पंजाबः अमरिंदर कैबिनेट में नवजोत सिद्धू की वापसी की अटकलों से चर्चाओं का बाजार गर्म

अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के रिश्तों में तनाव उस समय बढ़ गया, जब मई 2019 में मुख्यमंत्री ने उन पर स्थानीय प्रशासन विभाग को सही ढंग से हैंडल ना करने का आरोप लगाया. @INCPunjab

Navjot Singh Siddhu: कांग्रेस की कोशिश सिद्धू को अमरिंदर के डिप्टी के रूप में स्थापित करना है, और पार्टी पंजाब में इस समीकरण के जरिए अपनी लीडरशिप को मजबूती देना चाहती है.

चंडीगढ़. पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू ने बुधवार को चाय पर बैठक की. समझा जाता है कि दोनों नेताओं ने राज्य मंत्रिमंडल में अमृतसर पूर्व सीट से विधायक की कैबिनेट में वापसी पर चर्चा की. पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस विधायक सिद्धू की राज्य मंत्रिमंडल में वापसी की अटकलों के बीच चंडीगढ़ के समीप मुख्यमंत्री के मोहाली स्थित फार्म हाउस पर करीब 40 मिनट तक दोनों नेताओं के बीच बैठक चली. सिद्धू ने मुख्यमंत्री द्वारा अहम विभाग वापस ले लिये जाने के बाद मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था. मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार ने ट्विटर पर दोनों नेताओं की एक साथ फोटो साझा की, जो उनके बीच संबंधों में सुधार आने का संकेत है. समझा जाता है कि इस बैठक में अमृतसर पूर्व के विधायक की मंत्रिमंडल में वापसी पर चर्चा हुई. लेकिन, इस बारे में अबतक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.

सिद्धू पंजाब के खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी के साथ मोहाली के सिसवान में इस फार्म हाउस पर गये थे. सोढ़ी ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच किसी तरह का गिला शिकवा नहीं है और दोनों नेताओं ने बैठक में एक दूसरे को गले लगाया. सिद्धू से जब स्थानीय निकाय विभाग वापस ले लिया गया था, तब उन्होंने 2019 में मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था. पिछले कुछ समय से दोनों नेताओं के बीच संबंध ठीक नहीं थे. तब से उन दोनों के बीच यह दूसरी बैठक है. पहली बैठक नवंबर में हुई थी और इसे मुख्यमंत्री द्वारा संबंध सुधारने की दिशा में उठाये गये एक कदम के रूप में देखा गया था.

सिद्धू को उपमुख्यमंत्री बनाने पर विचार
पार्टी नेताओं ने बताया कि कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व सिद्धू को उनके इस्तीफे के बाद से ही पुनर्वास की कोशिश में जुटा है. पंजाब मामलों के कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत उन्हें अहम पद देने पर दबाव बना रहे हैं. सिद्धू दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मिले थे. कांग्रेस पार्टी का शीर्ष नेतृत्व पंजाब में नवजोत सिंह सिद्धू को उपमुख्यमंत्री बनाने पर विचार कर रहा है, ताकि विधानसभा चुनावों से पहले उन्हें पार्टी में एडजस्ट कर चीजों को स्थिर किया जा सके.मई 2019 के बाद बढ़ा तनाव

माना जा रहा है कि पार्टी की कोशिश सिद्धू को अमरिंदर के डिप्टी के रूप में स्थापित करना है, और कांग्रेस पंजाब में इस समीकरण के जरिए अपनी लीडरशिप को मजबूती देना चाहती है. वैसे सिद्धू को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त करने की की भी चर्चा है. अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के रिश्तों में तनाव उस समय बढ़ गया, जब मई 2019 में मुख्यमंत्री ने उन पर स्थानीय प्रशासन विभाग को सही ढंग से हैंडल ना करने का आरोप लगाया.

अमरिंदर ने सिद्धू पर लगाया आरोप
अमरिंदर का आरोप था कि सिद्धू के सही ढंग से काम न करने के चलते लोकसभा चुनाव के दौरान शहरी इलाकों में कांग्रेस का प्रदर्शन ठीक नहीं रहा. बाद में अमरिंदर ने सिद्धू से स्थानीय प्रशासन और टूरिज्म का विभाग छीन लिया और उन्हें नवीन और रिन्यूएबल एनर्जी विभाग सौंप दिया गया. अहम विभाग छीनते ही सिद्धू और अमरिंदर के बीच बातचीत बंद हो गई.

पाकिस्तान दौरे को लेकर नाराज रहे अमरिंदर

हालांकि सिद्धू के पाकिस्तान दौरे को लेकर भी अमरिंदर ने नाखुशी जताई थी. दरअसल प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ ग्रहण में हिस्सा लेने सिद्धू पाकिस्तान गए और वहां जाकर उन्होंने पाकिस्तानी सेना के प्रमुख कमर जावेद बाजवा को गले लगाया. सिद्धू द्वारा बाजवा को गले लगाए जाने का भारत में काफी विरोध हुआ.

बाद में 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान सिद्धू और उनकी पत्नी ने अमरिंदर सिंह पर टिकट काटने का आरोप लगाया. सिद्धू की पत्नी अमृतसर या चंडीगढ़ से टिकट चाहती थी, लेकिन निराशा हाथ लगी थी.




Source link

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
2,733FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -

Latest Articles