कोरोना महामारी की तीसरी लहर के लिये महाराष्ट्र कर रहा तैयारी, उद्धव ने अधिकारियों को दिए निर्देश

कोरोना

मुंबई. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने गुरूवार को जिला अधिकारियों से कोरोना महामारी की तीसरी लहर की आशंका को ध्यान में रखकर नये ऑक्सीजन प्लांट और दवाइयों को स्टॉक करके रखने के लिये योजना बनाने को कहा. एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार मुख्यमंत्री ने जिला आयुक्तों, संभाग आयुक्तों और नगर आयुक्तों से वर्चुअल बैठक में कोरोना महामारी से उपजे हालात का जायजा लिया. उन्होंने कहा ,‘तीसरी लहर को रोकने के लिये टीकाकरण में तेजी लानी होगी. हमने 18 से 44 वर्ष की उम्र के लोगों को मुफ्त टीके लगाने का ऐलान किया है लेकिन उसकी आपूर्ति की योजना बनानी होगी.’ उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित करने के लिये अनुमति दी जा चुकी है और जिला प्रशासन को सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य के लिये ऑक्सीजन का स्टॉक रहे. इससे पहले राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा था कि महाराष्ट्र में जुलाई या अगस्त में कोरोना महामारी की तीसरी लहर आ सकती है. महाराष्ट्र में गुरूवार को कोरोना संक्रमण के 66159 नये मामले दर्ज किये गए और 771 लोगों की मौत हो गई. टीकाकरण धीमा होने से तीसरी लहर का सामना करना पड़ सकता है : विशेषज्ञवहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुधवार को यह चेतावनी जारी दी कि महाराष्ट्र में टीकाकरण की धीमी गति से राज्य में संक्रमण की तीसरी लहर आ सकती है. . यह चेतावनी तब जारी की गई है जब महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि वह पर्याप्त संख्या में टीका उपलब्ध नहीं होने के कारण 18 से 44 वर्ष के लोगों का टीकाकरण एक मई से शुरू नहीं करने जा रही है. स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे महाराष्ट्र के लिए पर्याप्त संख्या में टीके की उपलब्धता नहीं होने पर पहले ही चिंता जता चुके हैं. महाराष्ट्र महामारी से बुरी तरह प्रभावित राज्य है और वहां वर्तमान लाभार्थियों (45 वर्ष से ऊपर के लोग) के लिए टीके की कमी की खबर है जिससे वहां टीकाकरण की गति धीमी है. कोविड-19 पर सही तरीके से तभी लगाम कसी जा सकता है जब टीकाकरण के योग्य दो-तिहाई आबादी को टीका लगाया जाए. राज्य स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘महाराष्ट्र में टीका लगाने योग्य नौ करोड़ लोगों में से महज 1.50 करोड़ लोगों को अभी तक टीका लग सका है, जो बहुत कम है.’
उन्होंने चेतावनी दी, ‘अगर हमने टीकाकरण की गति तेज नहीं की तो जब लोग नौकरी या अन्य कामों के लिए बाहर निकलेंगे तो इससे कोविड-19 की तीसरी लहर आ सकती है.’ उन्होंने कहा, ‘दिसंबर में दी गई छूट से लोग लापरवाह हो गए और इससे फरवरी से कोविड-19 की दूसरी लहर शुरू हो गई. हम अब भी इससे पीड़ित हैं.’ स्वास्थ्य विभाग ने कहा, ‘अगर हमने बड़ी आबादी का टीकाकरण नहीं किया तो हम तीसरी लहर को निमंत्रण दे रहे हैं.’





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