कोरोना के बाद अब डेंगू और मलेरिया का खतरा, गर्मी से बढ़ने लगे मामले

शहर में मच्छरों (Mosquitoes) की संख्या तेजी से बढ़ना एक खतरनाक संकेत माना जा रहा है. एक तरफ कोरोना दूसरी तरफ डेंगू और मलेरिया का खतरा भी बढ़ने के आसार हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

इस समय दो चुनौतियां अलग-अलग हैं. पहला कोरोना से बचाव के उपाय करना, दूसरा डेंगू और मलेरिया जैसी वैक्‍टर बोर्न डिजीज के प्रति भी सावधान रहना और बचाव के उपाय करना.

नई दिल्‍ली. एक ओर देश कोरोना (Corona) से जूझ रहा है वहीं होली गुजरने के बाद मौसम में हुए बदलाव ने नई परेशानी खड़ी कर दी है. देश में डेंगू (Dengue) और मलेरिया (Malaria) के मामले भी सामने आने लगे हैं. दिल्‍ली के अस्‍पतालों (Delhi Hospitals) की बात करें तो अभी तक यहां डेंगू के 14 और मलेरिया के पांच केस आए हैं. हालांकि इनमें दिल्‍ली (Delhi) के अलावा अन्‍य राज्‍यों से आए मरीज भी शामिल हैं.

कोरोना के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए जहां केंद्र और राज्‍य सरकारें तमाम इंतजाम कर रही हैं लेकिन कोरोना की आड़ में डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ गया है. स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों का भी मानना है कि पूरा फोकस भयावह बीमारी कोरोना पर है ऐसे में बाकी बीमारियां पैर पसार सकती हैं. थोड़ी सी भी लापरवाही भयंकर परिणाम दे सकती है. गर्मी बढ़ने के साथ ही डेंगू और मलेरिया के मामलों में बढ़ोत्‍तरी हो सकती है.

दिल्‍ली के साथ ही आसपास के राज्‍यों में मच्‍छरों (Mosquito) का प्रकोप बढ़ गया है. वहीं यही समय होता है जब डेंगू से बचाव के लिए इंतजाम किए जाते हैं और घरों में रखे साफ पानी में मच्‍छर न पनपने देने की कोशिश की जाती है. नगर निगमों की ओर से इलाकों में फॉगिंग (Fogging) की जाती है. लेकिन मिली जानकारी के अनुसार दिल्‍ली के अलावा एनसीआर के नगर निगमों में मौजूद स्‍टाफ पहले से ही कोरोना से बचाव के लिए सेनिटाइजेशन (Sanitization) के काम में लगा है, ऐसे में फॉगिंग नहीं हो पा रही है. लिहाजा हालात चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं.

कोरोना के साथ डेंगू या मलेरिया होना खतरनाक आईसीएमआर (ICMR) में डॉ. एन के अरोड़ा कहते हैं कि पिछले कुछ दिनों में देश में ऐसे भी मामले सामने आए जब कोरोना से पीड़‍ित व्‍यक्ति को डेंगू भी हो गया था. हालांकि ऐसा होना बहुत ही दुर्लभ है. कभी भी प्रकृति इतनी क्रूर नहीं होती कि एक ही व्‍यक्ति को सभी बीमारियां दे दे लेकिन इस मसले पर लापरवाही भारी पड़ सकती है. इसके अलावा हाल ही में कोरोना के कई वैरिएंट सामने आए हैं. ऐसे में अगर व्‍यक्ति अलग-अलग वैरिएंट से बीमार हो सकता है तो कोरोना के साथ मलेरिया या डेंगू होना असंभव तो नहीं है.

डॉ. अरोड़ा कहते हैं कि इसके बावजूद लोगों को मलेरिया और डेंगू से बचाव के लिए उपाय करने चाहिए. इस समय दो चुनौतियां अलग-अलग हैं. पहला कोरोना से बचाव के उपाय करना, दूसरा डेंगू और  मलेरिया जैसी वैक्‍टर बोर्न डिजीज (Vector Borne Disease) के प्रति भी सावधान रहना और बचाव के उपाय करना.

सैनिटाइजेशन से नहीं मरते मच्‍छर

लोगों का मानना है कि कोरोना के चलते किए जा रहे सैनिटाइजेशन (Sanitization) से ही मच्‍छर भी मर जाते हैं इसलिए कोई परेशानी नहीं है लेकिन यहां समझने की चीज है कि सैनिटाइजर से मच्‍छर नहीं मरते बल्कि सिर्फ वायरस का प्रभाव खत्‍म होता है. मच्‍छरों को मारने के लिए फॉगिंग ही जरूरी है. इसके अलावा घरों में भी उपाय किए जा सकते हैं. ये अलग-अलग बीमारियां हैं और इनके उपाय भी अलग-अलग हैं.





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