कोरोना की लहर रोकने के लिए गृह मंत्रालय ने दिए निर्देश, आपका जिला बन सकता है कंटेनमेंट जोन; यहां पढ़ें नियम

Coronavirus In India: केंद्र ने आदेश दिया है कि जिन जिलों में कोविड-19 () के ज्यादा मामले हैं, वहां वायरस के प्रसार को रोकने के लिये गहन और स्थानीय कंटेंनमेंट जोन (containment zone) बनाने जैसे उपाय किए जाएं.

Coronavirus In India: केंद्र ने आदेश दिया है कि जिन जिलों में कोविड-19 () के ज्यादा मामले हैं, वहां वायरस के प्रसार को रोकने के लिये गहन और स्थानीय कंटेंनमेंट जोन (containment zone) बनाने जैसे उपाय किए जाएं.

नई दिल्ली. केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को शुक्रवार को आदेश दिया कि जिन जिलों में कोविड-19 (Coronavirus In India) के ज्यादा मामले हैं, वहां वायरस के प्रसार को रोकने के लिये गहन और स्थानीय कंटेंनमेंट जोन (containment zone) बनाने जैसे उपाय किए जाएं . गृह मंत्रालय (home ministry) ने महामारी को देखते हुए मई महीने के लिए जारी नए दिशा-निर्देश में देश में कहीं भी लॉकडाउन लगाने के बारे में कुछ नहीं कहा है. इसने राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से कहा कि उन जिलों की पहचान करें जहां या तो कोविड-19 संक्रमण की दर दस फीसदी से अधिक है या जहां पिछले एक हफ्ते में बिस्तर भरने की दर 60 फीसदी से अधिक है. गृह मंत्रालय ने कहा कि इनमें से किसी भी मानक को पूरा करने वाले जिले को गहन और स्थानीय कंटेंनमेंट जोन बनाने के उपायों के लिए विचार किया जा सकता है. MOHFW की सलाह को भी आदेश में जोड़ा गृह मंत्रालय के आदेश के साथ सामुदायिक कंटेंनमेंट जोन और बड़े कंटेंनमेंट जोन जैसे इलाके बनाने की रूपरेखा लागू करने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की सलाह को भी इसमें जोड़ा गया है. बयान में कहा गया कि कोविड-19 प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय दिशानिर्देश पूरे देश में कड़ाई से लागू रहेगा. गृह मंत्रालय का आदेश 31 मई तक प्रभावी रहेगा.गृह मंत्रालय ने कहा कि महामारी की वर्तमान लहर से निपटने के लिए वायरस के प्रसार की रोकथाम पर ध्यान केंद्रित करना होगा. जिन क्षेत्रों में संक्रमण के मामलों की संख्या अधिक है, ऐसी जगहों पर आवश्यक सेवाओं को छोड़कर रात के समय में लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक आदि कार्यक्रमों में भीड़ एकत्र करने पर रोक रहेगी. शादी समारोह में अधिकतम 50 लोग जबकि अंतिम संस्कार में 20 लोग शामिल हो सकते हैं.

सार्वजनिक परिवहन अपनी 50 फीसदी क्षमता के साथ संचालित किए जा सकते हैं. गृह मंत्रालय ने राज्यों से स्वास्थ्य ढांचे संबंधी आकलन करने को भी कहा है ताकि वर्तमान एवं आने वाले समय में (अगले एक महीने में) संक्रमण के मामलों का प्रबंधन किया जा सके और मरीजों को आवश्यकतानुसार पर्याप्त संख्या में बिस्तर, ऑक्सीजन, आईसीयू बिस्तर, एम्बुलेंस और वेंटिलेटर जैसी सुविधाएं मुहैया कराई जा सकें.





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