिन फोकस बीरभूम जिले की 11 सीटों पर है. इस जिले को बंगाल का सबसे ज्यादा हिंसा प्रभावित वाला इलाका माना जाता है, जहां सबकी निगाहें तृणमूल कांग्रेस के बाहुबली नेता अनुब्रत मंडल पर हैं. क्योंकि ऐसा लगातार तीसरी बार होने जा रहा है, जब चुनाव आयोग ने अनुब्रत मंडल को 62 घंटे के लिए केंद्रीय सैन्य पुलिस बल की कड़ी निगरानी में डाल रखा हो, जब बीरभूम में मतदान होने वाला है. ऐसा 2016 और 2019 के चुनाव में हो चुका है. बावजूद इसके अनुब्रत मंडल ने बुधवार को तीन घंटे के लिए सैन्य पुलिस बलों को चकमा दे दिया, हालांकि बाद में सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें ट्रैक कर लिया. सीबीआई ने इसी हफ्ते पशु तस्करी मामले में पूछताछ के लिए मंडल को नोटिस जारी किया है. अनुब्रत मंडल बीरभूम जिले में टीएसी के जिला अध्यक्ष हैं, जिन्हें ममता बनर्जी का बेहद करीबी माना जाता है. टीएमसी के साथ अनुब्रत मंडल की घनिष्ठता का इस बात से लगाया जा सकता है कि तमाम विवादों और मंडल के खिलाफ राजनीतिक हत्याओं के आरोपों के बावजूद पार्टी ने उन्हें नहीं निकाला. मंडल पिछले तीन दशक से राजनीति में हैं, लेकिन ममता बनर्जी ने सार्वजनिक तौर पर हमेशा उनका बचाव किया. हालांकि टीएमसी में रहने के बावजूद अनुब्रत मंडल ने कभी चुनाव नहीं लड़ा. बंगाल विधानसभा चुनाव के पिछले सभी चरणों के मुकाबले इस चरण में सबसे ज्यादा सुरक्षा कर्मियों को बीरभूम जिले में तैनात किया गया है. पश्चिम बंगाल पुलिस ने हिंसा की आशंका के मद्देनजर आधा दर्जन से ज्यादा वरिष्ठ अधिकारियों को खासतौर पर बीरभूम में ड्यूटी पर लगाया गया है. दूसरी ओर बीजेपी ने बीरभूम की लड़ाई को स्वाभिमान की लड़ाई में बदल दिया है. पार्टी ने बीरभूम के चुनाव को रबीन्द्रनाथ टैगोर की धरती और स्थान बनाम अनुब्रत मंडल का गुंडाराज में बदलने की कोशिश की है.2016 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने बीरभूम की 11 सीटों में से 9 पर जीत हासिल की थी. लेकिन, 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने बीरभूम में अपनी जगह बनाई और पांच विधानसभा क्षेत्रों में टीएमसी पर बढ़त हासिल कर ली. इस इलाके में बीजेपी राजनीतिक हत्या, भ्रष्टाचार और टीएमसी के अनुब्रत मंडल द्वारा टैगोर के बीरभूम को बदनाम करने का मुद्दा लगातार उठाती रही है. बीरभूम जिला, टैगोर के अलावा सोमनाथ चटर्जी, अमर्त्य सेन और प्रणब मुखर्जी से भी करीबी तौर पर जुड़ा है. बीरभूम के अलावा मुर्शिदाबाद की 11 सीटें, कोलकाता की सात और मालदा की 6 सीटों पर भी आठवें चरण में वोटिंग होगी. माना जा रहा है कि इन इलाकों में टीएमसी का प्रदर्शन अच्छा रह सकता है. कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर के चलते चुनाव आयोग ने बड़ी रैलियों और रोड शो पर पिछले सप्ताह पाबंदी लगा दी थी, जिसकी वजह से आठवें चरण में राजनीतिक पार्टियों को प्रचार करने का कुछ खास मौका नहीं मिल पाया.

हालांकि आखिरी चरण की वोटिंग पर अनुब्रत मंडल का साया स्पष्ट तौर पर देखा जा सकता है.





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