प्रियंका गांधी ने CM योगी आदित्यनाथ को लिखा पत्र, दी ये 10 सलाह

प्रियंका गांधी वाड्रा ने सीएम योगी को पत्र लिखकर कोरोना के संबंध में 10 सुझाव दिए हैं. (पीटीआई फाइल फोटो)

Lucknow News: प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया है, ‘पूरी दुनिया में कोरोना से जंग चार स्तंभों पर टिकी है- जांच, उपचार, ट्रैकिंग व टीकाकरण. यूपी में जांचें बहुत कम हैं. ग्रामीण इलाकों में न के बराबर हैं. टीकाकरण की गति धीमी है. मैंने मुख्यमंत्री जी को पत्र के माध्यम से कुछ सकारात्मक सुझाव दिए हैं. आशा है वे इन पर अमल करेंगे.”

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण (COVID=-19) को नियंत्रित करने के लिए एक तरफ योगी सरकार हर संभव कोशिश कर रही है. चाहे वह ऑक्सीजन की उपलब्धता हो या बेड की व्यवस्था, दवाओं और जीवनरक्षक इंजेक्शन की मांग पूरी करनी हो या एंबुलेंस आदि की व्यवस्था, सरकार हर मोर्चे पर लगातार कोशिश कर रही है. इस बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने कोरोना संक्रमण को लेकर 10 सलाह दी हैं. इनमें सरकार से लोगों, दलों और संस्थाओं को मदद के लिए प्रोत्साहित करने के साथ ही कोरोना से मौत के आंकड़ो को छुपाने के बजाय पारदर्शिता के साथ सच बताने की सलाह दी गई है.

इस संबंध में प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया है, ‘पूरी दुनिया में कोरोना से जंग चार स्तंभों पर टिकी है- जांच, उपचार, ट्रैकिंग व टीकाकरण.  यूपी में जांचें बहुत कम हैं. ग्रामीण इलाकों में न के बराबर हैं. टीकाकरण की गति धीमी है. मैंने मुख्यमंत्री जी को पत्र के माध्यम से कुछ सकारात्मक सुझाव दिए हैं. आशा है वे इन पर अमल करेंगे.”

प्रियंका गांधी का ट्वीट

प्रियंका की सलाह

  1. सभी स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स के कल्याण के लिए एक समर्पित आर्थिक पैकेज की घोषणा की जाए.

    1. सभी बंद किये जा चुके कोविड अस्पतालों और देखभाल केंद्रों को फिर से तुरंत अधिसूचित करें और युद्ध स्तर पर ऑक्सीजन-युक्त बेड की उपलब्धता बढ़ाएं. प्रादेशिक सेवा से सेवानिवृत्त हुए सभी चिकित्साकर्मियों, मेडिकल व पैरा-मेडिकल स्टाफ को उनके घरों के पास स्थित अस्पतालों में काम करने के लिए बुलाया जाए.
    2. कोरोना संक्रमण एवं मौत के आंकड़ों को ढंकने, छुपाने के बजाय श्मशान, कब्रिस्तान और नगरपालिका निकायों से परामर्श कर पारदर्शिता से लोगों को बताया जाए.
    3. आरटी-पीसीआर जांच की संख्या बढ़ाएं. सुनिश्चित करें कि कम से कम 80 प्रतिशत जांच आरटीपीसीआर द्वारा हों. ग्रामीण क्षेत्रों में नये जांच केंद्र खोलें और पर्याप्त जांच किटों की खरीद तथा प्रशिक्षित कर्मचारियों से उनकी मदद करें.
    4. आँगनबाड़ी और आशा कर्मियों की मदद से ग्रामीण इलाकों में दवाओं व उपकरणों की कोरोना किट बंटवाई जाए, ताकि लोगों को सही समय पर शुरूआती दौर में ही इलाज व दवाई मिल सके और अस्पताल जाने की नौबत ही न आये. जीवनरक्षक दवाइयों की कालाबाजारी पर रोक लगाई जाए. महत्वपूर्ण जीवन रक्षक दवाइयों के रेट फिक्स किए जाएं.
    5. ऑक्सीजन के भण्डारण की एक नीति तुरंत बनायी जाए ताकि आपात स्थिति के लिए हर जिला मुख्यालय पर ऑक्सीजन का रिजर्व भण्डार तैयार हो सके. हर ऑक्सीजन टैंकर को पूरे राज्य भर में एम्बुलेंस का स्टेटस दिया जाए ताकि परिवहन आसान हो सके.
    6. इस संकट के चलते बंदिशों का दंश झेल रहे सभी गरीबों, श्रमिकों, रेहड़ी पटरी वाले और देश के अन्य राज्यों से अपनी रोजी-रोटी छोड़कर घर लौटने वाले गरीबों को नकद आर्थिक मदद की जाए.
    7. प्रदेश में युद्ध स्तर पर तुरंत वैक्सीनेशन की शुरुआत हो। प्रदेश की 60 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण करने के लिए यूपी को कम से कम 10,000 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी, जबकि इसके लिए उसे केवल 40 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं. इसलिए मैं आपसे बुलंदशहर में बने भारत इम्युनोलॉजिकल एंड बायोलॉजिकल कॉर्पोरेशन में टीके के निर्माण की संभावना तलाशने का आग्रह करती हूं.
    8. कोरोना की पहली लहर से बुनकर, कारीगर, छोटे दुकानदार, छोटे कारोबार तबाह हो चुके हैं. दूसरी लहर में उन्हें कम से कम कुछ राहत जैसे बिजली, पानी, स्थानीय टैक्स आदि में राहत दी जाए ताकि वे भी खुद को संभाल सकें.
    9. यह सबकी मदद लेने, सबका साथ देने, सबका हाथ थामने का समय है. इस समय आपकी सरकार को लोगों, दलों और संस्थाओं को आगे आने और मदद करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए.

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