जंगल में कीचड़ से सने रास्तों पर चलाई जीप, 15KM का पैदल सफर… इस तरह आम लोगों से मिलने पहुंचे अरुणाचल के CM

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू मियाओ से विजयनगर जाने के दौरान रास्ते में. (Pema Khandu Twitter)

Arunachal Pradesh CM Pema Khandu: कीचड़ और जंगल से गुजरते हुए 157 किलोमीटर की दूरी तय कर मियाओ से विजयनगर तक पहुंचने में पेमा खांडू को दो दिन लगे.

ईटानगर. अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू (Pema Khandu) को सोशल मीडिया पर काफी तारीफें मिल रही हैं. और ऐसा हो भी क्यों ना… आखिर उन्होंने विजयनगर में रहने वाले लोगों से मिलने के लिए कई मुश्किलों भरा रास्ता जो तय किया. पेमा खांडू ने खुद अपने ट्विटर अकाउंट पर इस यात्रा के बारे में जानकारी दी है. इस यात्रा की कई तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी है, जिसमें वह खुद भी गाड़ी चलाते नजर आ रहे हैं. इस दौरान वे अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ मिलकर कीचड़ में फंसी अपनी गाड़ी को निकालने भी दिखते हैं.

27 मार्च को इस यात्रा से जुड़ी तस्वीरों को साझा करते हुए उन्होंने ट्वीट में लिखा, “ऐसे स्थान पर जा रहा हूं जहां पहुंचना काफी मुश्किल है. मियाओ से विजयनगर तक की 157 किलोमीटर की यात्रा के पहले दिन से जुड़ी तस्वीरें. कई मौकों पर मंजूरी मिलने के बाद भी पिछले काफी सालों से इस पूरे रास्ते पर सड़क नहीं बिछाई जा सकी है, लेकिन मार्च 2022 तक इस सड़क पर गाड़ियों की आवाजाही होने लगेगी.”

पेमा खांडू ने अपनी इस यात्रा का वीडियो शेयर करते हुए एक अन्य ट्वीट में कहा, “पहुंच से दूर एक स्थान पर हमारी पहुंचने के सफर की कहानी… कीचड़ और जंगल से गुजरते हुए 157 किलोमीटर की दूरी तय कर हमें मियाओ से विजयनगर तक पहुंचने में दो दिन लगे. विजयनगर एक बेहद ही खूबसूरत घाटी है जो कि तीन तरफ से म्यांमार से घिरा है.”

दरअसल विजयनगर जाने के लिए कोई सड़क नहीं है, जिसकी वजह से यहां के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है और इसीलिए मुख्यमंत्री पेमा खांडू उनकी समस्याओं को सुनने के लिए खुद ही वहां पहुंचे. मुख्यमंत्री ने वहां के लोगों से वादा भी किया कि जल्द ही यहां सड़कें तैयार की जाएंगी, ताकि लोगों को आवाजाही में कोई परेशानी ना आए.इस सफर की खास बात यह रही कि रास्ते में आने वाली मुश्किलों को उन्होंने ना सिर्फ झेला, बल्कि उनका सामना भी किया. एक जगह पर उनकी जीप जंगल के बीच कीचड़ में फंस गई, तो वे खुद ड्राइवर सीट पर बैठ गए और गाड़ी को गड्ढे से निकालने की कोशिश करने लगे. कीचड़ में फंसी गाड़ी को निकालने के लिए सुरक्षाकर्मियों के साथ उन्होंने गाड़ी को धक्का भी लगाया. इतना ही नहीं विजयनगर पहुंचने के दौरान उन्होंने 15 किलोमीटर का सफर पैदल तय किया.





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